{"_id":"63d186b899ac575d827f87f1","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd25128528-2023-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैपिड रेल : साहिबाबाद से न्यू अशोकनगर तक 5.50 किमी सुरंग निर्माण पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैपिड रेल : साहिबाबाद से न्यू अशोकनगर तक 5.50 किमी सुरंग निर्माण पूरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रैपिड रेल : साहिबाबाद से न्यू अशोकनगर तक 5.50 किमी सुरंग निर्माण पूरा
गाजियाबाद। रैपिड रेल के 82 किमी लंबे कॉरिडोर में 12 किमी के भूमिगत भाग के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। आनंद विहार से न्यू अशोकनगर दिल्ली तक भूमिगत हिस्से की लंबाई तीन किमी तो आनंद विहार से साहिबाबाद तक सुरंग की लंबाई दो किमी है। ऐसे में साहिबाबाद से न्यू अशोकनगर तक भूमिगत हिस्से में समानांतर कुल 10 किमी में से 5.50 किमी सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से दिल्ली में भूमिगत भाग में अब तक पहले से तैयार 25,600 टनल सीमेंट के हिस्से (प्री-कास्ट सेगमेंट) का इस्तेमाल किया गया जा चुका है। दिल्ली से साहिबाबाद तक 10 किमी के भाग में सुरंग निर्माण के लिए चार टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सुदर्शन लगातार कार्य कर रही हैं। भूमिगत भाग में रैपिड रेल के आने जाने के लिए समानांतर सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में आनंद विहार से न्यू अशोकनगर के बीच करीब चार किमी सुरंग की खोदाई हो चुकी है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि कॉरिडोर के भूमिगत भाग पर निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। साहिबाबाद से न्यू अशोकनगर तक चारों टनल बोरिंग मशीन कार्य कर रही हैं।
मेरठ में भी 11 में से पांच किमी की सुरंग बनी
रैपिड रेल के मेरठ में कुल 11 किमी लंबी समानांतर सुरंग का निर्माण होना है, इसमें से करीब पांच किमी की टनल का सफलता पूर्वक काम हो चुका है। मेरठ में भैंसाली से मेरठ सेंट्रल के बीच दो किमी लंबे सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं मेरठ के बेगमपुर में 750 मीटर लंबी पहली सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यहां भी एनसीआरटीसी की ओर से अब तक पहले से तैयार 21,000 टनल सीमेंट के हिस्से (प्री-कास्ट सेगमेंट रिंग्स) का इस्तेमाल किया गया जा चुका है। सुरंग में इस्तेमाल होेने वाली टनल रिंग्स का निर्माण एनसीआरटीसी के वसुंधरा और मेरठ स्थित यार्ड में किया जा रहा है।
विज्ञापन
दिसंबर 2023 तक सुरंग का निर्माण का लक्ष्य
साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड पर रैपिड रेल का संचालन मार्च 2023 में प्रस्तावित है। दूसरी ओर दुहाई से मेरठ दक्षिण तक के दूसरे खंड पर रेल का संचालन अक्तूबर 2023 में शुरू होगा। ऐसे में एनसीआरटीसी की योजना दिसंबर 2023 तक सुरंग का निर्माण कार्य पूरा करने की है। साहिबाबाद से दिल्ली सराय काले खां तक के खंड पर रैपिड रेल का संचालन मई 2024 में शुरू होना है। वर्तमान में प्राथमिकता खंड पर हाईस्पीड टेस्टिंग ट्रायल लगातार जारी हैं। रेल को न्यूनतम 100 किमी तो अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। रैपिड रेल के 82 किमी लंबे कॉरिडोर में 12 किमी के भूमिगत भाग के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। आनंद विहार से न्यू अशोकनगर दिल्ली तक भूमिगत हिस्से की लंबाई तीन किमी तो आनंद विहार से साहिबाबाद तक सुरंग की लंबाई दो किमी है। ऐसे में साहिबाबाद से न्यू अशोकनगर तक भूमिगत हिस्से में समानांतर कुल 10 किमी में से 5.50 किमी सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से दिल्ली में भूमिगत भाग में अब तक पहले से तैयार 25,600 टनल सीमेंट के हिस्से (प्री-कास्ट सेगमेंट) का इस्तेमाल किया गया जा चुका है। दिल्ली से साहिबाबाद तक 10 किमी के भाग में सुरंग निर्माण के लिए चार टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सुदर्शन लगातार कार्य कर रही हैं। भूमिगत भाग में रैपिड रेल के आने जाने के लिए समानांतर सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में आनंद विहार से न्यू अशोकनगर के बीच करीब चार किमी सुरंग की खोदाई हो चुकी है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि कॉरिडोर के भूमिगत भाग पर निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। साहिबाबाद से न्यू अशोकनगर तक चारों टनल बोरिंग मशीन कार्य कर रही हैं।
विज्ञापन
मेरठ में भी 11 में से पांच किमी की सुरंग बनी
रैपिड रेल के मेरठ में कुल 11 किमी लंबी समानांतर सुरंग का निर्माण होना है, इसमें से करीब पांच किमी की टनल का सफलता पूर्वक काम हो चुका है। मेरठ में भैंसाली से मेरठ सेंट्रल के बीच दो किमी लंबे सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं मेरठ के बेगमपुर में 750 मीटर लंबी पहली सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यहां भी एनसीआरटीसी की ओर से अब तक पहले से तैयार 21,000 टनल सीमेंट के हिस्से (प्री-कास्ट सेगमेंट रिंग्स) का इस्तेमाल किया गया जा चुका है। सुरंग में इस्तेमाल होेने वाली टनल रिंग्स का निर्माण एनसीआरटीसी के वसुंधरा और मेरठ स्थित यार्ड में किया जा रहा है।
विज्ञापन
दिसंबर 2023 तक सुरंग का निर्माण का लक्ष्य
साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड पर रैपिड रेल का संचालन मार्च 2023 में प्रस्तावित है। दूसरी ओर दुहाई से मेरठ दक्षिण तक के दूसरे खंड पर रेल का संचालन अक्तूबर 2023 में शुरू होगा। ऐसे में एनसीआरटीसी की योजना दिसंबर 2023 तक सुरंग का निर्माण कार्य पूरा करने की है। साहिबाबाद से दिल्ली सराय काले खां तक के खंड पर रैपिड रेल का संचालन मई 2024 में शुरू होना है। वर्तमान में प्राथमिकता खंड पर हाईस्पीड टेस्टिंग ट्रायल लगातार जारी हैं। रेल को न्यूनतम 100 किमी तो अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाया जा रहा है।