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गाजियाबाद: इस्तेमाल किए हुए हैंड ग्लव्स ऐसे धोकर बेचते थे आरोपी, जानिए कहां से लाते थे इन्हें
Wed, 05 May 2021 08:26 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 05 May 2021 08:26 PM IST
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हैंड ग्लव्स को रिसाइकिल कर बेचने वाले गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी स्थित इस्तेमाल हैंड ग्लव्स को रिसाइकल कर बेचने वाली फैक्टरी पर बुधवार सुबह पुलिस ने छापा मारा है। पुलिस ने फैक्टरी से संचालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फैक्टरी से करीब 15 लाख की कीमत के दो ट्रक हैंड ग्लव्स, चार मशीनें बरामद हुए हैं। इस खबर में जानिए कि आखिर कहां से आरोपी इस्तेमाल किए हुए हैंड ग्लव्स लाते थे और कैसे ये इसे साफ कर बेचते थे...
ऐसे करते थे रिसाइकिल
संचालक अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के अस्पतालों से संपर्क करते हैं। वहां से फ्री और बहुत कम पैसे में इस्तेमाल सर्जिकल हैंड ग्लव्स गाड़ियों में लाते थे। यहां लाकर वह एक वाशिंग की मशीन में धोते थे, फिर धुलाई की मशीन में डालकर पानी में खंगालते थे। इसके बाद वह एक सुखाने की मशीन पर इन सर्जिकल हैंड ग्लव्स को डालते थे। सूखने के बाद मजदूरी पर लाई महिलाओं से डब्बों में पैक कराते थे। यहां से संचालक दिल्ली के भगीरत पैलेस स्थित होल सेल की दुकानों पर बेचते थे।
रिसाइकल कर साढ़े तीन रुपये का ग्लव्स बेचते थे
पुलिस के अनुसार आरोपी अस्पतालों से फ्री में लाते थे। रिसाइकल कर उन्हें डब्बों में पैक करते थे। एक डब्बे में 100 हैंड ग्लव्स होते थे। वह मार्केट में 350 रुपये का डिब्बा बेचते थे। जबकि फ्रैश डिब्बे की कीमत करीब 550 रुपये होती है। पुलिस ने मौके से 98 कट्टे सर्जिकल हैंड ग्लव्स, 60 कट्टे धुले हुए, 800 पैकेट बाक्स, दो धुलाई की मशीन, एक सुखाने की मशीन, एक वासिंग की मशीन समेत अन्य सामान बरामद किए है।
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कोरोना से एक आरोपी की महिला और बहन की मौत
अस्पतालों से इस्तेमाल हैंड ग्लव्स लाने पर कोरोना वायरस फैलने का खतरा बना रहा है। संचालक और उसके साथियों को कोरोना इतना भी भय नहीं था कि वह कोरोना ला रहे है। इनकी लापरवाही से इनके परिवार में कोरोना वायरस फैल रहा है। एक आरोपी परवेज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि करीब 15 दिनों पहले कोरोना वायरस के चलते उसकी मां की मौत हो गई थी। वहीं करीब 20 दिनों पूर्व कोरोना से ही उसकी बहन की मौत हो गई थी।
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ऐसे करते थे रिसाइकिल
संचालक अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के अस्पतालों से संपर्क करते हैं। वहां से फ्री और बहुत कम पैसे में इस्तेमाल सर्जिकल हैंड ग्लव्स गाड़ियों में लाते थे। यहां लाकर वह एक वाशिंग की मशीन में धोते थे, फिर धुलाई की मशीन में डालकर पानी में खंगालते थे। इसके बाद वह एक सुखाने की मशीन पर इन सर्जिकल हैंड ग्लव्स को डालते थे। सूखने के बाद मजदूरी पर लाई महिलाओं से डब्बों में पैक कराते थे। यहां से संचालक दिल्ली के भगीरत पैलेस स्थित होल सेल की दुकानों पर बेचते थे।
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रिसाइकल कर साढ़े तीन रुपये का ग्लव्स बेचते थे
पुलिस के अनुसार आरोपी अस्पतालों से फ्री में लाते थे। रिसाइकल कर उन्हें डब्बों में पैक करते थे। एक डब्बे में 100 हैंड ग्लव्स होते थे। वह मार्केट में 350 रुपये का डिब्बा बेचते थे। जबकि फ्रैश डिब्बे की कीमत करीब 550 रुपये होती है। पुलिस ने मौके से 98 कट्टे सर्जिकल हैंड ग्लव्स, 60 कट्टे धुले हुए, 800 पैकेट बाक्स, दो धुलाई की मशीन, एक सुखाने की मशीन, एक वासिंग की मशीन समेत अन्य सामान बरामद किए है।
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कोरोना से एक आरोपी की महिला और बहन की मौत
अस्पतालों से इस्तेमाल हैंड ग्लव्स लाने पर कोरोना वायरस फैलने का खतरा बना रहा है। संचालक और उसके साथियों को कोरोना इतना भी भय नहीं था कि वह कोरोना ला रहे है। इनकी लापरवाही से इनके परिवार में कोरोना वायरस फैल रहा है। एक आरोपी परवेज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि करीब 15 दिनों पहले कोरोना वायरस के चलते उसकी मां की मौत हो गई थी। वहीं करीब 20 दिनों पूर्व कोरोना से ही उसकी बहन की मौत हो गई थी।