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रिश्वत लेने वाले सुपरवाइजर को कोर्ट ने भेजा जेल
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रिश्वत लेने वाले सुपरवाइजर को कोर्ट ने भेजा जेल
गाजियाबाद। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने संविदा भर्ती के नाम पर रिश्वत लेने वाले मेरठ कैंट बोर्ड के सेनेटरी सुपरवाइजर संजय को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीबीआई कोर्ट रिक्त होने से आरोपी संजय को सीबीआई ने लिंक कोर्ट में पेश किया था।
मेरठ के सुंदरनगर कंकरखेड़ा के निशांत ने सीबीआई गाजियाबाद शाखा में सात अक्तूबर को शिकायत की थी। निशांत ने सीबीआई को बताया था कि मेरठ कैंट बोर्ड में संविदा पर सफाई कर्मी की भर्ती निकली थी। उसमें बदजेवरा निवासी आदित्य और बाबूराम ने आवेदन किया था। भर्ती की जानकारी लेने के लिए बोर्ड में गया तो वहां पर संजय से मुलाकात हुई। संजय ने दोनों से भर्ती के नाम पर 50-50 हजार रुपये की मांग की। दोनों रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए सीबीआई में शिकायत की थी। सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने मामला दर्ज कर सोमवार को 1.10 लाख रुपये देकर संजय के पास भेजा था, जैसे ही संजय ने रुपये लिए सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
सीबीआई के अनुसार कैंट बोर्ड में 80 सफाईकर्मियों की नियुक्ति चल रही है। आरोपी कर्मचारी नियुुक्ति के लिए ही रिश्वत मांग रहा था। पहले 1.20 लाख देने की बात हुई, बाद में 1.10 लाख में सौदा तय हो गया था। सीबीआई ने जाल बिछाकर एक लाख रुपये लेकर संजय को देने के लिए भेजा था, रुपये लेते हुए संजय को सीबीआई ने दबोच लिया।
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गाजियाबाद। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने संविदा भर्ती के नाम पर रिश्वत लेने वाले मेरठ कैंट बोर्ड के सेनेटरी सुपरवाइजर संजय को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीबीआई कोर्ट रिक्त होने से आरोपी संजय को सीबीआई ने लिंक कोर्ट में पेश किया था।
मेरठ के सुंदरनगर कंकरखेड़ा के निशांत ने सीबीआई गाजियाबाद शाखा में सात अक्तूबर को शिकायत की थी। निशांत ने सीबीआई को बताया था कि मेरठ कैंट बोर्ड में संविदा पर सफाई कर्मी की भर्ती निकली थी। उसमें बदजेवरा निवासी आदित्य और बाबूराम ने आवेदन किया था। भर्ती की जानकारी लेने के लिए बोर्ड में गया तो वहां पर संजय से मुलाकात हुई। संजय ने दोनों से भर्ती के नाम पर 50-50 हजार रुपये की मांग की। दोनों रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए सीबीआई में शिकायत की थी। सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने मामला दर्ज कर सोमवार को 1.10 लाख रुपये देकर संजय के पास भेजा था, जैसे ही संजय ने रुपये लिए सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
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सीबीआई के अनुसार कैंट बोर्ड में 80 सफाईकर्मियों की नियुक्ति चल रही है। आरोपी कर्मचारी नियुुक्ति के लिए ही रिश्वत मांग रहा था। पहले 1.20 लाख देने की बात हुई, बाद में 1.10 लाख में सौदा तय हो गया था। सीबीआई ने जाल बिछाकर एक लाख रुपये लेकर संजय को देने के लिए भेजा था, रुपये लेते हुए संजय को सीबीआई ने दबोच लिया।
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