रुपये के लेनदेन में दोस्त की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। कमेटी के रुपयों के लेनदेन में दोस्त की हत्या करने वाले को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने दोषी पर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील कौशिक ने बताया कि लोनी क्षेत्र में रहने वाले इंतजार ने 23 अगस्त 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज कराते हुए इंतजार ने बताया कि था कि उसके छोटे भाई इसरार उर्फ लूरी ने मुरादनगर निवासी हसीन के साथ मिलकर कमेटी चलाया था। 15 अगस्त 2017 को कमेटी की बोली लगी थी, जिसे इसरार ने 51 हजार रुपये में उठाया था। बोली लगने के एक सप्ताह बाद भी रुपये नहीं मिले तो 22 अगस्त को इसरार अपनी मां अनीशा से यह कहकर घर से निकला था कि उसकी कमेटी पूरी हो गई है और वह अपने दोस्त हसीन से रुपये लेने जा रहा है। जल्द ही वापस आ जाएगा। इसरार घर नहीं लौटा तो अगले दिन उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के दौरान मृतक इसरार का शव और मोटरसाइकिल मुरादनगर में शहजादपुर रोड पर बरामद किया था, उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि गोली मारकर इसरार की हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने हसीन सलमान, शहजाद को नामजद कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान शहजाद और सलमान को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामले में नौ गवाह पेश किए गए।