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बिना पंजीकरण सबसे ज्यादा लोनी में चल रहे 37 मदरसे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 12:51 AM IST
सार

बिना पंजीकरण सबसे ज्यादा लोनी में चल रहे 37 मदरसेगाजियाबाद।यहां अभी तक सबसे ज्यादा 37 मदरसे बिना पंजीकरण के संचालित होते मिले हैं।इनमें तालीम देने वाले शिक्षकों की संख्या।मदरसे में लागू पाठ्यक्रम क्या है।मदरसे की आय के स्रोत की जानकारी।

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विस्तार

बिना पंजीकरण सबसे ज्यादा लोनी में चल रहे 37 मदरसे
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गाजियाबाद। मदरसों के सत्यापन के लिए किए जा रहे सर्वे का काम लोनी तहसील क्षेत्र में पूरा हो गया है। यहां अभी तक सबसे ज्यादा 37 मदरसे बिना पंजीकरण के संचालित होते मिले हैं। हालांकि मोदीनगर में भी मदरसों की बड़ी संख्या है, लेकिन यहां अभी सत्यापन का काम पूरा नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को एडीएम प्रशासन ने अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों और सभी तहसीलों के एसडीएम के साथ बैठक कर सत्यापन कार्य की समीक्षा की।
मदरसों के सत्यापन का काम पांच अक्तूबर तक पूरा कर 10 अक्तूबर से पहले शासन को रिपोर्ट भेजनी होगी। डीएम राकेश कुमार सिंह ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ तहसीलों में एसडीएम और तहसीलदार को सत्यापन कराने की जिम्मेदारी दी है। लोनी तहसील में सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि मोदीनगर और सदर तहसील में सत्यापन अब अंतिम चरण में हैं। जिले में बिना पंजीकरण कराए चल रहे मदरसों की संख्या 60 से ऊपर पहुंच सकती है।
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जिले में पंजीकृत 228 मदरसों का अब तक सत्यापन हो चुका है। हालांकि इनमें से अल्पसंख्यक विभाग के पोर्टल पर सिर्फ 148 मदरसों का नाम सूचीबद्ध है। जबकि इनके अलावा 80 मदरसे ऐसे मिले हैं, जिनका नाम पोर्टल पर नहीं है, लेकिन विभाग में उनका पंजीकरण है। जिले में करीब 250 मदरसे पंजीकृत हैं, ऐसे में अभी सत्यापन में अभी और पंजीकृत मदरसे मिल सकते हैं।
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2016 से बंद हैं पोर्टल, नए मदरसों का पंजीकरण बंद
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का ऑनलाइन पोर्टल 2016 से बंद है। यानी बीते 6 साल से इस पर किसी नए मदरसे का पंजीकरण नहीं हो रहा है। हालांकि ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत मदरसों का ब्यौरा भी अपडेट नहीं है। ऐसे में अब भौतिक सत्यापन में मिलने वाले पंजीकृत मरदसों का ब्यौरा अपडेट किया जाएगा।

डीएम आरके सिंह का कहना है कि मदरसों का सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है। पूरा होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि जिले में कितने अपंजीकृत मदरसे हैं। जल्द ही सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
इन 12 बिंदुओं पर जुटाई जा रही जानकारी
पहले कालम में मदरसे का नाम भरा जाएगा।
मदरसे को संचालित करने वाली संस्था का नाम।
मदरसे के स्थापना वर्ष की जानकारी।
मदरसा निजी भवन में चल रहा है या किराए के भवन में।
भवन तालीम लेने वालों के लिए उपयुक्त है या नहीं। पानी, फर्नीचर, बिजली, शौचालय की सुविधा है या नहीं।
मदरसे में पढ़ रहे छात्र- छात्राओं की कुल संख्या।
इनमें तालीम देने वाले शिक्षकों की संख्या।
मदरसे में लागू पाठ्यक्रम क्या है।
मदरसे की आय के स्रोत की जानकारी। आर्थिक मदद मिल रही है तो उसकी जानकारी।
यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राएं किसी अन्य शिक्षण संस्थान में रजिस्टर्ड हैं या नहीं।
गैर सरकारी संस्था या समूह से मदरसे संबद्ध हैं तो इसका विवरण ।
अंतिम कॉलम में सर्वेयर मदरसा संचालकों से मिली जानकारी पर टिप्पणी लिख सकते हैं।
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