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सरकारी विभाग के 376 वाहन बढ़ा रहे प्रदूषण
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सरकारी विभाग के 376 वाहन बढ़ा रहे प्रदूषण
गाजियाबाद। जिले में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, सीबीआई, आर्डिनेंस फैक्टरी और रोडवेज सहित अन्य सरकारी विभागों के 376 वाहन सड़कों पर प्रदूषण फैला रहे हैं। ये वाहन 10 साल से पुराने हो गए हैं। समयावधि समाप्त होने के बाद भी इनके खिलाफ न तो कोई कार्रवाई होती है और न ही आरटीओ और पुलिस विभाग कोई चालान करता है। सबसे अधिक रोडवेज की 281 बस और पुलिस महकमे के 53 वाहन हैं।
दिल्ली - एनसीआर में एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के मुताबिक 10 वर्ष पुराने डीजल एवं 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों का दिल्ली- एनीसीआर में सड़कों पर संचालन प्रतिबंधित है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में निजी वाहन और डीजल के सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वायु प्रदूषण प्रबंधन आयोग ने भी बीएस-4 के सभी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है। ऐसे वाहनों से प्रदूषण का खतरा बना हुआ है।
जिले में 3.40 लाख पुराने वाहनों का परिवहन
जिले में डीजल के 10 साल पुराने 44557 और पेट्रोल के 15 साल पुराने 295657 वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं। कुल मिलाकर 340214 पुराने वाहन सड़क पर है। यह वाहन एनसीआर में प्रदूषण फैला रहे हैं।
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एनसीआर से बाहर भेजे जाएंगे मियाद पूरी कर चुके वाहन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनीराज जी. का कहना है कि जो भी वाहन दस वर्ष पूरा कर चुके हैं, उन्हें एनसीआर से बाहर भेजे जाने के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भेजी जाएंगी बसें
निगम के क्षेत्राधिकारी एके सिंह ने कहा कि जो भी निगम की बसें 10 साल से अधिक हो चुकी हैं, उनके बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है। उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भेजने के साथ ही 500 नई बसों की मांग की गई है।
वाहनों को कंडम कराने की ली गई है अनुमति
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि 16 निष्प्रयोज्य वाहनों की नीलामी की जाएगी, इसके अलावा अन्य वाहनों के निस्तारण के लिए शासन और प्रशासन को पत्र लिखा गया है।
नोटिस भेजने के साथ ही शासन को लिखा पत्र
एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखा जा रहा है। इसके अलावा जितने विभागों के वाहन 10 साल पूरा कर चुके हैं, उन्हें नोटिस भेजा जा चुका है। इसकी जानकारी शासन को भी दी गई है।
दस वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की संख्या
विभाग वाहन
रोडवेज 281 बस
एसएसपी के नाम पंजीकृत 53 वाहन
स्वास्थ्य विभाग 17 वाहन
आर्डिनेंस फैक्टरी मुरादनगर 08 वाहन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम 07 वाहन
डायरेक्टर एम्स 01 वाहन
कृषि विज्ञान केंद्र 01 वाहन
एयर फोर्स कमांडिंग 02वाहन
कमांडर सीआईएसएफ 05 वाहन
सीबीआई एसीबी 04 वाहन
एनसीआर कमिश्नर 01 वाहन
इंडियन फार्माकोपिया 01 वाहन
जेल प्रशासन मुख्यालय 01 वाहन
जिला क्षय रोग विभाग 02 वाहन
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गाजियाबाद। जिले में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, सीबीआई, आर्डिनेंस फैक्टरी और रोडवेज सहित अन्य सरकारी विभागों के 376 वाहन सड़कों पर प्रदूषण फैला रहे हैं। ये वाहन 10 साल से पुराने हो गए हैं। समयावधि समाप्त होने के बाद भी इनके खिलाफ न तो कोई कार्रवाई होती है और न ही आरटीओ और पुलिस विभाग कोई चालान करता है। सबसे अधिक रोडवेज की 281 बस और पुलिस महकमे के 53 वाहन हैं।
दिल्ली - एनसीआर में एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के मुताबिक 10 वर्ष पुराने डीजल एवं 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों का दिल्ली- एनीसीआर में सड़कों पर संचालन प्रतिबंधित है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में निजी वाहन और डीजल के सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वायु प्रदूषण प्रबंधन आयोग ने भी बीएस-4 के सभी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है। ऐसे वाहनों से प्रदूषण का खतरा बना हुआ है।
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जिले में 3.40 लाख पुराने वाहनों का परिवहन
जिले में डीजल के 10 साल पुराने 44557 और पेट्रोल के 15 साल पुराने 295657 वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं। कुल मिलाकर 340214 पुराने वाहन सड़क पर है। यह वाहन एनसीआर में प्रदूषण फैला रहे हैं।
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एनसीआर से बाहर भेजे जाएंगे मियाद पूरी कर चुके वाहन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनीराज जी. का कहना है कि जो भी वाहन दस वर्ष पूरा कर चुके हैं, उन्हें एनसीआर से बाहर भेजे जाने के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भेजी जाएंगी बसें
निगम के क्षेत्राधिकारी एके सिंह ने कहा कि जो भी निगम की बसें 10 साल से अधिक हो चुकी हैं, उनके बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है। उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भेजने के साथ ही 500 नई बसों की मांग की गई है।
वाहनों को कंडम कराने की ली गई है अनुमति
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि 16 निष्प्रयोज्य वाहनों की नीलामी की जाएगी, इसके अलावा अन्य वाहनों के निस्तारण के लिए शासन और प्रशासन को पत्र लिखा गया है।
नोटिस भेजने के साथ ही शासन को लिखा पत्र
एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखा जा रहा है। इसके अलावा जितने विभागों के वाहन 10 साल पूरा कर चुके हैं, उन्हें नोटिस भेजा जा चुका है। इसकी जानकारी शासन को भी दी गई है।
दस वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की संख्या
विभाग वाहन
रोडवेज 281 बस
एसएसपी के नाम पंजीकृत 53 वाहन
स्वास्थ्य विभाग 17 वाहन
आर्डिनेंस फैक्टरी मुरादनगर 08 वाहन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम 07 वाहन
डायरेक्टर एम्स 01 वाहन
कृषि विज्ञान केंद्र 01 वाहन
एयर फोर्स कमांडिंग 02वाहन
कमांडर सीआईएसएफ 05 वाहन
सीबीआई एसीबी 04 वाहन
एनसीआर कमिश्नर 01 वाहन
इंडियन फार्माकोपिया 01 वाहन
जेल प्रशासन मुख्यालय 01 वाहन
जिला क्षय रोग विभाग 02 वाहन
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