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सड़कों पर नहीं दिखेगा कूड़ा, इंदौर की तर्ज पर बनेंगे ट्रांसफर स्टेशन
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सड़कों पर नहीं दिखेगा कूड़ा, इंदौर की तर्ज पर बनेंगे ट्रांसफर स्टेशन
गाजियाबाद। शहर की सड़कों किनारे अब कचरा नहीं दिखेगा। नगर निगम इंदौर की तर्ज पर पांचों जोन में पीपीपी मॉडल पर 300 मीट्रिक टन क्षमता का अत्याधुनिक मशीनों वाला ट्रांसफर स्टेशन बनाएगा। यह ट्रांसफर स्टेशन ऐसे होंगे कि इनमें भी कचरा सामने नहीं दिखाई देगा। कूड़ा या तो कांपैक्टिंग मशीनों में डाला जाएगा या फिर अंडरग्राउंड बनने वाले टैंक में डाला जाएगा। यहां से चारों ओर से बंद कैप्सूल वाहनों में डालकर इसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।
बीते दिनों नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार को कूड़ा निस्तारण की तकनीक को देखने और समझने इंदौर नगर निगम भेजा था। दो दिन तक उन्होंने वहां रहकर कचरा निस्तारण की मशीनों और तकनीक की जानकारी ली। नगरायुक्त ने बताया कि उसी आधुनिक तकनीक को अब गाजियाबाद में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वसुंधरा, मोहननगर, कविनगर, सिटी जोन और विजयनगर जोन में एक-एक कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा। घरों से कूड़ा कलेक्ट करके लाने वाले छोटे वाहन यहां कचरा लाकर डाल देंगे। इसे मशीनों के जरिए दबाकर कांपेक्ट किया जाएगा और फिर गाड़ियों में भरकर निस्तारण केंद्र पर लगे प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण पर करीब 5 से 7 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस खर्च को जोन में सफाई व्यवस्था संभाल रही प्राइवेट कंपनियां वहन करेंगी। यह ट्रांसफर स्टेशन जनवरी तक बनकर तैयार हो जाएंगे। गणतंत्र दिवस पर इनका शुभारंभ किया जाएगा।
मधुबन-बापूधाम में जीडीए ने दी 8000 वर्गमीटर जमीन
ट्रांसफर स्टेशन बनाने के लिए नगर निगम ने जीडीए से 8 हजार वर्ग मीटर जमीन की मांग की थी। इसके लिए बीते दिनों जीडीए वीसी राकेश कुमार सिंह और नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर की बैठक हुई थी। इस पर सहमति देकर अब जीडीए ने दो टुकड़ों में 8 हजार वर्ग मीटर जमीन निगम को देने के लिए पत्र जारी कर दिया है। इस पर बनने वाले ट्रांसफर स्टेशन पर मधुबन-बापूधाम, गोविंदपुरम के साथ-साथ पूरे कविनगर जोन का कचरा भेजा जाएगा।
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कूड़े से बनने वाली सीएनजी से दौड़ेंगे नगर निगम के वाहन
गाजियाबाद। नगर निगम गीले कचरे से बायो सीएनजी बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर प्लांट लगाएगा। इस प्लांट में रोजाना 300 टन कचरे का निस्तारण कर 10 मीट्रिक टन सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा। इसी सीएनजी से निगम के वाहन दौड़ेंगे। नगर आयुक्त का कहना है कि क्रॉसिंग रिपब्लिक के पीछे निगम की जमीन पर यह प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) जारी कर प्राइवेट कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। 3 सितंबर तक कंपनियां इसके लिए आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि जो भी कंपनी इस प्लांट को लगाएगी, वह बाजार रेट से 5 रुपये प्रति किलो कम दर पर सीएनजी नगर निगम को देगी। इस गैस को निगम अपने वाहनों में इस्तेमाल करेगा। ब्यूरो
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गाजियाबाद। शहर की सड़कों किनारे अब कचरा नहीं दिखेगा। नगर निगम इंदौर की तर्ज पर पांचों जोन में पीपीपी मॉडल पर 300 मीट्रिक टन क्षमता का अत्याधुनिक मशीनों वाला ट्रांसफर स्टेशन बनाएगा। यह ट्रांसफर स्टेशन ऐसे होंगे कि इनमें भी कचरा सामने नहीं दिखाई देगा। कूड़ा या तो कांपैक्टिंग मशीनों में डाला जाएगा या फिर अंडरग्राउंड बनने वाले टैंक में डाला जाएगा। यहां से चारों ओर से बंद कैप्सूल वाहनों में डालकर इसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।
बीते दिनों नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार को कूड़ा निस्तारण की तकनीक को देखने और समझने इंदौर नगर निगम भेजा था। दो दिन तक उन्होंने वहां रहकर कचरा निस्तारण की मशीनों और तकनीक की जानकारी ली। नगरायुक्त ने बताया कि उसी आधुनिक तकनीक को अब गाजियाबाद में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वसुंधरा, मोहननगर, कविनगर, सिटी जोन और विजयनगर जोन में एक-एक कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा। घरों से कूड़ा कलेक्ट करके लाने वाले छोटे वाहन यहां कचरा लाकर डाल देंगे। इसे मशीनों के जरिए दबाकर कांपेक्ट किया जाएगा और फिर गाड़ियों में भरकर निस्तारण केंद्र पर लगे प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण पर करीब 5 से 7 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस खर्च को जोन में सफाई व्यवस्था संभाल रही प्राइवेट कंपनियां वहन करेंगी। यह ट्रांसफर स्टेशन जनवरी तक बनकर तैयार हो जाएंगे। गणतंत्र दिवस पर इनका शुभारंभ किया जाएगा।
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मधुबन-बापूधाम में जीडीए ने दी 8000 वर्गमीटर जमीन
ट्रांसफर स्टेशन बनाने के लिए नगर निगम ने जीडीए से 8 हजार वर्ग मीटर जमीन की मांग की थी। इसके लिए बीते दिनों जीडीए वीसी राकेश कुमार सिंह और नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर की बैठक हुई थी। इस पर सहमति देकर अब जीडीए ने दो टुकड़ों में 8 हजार वर्ग मीटर जमीन निगम को देने के लिए पत्र जारी कर दिया है। इस पर बनने वाले ट्रांसफर स्टेशन पर मधुबन-बापूधाम, गोविंदपुरम के साथ-साथ पूरे कविनगर जोन का कचरा भेजा जाएगा।
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कूड़े से बनने वाली सीएनजी से दौड़ेंगे नगर निगम के वाहन
गाजियाबाद। नगर निगम गीले कचरे से बायो सीएनजी बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर प्लांट लगाएगा। इस प्लांट में रोजाना 300 टन कचरे का निस्तारण कर 10 मीट्रिक टन सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा। इसी सीएनजी से निगम के वाहन दौड़ेंगे। नगर आयुक्त का कहना है कि क्रॉसिंग रिपब्लिक के पीछे निगम की जमीन पर यह प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) जारी कर प्राइवेट कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। 3 सितंबर तक कंपनियां इसके लिए आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि जो भी कंपनी इस प्लांट को लगाएगी, वह बाजार रेट से 5 रुपये प्रति किलो कम दर पर सीएनजी नगर निगम को देगी। इस गैस को निगम अपने वाहनों में इस्तेमाल करेगा। ब्यूरो