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जिले में 1021, लोनी में 36 महिलाओं को एनीमिया
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जिले में 1021, लोनी में 36 महिलाओं को एनीमिया
गाजियाबाद। जिले में डासना क्षेत्र की महिलाओं में सबसे अधिक खून की कमी है। स्वास्थ्य विभाग की पिछले दो महीने की खून की जांच रिपोर्ट यह बता रही है। इस बीच डासना में 1021 महिलाओं में खून की कमी पाई गई, जबकि सबसे कम लोनी में 36 महिलाएं एनीमिक मिलीं। जिला महिला अस्पताल में शहरी क्षेत्र की 736 महिलाओं में एनीमिया की पुष्टि हुई।
दो महीने में 2143 गर्भवती में मिली खून की कमी
मई और जून में जिले में महिला अस्पताल, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 8188 महिलाएं इलाज कराने पहुंचीं। इनमें 7743 महिलाओं ने खून की जांच कराई। रिपोर्ट में एक भी महिला ऐसी नहीं मिली, जिसका हीमोग्लोबिन सामान्य यानी 12.50 ग्राम पाया गया हो। 2143 महिलाओं में खून की कमी (एनीमिक) पाई गई। इनमें भी 152 महिलाओं में सात ग्राम से भी कम खून पाया गया। 1991 महिलाओं का हीमोग्लोबिन 7 से 10 से बीच मिला।
किशोरियां में भी खून की कमी
126 किशोरियों में खून की कमी मिली। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन और स्कूलों के बंद होने के चलते जिले के दो ब्लॉक में किशोरियों की जांच नहीं हो सकी। भोजपुर और मुरादनगर ब्लॉक में ही किशोरियों की जांच हुई। दोनों ब्लॉक में पिछले दो महीनों में सिर्फ 776 किशोरियों की जांच की गई।
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विभाग चलाता है अभियान
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता गोयल का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को खून की कमी और अन्य बीमाबरियों से बचाने के साथ उनके कोख में पल रहे बच्चे के स्वस्थ रहने के लिए गर्भावस्था से लेकर प्रसव होने के छह महीने बाद तक सभी जांच और इलाज निशुल्क किए जाते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में 1400 और ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार रुपये महिलाओं को पोषक आहार लेने के लिए दिए जाते हैं, जबकि पहला बच्चा पैदा होने पर केंद्र सरकार की मातृत्व वंदना योजना के तहत 7500 रुपये दिए जाते हैं।
इस तरह करें बचाव
अपने पाचन तंत्र का ख्याल रखें। मसालेदार भोजन के सेवन से बचें। दाल के सूप, सब्जी सूप सहित हल्का भोजन लें। एनीमिया रोगी का भोजन लोहे के बर्तनों में पकाएं. यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। भोजन के साथ चाय, कॉफी न पिएं। व्यायाम नियमित रूप से करें।
इन्हें खाने में करें शामिल
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ अशोक राना का कहना है कि खाने में पालक, बीन्स, चुकंदर, गाजर, नींबू, मटर, हरा चना, पनीर, राजमा और शिमला मिर्च, मछली, चिकन, अंडा और मटन के सेवन से भी हीमोग्लोबिन की कमी दूर होती है। सुबह उठकर अंकुरित अनाज जैसे मूंग, चना, मोठ और गेहूं इत्यादि में नींबू का रस मिलाकर खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
जांच पर एक नजर
स्वास्थ्य केंद्र - खून जांच - एनीमिक - सात ग्राम से कम खून - सात से 10 ग्राम
सीएचसी डासना - 1659 - 1021 - 49 - 972
सीएचसी लोनी - 1126 - 36 - 10 - 26
सीएचसी मोदीनगर - 615 - 82 - 02 - 80
सीएचसी मुरादनगर - 1230 - 104 - 12 - 92
जिला महिला अस्पताल - 2552 - 736 - 38 - 698
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गाजियाबाद। जिले में डासना क्षेत्र की महिलाओं में सबसे अधिक खून की कमी है। स्वास्थ्य विभाग की पिछले दो महीने की खून की जांच रिपोर्ट यह बता रही है। इस बीच डासना में 1021 महिलाओं में खून की कमी पाई गई, जबकि सबसे कम लोनी में 36 महिलाएं एनीमिक मिलीं। जिला महिला अस्पताल में शहरी क्षेत्र की 736 महिलाओं में एनीमिया की पुष्टि हुई।
दो महीने में 2143 गर्भवती में मिली खून की कमी
मई और जून में जिले में महिला अस्पताल, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 8188 महिलाएं इलाज कराने पहुंचीं। इनमें 7743 महिलाओं ने खून की जांच कराई। रिपोर्ट में एक भी महिला ऐसी नहीं मिली, जिसका हीमोग्लोबिन सामान्य यानी 12.50 ग्राम पाया गया हो। 2143 महिलाओं में खून की कमी (एनीमिक) पाई गई। इनमें भी 152 महिलाओं में सात ग्राम से भी कम खून पाया गया। 1991 महिलाओं का हीमोग्लोबिन 7 से 10 से बीच मिला।
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किशोरियां में भी खून की कमी
126 किशोरियों में खून की कमी मिली। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन और स्कूलों के बंद होने के चलते जिले के दो ब्लॉक में किशोरियों की जांच नहीं हो सकी। भोजपुर और मुरादनगर ब्लॉक में ही किशोरियों की जांच हुई। दोनों ब्लॉक में पिछले दो महीनों में सिर्फ 776 किशोरियों की जांच की गई।
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विभाग चलाता है अभियान
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता गोयल का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को खून की कमी और अन्य बीमाबरियों से बचाने के साथ उनके कोख में पल रहे बच्चे के स्वस्थ रहने के लिए गर्भावस्था से लेकर प्रसव होने के छह महीने बाद तक सभी जांच और इलाज निशुल्क किए जाते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में 1400 और ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार रुपये महिलाओं को पोषक आहार लेने के लिए दिए जाते हैं, जबकि पहला बच्चा पैदा होने पर केंद्र सरकार की मातृत्व वंदना योजना के तहत 7500 रुपये दिए जाते हैं।
इस तरह करें बचाव
अपने पाचन तंत्र का ख्याल रखें। मसालेदार भोजन के सेवन से बचें। दाल के सूप, सब्जी सूप सहित हल्का भोजन लें। एनीमिया रोगी का भोजन लोहे के बर्तनों में पकाएं. यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। भोजन के साथ चाय, कॉफी न पिएं। व्यायाम नियमित रूप से करें।
इन्हें खाने में करें शामिल
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ अशोक राना का कहना है कि खाने में पालक, बीन्स, चुकंदर, गाजर, नींबू, मटर, हरा चना, पनीर, राजमा और शिमला मिर्च, मछली, चिकन, अंडा और मटन के सेवन से भी हीमोग्लोबिन की कमी दूर होती है। सुबह उठकर अंकुरित अनाज जैसे मूंग, चना, मोठ और गेहूं इत्यादि में नींबू का रस मिलाकर खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
जांच पर एक नजर
स्वास्थ्य केंद्र - खून जांच - एनीमिक - सात ग्राम से कम खून - सात से 10 ग्राम
सीएचसी डासना - 1659 - 1021 - 49 - 972
सीएचसी लोनी - 1126 - 36 - 10 - 26
सीएचसी मोदीनगर - 615 - 82 - 02 - 80
सीएचसी मुरादनगर - 1230 - 104 - 12 - 92
जिला महिला अस्पताल - 2552 - 736 - 38 - 698
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