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10 लाख घटाकर भी नहीं बिके चंद्रशिला के फ्लैट

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 01:45 AM IST
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10 लाख घटाकर भी नहीं बिके चंद्रशिला के फ्लैट
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आशुतोष यादव
गाजियाबाद। शहर के बीचोबीच मालीवाड़ा में बने चंद्रशिला अपार्टमेंट के फ्लैट के दाम 10 लाख रुपये घटाकर भी जीडीए इनकी बिक्री नहीं कर पाया है। 120 फ्लैट में से अभी तक सिर्फ 46 फ्लैटों की ब्रिकी हुई है और 74 फ्लैट खाली पड़े हैं। उसमें भी कई खरीदार फ्लैट वापस करने के लिए जीडीए में आवेदन कर चुकेहैं। अब जीडीए चंद्रशिला अपार्टमेंट की समीक्षा करने में जुटा है कि इनके रेट और कम किए जाएं या किसी एक बिल्डर को पूरा अपार्टमेंट एकमुश्त बेच दिया जाए, हालांकि अभी तक कोई बिल्डर भी इन अपार्टमेंट्स को खरीदने के लिए आगे नहीं आया है।
जीडीए द्वारा कई तरह की योजनाएं निकालने के बावजूद खरीदार आगे नहीं आ रहे हैं। मधुबन बापूधाम योजना में करीब 793 फ्लैट खाली हैं। बीते तीन साल में जीडीए सात बार स्कीम निकाल चुका है लेकिन फिर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। मधुबन बापूधाम में टू बीएचके ए-टाइप के 126.78 वर्गमीटर फ्लैट की कीमत 50.58 लाख से शुरू है। योजना में चार मंजिला 41.33 वर्ग मीटर एलआईजी भवन की कीमत 10.50 लाख व 30.72 वर्ग मीटर के ईडब्ल्यूएस की कीमत 5.40 लाख है। योजना में एलआईजी चार स्टोरी खाली भवनों की संख्या करीब 161, टू बीएचके ए टाइप फ्लैट 157, टू बीएचके बी-टाइप फ्लैट 140, थ्री बीएचके ए-टाइप फ्लैट 91, थ्री बीएचके बी-टाइप फ्लैट 100, थ्री बीएचके स्टडी ए. टाइप में 46, थ्री बीएचके स्टडी बी-टाइप में 15 और खाली ईडब्ल्यूएस भवनों की संख्या 100 के करीब है।
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चंद्रशिला के कम किए गए दाम
चंद्रशिला में पहले टू बीएचके अध्ययन कक्ष के साथ 66 लाख रुपये था, जिसे बाद में 56 लाख कर दिया गया। वहीं टू बीएचके अध्ययन कक्ष के साथ तीन बालकनी 52.44 लाख की जगह 43.14 लाख और टू बीएचके अध्ययन कक्ष के साथ चार बालकनी 52.24 लाख की जगह 44.73 लाख कर दिया गया है।
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कम कीमत व अच्छे ऑफर से निजी बिल्डरों की ओर झुकाव
मधुबन बापूधाम योजना में दो बीएचके के फ्लैट की कीमत 50 लाख से अधिक है, जबकि राजनगर एक्सटेंशन, क्रासिंग रिपब्लिक सहित अन्य योजनाओं में बिल्डरों के प्रोजेक्ट में लोगों को कम कीमत में अच्छे ऑफर मिल रहे हैं। कई बिल्डर का 50 लाख में फुल फर्निस्ड थ्री बीएचके फ्लैट दे रहे हैं। दूसरी ओर मधुबन बापूधाम में अभी ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं होने के साथ बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होना भी लोगों के किनारा करने की प्रमुख वजह है।
औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों के बढ़ रहे खरीदार
जीडीए के भवनों को खरीदने में लोग भले ही दिलचस्पी न दिखा रहे हों, मगर प्राधिकरण की औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की बढ़ती मांग राहत लेकर आई है। जीडीए की विभिन्न योजनाओं में व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियां लगातार बिक रही हैं। जीडीए की इंद्रप्रस्थ और मधुबन बापूधाम योजनाओं में कोरोना काल में बड़ी संख्या में औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्ति की बिक्री हुई है।

254 संपत्तियों की होगी नीलामी
जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी का कहना है कि 254 संपत्तियों की जल्द ही नीलामी किए जाने की योजना तैयार की जा रही है। जो संपत्तियां लंबे समय से नहीं बिकी हैं, उनकी समीक्षा की जा रही है।
जीडीए की संपत्ति नहीं बिकी संपत्ति
व्यावसायिक भूखंड - 272
आवासीय भूखंड - 31
ईडब्ल्यूएस- 595
एलआईजी- 594
एमआईजी- 1167
एचआईजी- 286
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