Ghaziabad: बिना रजिस्ट्री फ्लैट आवंटित करने वाले बिल्डरों की अब खैर नहीं, जिला प्रशासन करेगा कार्रवाई
गाजियाबाद में स्टांप शुल्क से मिलने वाले राजस्व का लक्ष्य 2016 में करीब 1250 करोड़ रुपये का था। छह साल में यह लक्ष्य बढ़कर करीब 2580 करोड़ रुपये हो गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में ऐसे फ्लैट बड़ी बाधा बन रहे हैं जिनमें बिना रजिस्ट्री के परिवार रह रहे हैं।
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नियम भले ही इमारत का कंप्लीशन सर्टिफिकेट (पूर्णता प्रमाण पत्र) लेने के बाद फ्लैट पर कब्जा देने का हो, लेकिन बिल्डर इसका पालन नहीं कर रहे हैं। बिना पूर्णता प्रमाण पत्र लिए ही बहुमंजिला इमारतों में आवंटियों को फ्लैटों में रहने की अनुमति दी जा रही है। ऐसे फ्लैटों की रजिस्ट्री भी नहीं कराई जा रही। ऐसा करने वाले बिल्डरों पर अब जिला प्रशासन कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों से ऐसे हाउसिंग प्रोजेक्ट का ब्यौरा मांगा है, जिन्होंने कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है।
वसुंधरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में हाउसिंग सोसायटियों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें रिहाइशी के साथ-साथ व्यावसायिक निर्माण भी किया गया है। वसुंधरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे फ्लैट हैं जिनमें परिवार तो रह रहे हैं, लेकिन इस क्षेत्र में भवनों के निर्माण और उनकी रजिस्ट्री का अनुपात बेहद कम है। ऐसे में आवास विकास परिषद से डाटा लेकर इन बिल्डरों को नोटिस जारी किए जाएंगे। बिना रजिस्ट्री कराए फ्लैटों पर कब्जा देने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई की जाएगी।
छह साल में दोगुना हो गया स्टांप विभाग का टारगेट
गाजियाबाद में स्टांप शुल्क से मिलने वाले राजस्व का लक्ष्य 2016 में करीब 1250 करोड़ रुपये का था। छह साल में यह लक्ष्य बढ़कर करीब 2580 करोड़ रुपये हो गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में ऐसे फ्लैट बड़ी बाधा बन रहे हैं जिनमें बिना रजिस्ट्री के परिवार रह रहे हैं।
राजनगर एक्सटेंशन में नोटिस के बाद कराईं रजिस्ट्री
राजनगर एक्सटेंशन में भी स्टांप शुल्क विभाग ने बीते साल बिल्डरों को नोटिस जारी किए थे। इन बिल्डरों ने भी बिना रजिस्ट्री कराए आवंटियों को फ्लैटों पर कब्जा दे दिया था। एडीएम वित्त एवं राजस्व विभाग की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए गए तो बिल्डरों ने रजिस्ट्री कराना शुरू किया है।
आवास विकास परिषद से निर्माणाधीन प्रोजेक्ट और उनके पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में डिटेल मांगी गई है। बिना रजिस्ट्री कराए आवंटियों को फ्लैटों पर कब्जा देने की स्थिति में बिल्डरों को नोटिस जारी किए जाएंगे। - विवेक श्रीवास्तव, एडीएम, वित्त एवं राजस्व