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Ghaziabad News: कोहरा हुआ और घना... अब पाले से भी पड़ेगा पाला
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कोहरा हुआ और घना... अब पाले से भी पड़ेगा पाला
गाजियाबाद। सोमवार को सर्दी के इस सीजन का सबसे घना कोहरा पड़ा जो दोपहर एक बजे जाकर छंटा लेकिन शाम ढलते ही फिर से छा गया। दृश्यता शून्य रही, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। बाजार भी देर से खुले। हालांकि बादल छाए रहने से तापमान में कुछ उछाल आया। न्यूनतम तापमान सात डिग्री से एक बढ़कर आठ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया लेकिन गलन ने कंपकंपी छुड़ाए रखी। आर्द्रता 99 फीसदी दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पाला पड़ेगा।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हो सकती है। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री ही सेल्सियस रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी चार दिन तक घना कोहरा और शीतलहर जारी रहने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ का दबाव धीरे-धीरे आगे की तरफ बढ़ रहा है, इसलिए अब मौसम साफ रहने के आसार हैं। डॉ. शाही का कहना है कि हवा की गति कम होने से कोहरा और पाला पड़ने की संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. अरविंद यादव का कहना है कि पाला पड़ने पर खेत की गुड़ाई या जुताई नहीं करें। इससे मिट्टी का तापमान कम हो जाता है। कोहरा और शीतलहर से बचाने के लिए पछेती आलू, सरसों, मटर, गेहूं और चना की हल्के पानी की सिंचाई करें। सरसों में फफूंदीनाशक और कीटनाशक छिड़काव करें।
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बाजार देर से खुले, जल्दी हुए बंद
घना कोहरा होने से अधिकांश बाजार एक घंटे की देरी से खुले और रात में दस बजे तक खुलने वाले अधिकांश बाजारों में आठ बजे ही सन्नाटा पसर गया। दिन में भी बाजार में लोगों की संख्या बहुत कम रही। ग्राहक नहीं होने से दुकानदार भी सर्दी से बचाव के लिए हीटर और अलाव सेंकते नजर आए। तुराबनगर, घंटाघर, चौपला भी सुनसान दिखाई दिए।
सिर्फ गंभीर मरीज ही पहुंचे अस्पताल
सर्दी अधिक होने से अस्पतालों में भी सामान्य मरीज नहीं पहुंचे। ओपीडी में 11 बजे से 12 बजे के बीच सिर्फ एक घंटे ही लाइन लगी। जबकि सामान्य दिनों में सुबह आठ बजे से ही लाइन लग जाती है। इमरजेंसी में भी पेट दर्द, सर्दी लगने से उल्टी-दस्त, सिरदर्द के मरीज इलाज कराने पहुंचे। एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि सोमवार को अस्पताल में अधिक भीड़ होती है लेकिन कड़ाके की सर्दी होने से ओपीडी में सिर्फ 1552 मरीज इलाज के लिए आए, जबिकि सामान्य दिनों में ढाई से तीन हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं।
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गाजियाबाद। सोमवार को सर्दी के इस सीजन का सबसे घना कोहरा पड़ा जो दोपहर एक बजे जाकर छंटा लेकिन शाम ढलते ही फिर से छा गया। दृश्यता शून्य रही, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। बाजार भी देर से खुले। हालांकि बादल छाए रहने से तापमान में कुछ उछाल आया। न्यूनतम तापमान सात डिग्री से एक बढ़कर आठ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया लेकिन गलन ने कंपकंपी छुड़ाए रखी। आर्द्रता 99 फीसदी दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पाला पड़ेगा।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हो सकती है। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री ही सेल्सियस रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी चार दिन तक घना कोहरा और शीतलहर जारी रहने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ का दबाव धीरे-धीरे आगे की तरफ बढ़ रहा है, इसलिए अब मौसम साफ रहने के आसार हैं। डॉ. शाही का कहना है कि हवा की गति कम होने से कोहरा और पाला पड़ने की संभावना है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. अरविंद यादव का कहना है कि पाला पड़ने पर खेत की गुड़ाई या जुताई नहीं करें। इससे मिट्टी का तापमान कम हो जाता है। कोहरा और शीतलहर से बचाने के लिए पछेती आलू, सरसों, मटर, गेहूं और चना की हल्के पानी की सिंचाई करें। सरसों में फफूंदीनाशक और कीटनाशक छिड़काव करें।
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बाजार देर से खुले, जल्दी हुए बंद
घना कोहरा होने से अधिकांश बाजार एक घंटे की देरी से खुले और रात में दस बजे तक खुलने वाले अधिकांश बाजारों में आठ बजे ही सन्नाटा पसर गया। दिन में भी बाजार में लोगों की संख्या बहुत कम रही। ग्राहक नहीं होने से दुकानदार भी सर्दी से बचाव के लिए हीटर और अलाव सेंकते नजर आए। तुराबनगर, घंटाघर, चौपला भी सुनसान दिखाई दिए।
सिर्फ गंभीर मरीज ही पहुंचे अस्पताल
सर्दी अधिक होने से अस्पतालों में भी सामान्य मरीज नहीं पहुंचे। ओपीडी में 11 बजे से 12 बजे के बीच सिर्फ एक घंटे ही लाइन लगी। जबकि सामान्य दिनों में सुबह आठ बजे से ही लाइन लग जाती है। इमरजेंसी में भी पेट दर्द, सर्दी लगने से उल्टी-दस्त, सिरदर्द के मरीज इलाज कराने पहुंचे। एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि सोमवार को अस्पताल में अधिक भीड़ होती है लेकिन कड़ाके की सर्दी होने से ओपीडी में सिर्फ 1552 मरीज इलाज के लिए आए, जबिकि सामान्य दिनों में ढाई से तीन हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं।