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बंजर जमीनों को फिर से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराएंगे अधिकारी
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बंजर जमीनों को फिर से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराएंगे अधिकारी
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई जमीनों का मुआवजा लेने में किए गए घोटाले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन रसूलपुर सिकरोड़ा और डासना क्षेत्र की पट्टे और बंजर भूमि को चिह्नित कराएगा। फर्जीवाड़ा कर बेची गई सरकारी जमीन की पैमाइश कराकर फिर से राजस्व रिकार्ड में सरकार के नाम कराया जाएगा।
इस मामले की जांच में सामने आया है कि मुआवजा घोटाला करने वाली अशोक संयुक्त सहकारी समिति और अशोक सहकारी गृह निर्माण समिति समेत तीन समितियों के माध्यम से करीब 600 बीघा जमीन की खरीद फरोख्त की गई है। न सिर्फ रसूलपुर सिकरोड़ा बल्कि डासना और अर्थला समेत कई गांवों के खसरों की जमीन को बेचा गया है। इसमें सरकारी जमीन भी बेच दी गई है। एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास का कहना है कि समितियों की ओर से जमीनों की खरीद-फरोख्त की सभी जानकारी कराई जा रही है। सरकारी जमीनों को फिर से बंजर में दर्ज कराया जाएगा। इससे पहले जमीन का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई जमीनों का मुआवजा लेने में किए गए घोटाले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन रसूलपुर सिकरोड़ा और डासना क्षेत्र की पट्टे और बंजर भूमि को चिह्नित कराएगा। फर्जीवाड़ा कर बेची गई सरकारी जमीन की पैमाइश कराकर फिर से राजस्व रिकार्ड में सरकार के नाम कराया जाएगा।
इस मामले की जांच में सामने आया है कि मुआवजा घोटाला करने वाली अशोक संयुक्त सहकारी समिति और अशोक सहकारी गृह निर्माण समिति समेत तीन समितियों के माध्यम से करीब 600 बीघा जमीन की खरीद फरोख्त की गई है। न सिर्फ रसूलपुर सिकरोड़ा बल्कि डासना और अर्थला समेत कई गांवों के खसरों की जमीन को बेचा गया है। इसमें सरकारी जमीन भी बेच दी गई है। एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास का कहना है कि समितियों की ओर से जमीनों की खरीद-फरोख्त की सभी जानकारी कराई जा रही है। सरकारी जमीनों को फिर से बंजर में दर्ज कराया जाएगा। इससे पहले जमीन का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
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