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गाजियाबाद: प्लॉट देने के नाम पर गाजीपुर के जेल अधीक्षक से 32 लाख ठगे
Wed, 23 Jun 2021 11:01 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 23 Jun 2021 11:01 AM IST
सार
न्यू मॉडर्न शाहदरा निवासी राजेंद्र कुमार का कहना है कि वह गाजीपुर के जेल अधीक्षक हैं। वर्ष 2018 में उनके पास नीरज गोस्वामी नाम के व्यक्ति का फोन आया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गाजियाबाद के नंदग्राम थानाक्षेत्र में प्लॉट दिलाने के नाम पर गाजीपुर के जेल अधीक्षक से 32 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि आरोपियों ने न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही रकम वापस की।
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रकम का तगादा करने पर आरोपियों ने हत्या की धमकी दे डाली। जेल अधीक्षक की तहरीर पर नंदग्राम पुलिस ने आवास विकास रिएलिटी सॉल्सूशंस कंपनी बागपत के निदेशक नीरज गोस्वामी व उसके पार्टनर मुकेश त्यागी निवासी लालकुआं, वीर सिंह त्यागी निवासी सिहानी तथा जमीन मालिक मंगत सिंह निवासी सिहानी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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न्यू मॉडर्न शाहदरा निवासी राजेंद्र कुमार का कहना है कि वह गाजीपुर के जेल अधीक्षक हैं। वर्ष 2018 में उनके पास नीरज गोस्वामी नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को आवास विकास रिएलिटी सॉल्यूशंस कंपनी बागपत का डायरेक्टर बताते हुए कहा कि वह राजनगर एक्सटेंशन में अच्छी लोकेशन पर मनोकामना रेजीडेंसी में प्लॉट व विला बनाकर बेच रहे हैं। उन्होंने लोकेशन देखकर प्लॉट या विला खरीदने के लिए आमंत्रित किया।
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राजेंद्र कुमार का कहना है कि 29 सितंबर 2018 को वह मौके पर पहुंचे। वहां नीरज गोस्वामी मिला और अपने पार्टनर समय वीर त्यागी और मुकेश त्यागी से मिलवाया। तीनों ने उन्हें सौ वर्ग गज का एक प्लॉट दिखाया, जिसका सौदा 30 लाख रुपये में तय हो गया।
29 सितंबर को नीरज गोस्वामी व उनकी पत्नी के बीच एग्रीमेंट हो गया। राजेंद्र सिंह का कहना है कि 20 सितंबर 2018 से पांच जून 2020 तक वह रजिस्ट्री की कीमत समेत 31 लाख 85 हजार रुपये अदा कर चुके हैं, लेकिन आरोपियों ने न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही उनके पैसे वापस किए। दिसंबर 2020 में रकम मांगने पर वीर सिंह त्यागी ने हत्या की धमकी दी।
आरोपियों पर दर्ज हैं 15 मुकदमे
पीड़ित जेल अधीक्षक का कहना है कि बाद में पता चला कि आरोपियों पर गाजियाबाद और मेरठ में पहले से 13 मुकदमे दर्ज हैं। वीर सिंह त्यागी ने यह भी कहा कि वह अब तक सौ से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं। जेल अधीक्षक ने एसएसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी के आदेश पर नंदग्राम पुलिस ने केस दर्ज किया। सीओ द्वितीय अवनीश कुमार का कहना है कि गाजीपुर के जेल अधीक्षक की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।