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Ghaziabad News: खत्म होगी मरीजों की भागदौड़, ब्लॉक पर ही होंगी जांचें
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खत्म होगी मरीजों की भागदौड़, ब्लॉक पर ही होंगी जांचें
गाजियाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को जंाच के लिए जिला अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। जिले के चारो ब्लॉक में एक-एक पैथोलॉजी लैब बनाई जाएगी। 1.95 करोड़ की लागत से इन चारों लैब का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है।
इमरजेंसी कोविड रेस्पॉन्स प्रोगाम के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह लैब बनाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए बजट जारी कर दिया है। एक लैब को बनाने में 48.95 लाख की राशि खर्च की जाएगी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि पहले सिर्फ दो सामुदायिक केंद्रों के लिए स्वीकृति मिली थी। इसमें मुरादनगर और मोदीनगर के सामुदायिक केंद्र शामिल थे। अब डासना और लोनी के केंद्रों पर भी लैब निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इसमें पहले से ही 20 बेड के वार्ड भी बनाए जा रहे हैं जिसके बाद यह सभी सीएचसी 50 बेड का अस्पताल बन जाएगा। लैब बन जाने के बाद यह सभी सीएचसी जिला अस्पतालों की तरह काम करने लगेंगे।
तीनों जिला अस्पताल में हैं बड़े लैब
एमएमजी, संयुक्त अस्पताल और महिला अस्पताल में पहले से लैब बने हुए हैं। तीनों अस्पतालों के लैब में पैथोलॉजिस्ट भी तैनात हैं। हालांकि कई बार मशीनें खराब होने और केमिकल रिजेंट की कमी के कारण जांच प्रभावित भी हो जाती हैं।
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मोदीनगर में बनेगा 50 बेड का फील्ड अस्पताल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की इमरजेंसी कोविड रिस्पांस प्रोग्राम (ईसीआरपी) योजना के तहत मोदीनगर में 50 बेड का फील्ड अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। कार्यदायी संस्था ने शासन को तीन करोड़ 96 लाख 48 हजार इस्टीमेट बनाकर भेजा है। मोदीनगर सामुदायिक केंद्र परिसर में ही यह फील्ड अस्पताल बनाया जाएगा। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था एनबीसीसी के महाप्रबंधक ने इस्टीमेट बनाकर दिया था जिसको शासन को भेजा दिया गया है। धनराशि की स्वीकृति के बाद और किश्त जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फील्ड अस्पताल बनने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने और कोरोना जैसी महामारियों पर नियंत्रण करने में काफी मदद मिलेगी।
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गाजियाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को जंाच के लिए जिला अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। जिले के चारो ब्लॉक में एक-एक पैथोलॉजी लैब बनाई जाएगी। 1.95 करोड़ की लागत से इन चारों लैब का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है।
इमरजेंसी कोविड रेस्पॉन्स प्रोगाम के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह लैब बनाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए बजट जारी कर दिया है। एक लैब को बनाने में 48.95 लाख की राशि खर्च की जाएगी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि पहले सिर्फ दो सामुदायिक केंद्रों के लिए स्वीकृति मिली थी। इसमें मुरादनगर और मोदीनगर के सामुदायिक केंद्र शामिल थे। अब डासना और लोनी के केंद्रों पर भी लैब निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इसमें पहले से ही 20 बेड के वार्ड भी बनाए जा रहे हैं जिसके बाद यह सभी सीएचसी 50 बेड का अस्पताल बन जाएगा। लैब बन जाने के बाद यह सभी सीएचसी जिला अस्पतालों की तरह काम करने लगेंगे।
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तीनों जिला अस्पताल में हैं बड़े लैब
एमएमजी, संयुक्त अस्पताल और महिला अस्पताल में पहले से लैब बने हुए हैं। तीनों अस्पतालों के लैब में पैथोलॉजिस्ट भी तैनात हैं। हालांकि कई बार मशीनें खराब होने और केमिकल रिजेंट की कमी के कारण जांच प्रभावित भी हो जाती हैं।
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मोदीनगर में बनेगा 50 बेड का फील्ड अस्पताल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की इमरजेंसी कोविड रिस्पांस प्रोग्राम (ईसीआरपी) योजना के तहत मोदीनगर में 50 बेड का फील्ड अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। कार्यदायी संस्था ने शासन को तीन करोड़ 96 लाख 48 हजार इस्टीमेट बनाकर भेजा है। मोदीनगर सामुदायिक केंद्र परिसर में ही यह फील्ड अस्पताल बनाया जाएगा। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था एनबीसीसी के महाप्रबंधक ने इस्टीमेट बनाकर दिया था जिसको शासन को भेजा दिया गया है। धनराशि की स्वीकृति के बाद और किश्त जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फील्ड अस्पताल बनने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने और कोरोना जैसी महामारियों पर नियंत्रण करने में काफी मदद मिलेगी।