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सदरपुर में पिता की मौत के बाद बेटी को बनाया परिवार का मुखिया
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सदरपुर में पिता की मौत के बाद बेटी को बनाया परिवार का मुखिया
गाजियाबाद। सदरपुर निवासी राजेंद्र पांचाल की चार बेटियों में सबसे छोटी बेटी पूजा ने समाज के लिए नई मिशाल पेश की है। पिता की मौत के बाद 30 जून को पूजा ने चिता को मुखाग्नि दी। रविवार को तेरहवीं के दौरान समाज के लोगों ने उन्हें पगड़ी पहनाकर परिवार का मुखिया घोषित किया। अभी तक यह अधिकार परिवार में बड़े बेटे को दिया जाता रहा है।
पूजा के पति कारोबारी योगेश पांचाल ने बताया कि राजेंद्र पांचाल लंबे समय से फेफड़ों के कैंसर से ग्रसित थे। वह डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थी। उन्होंने पत्नी से कहा था कि पूजा सबसे ज्यादा सेवा करती हैं, इसलिए यही मुखाग्नि देगी। राजेंद्र की चार बेटियां कविता, सुषमा, बीना और पूजा हैं। चारों की शादी हो चुकी है। राजेंद्र की सबसे छोटी बेटी पूजा ने परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए सबसे बड़ी बहन बीना की लड़की की शादी के लिए तीन साल पहले भात भरकर पहल की थी। रविवार को पगड़ी की रस्म पूरी होने के दौरान पांचाल समाज के राजेश्वर, ब्रजमोहन, ब्रजपाल, रामकुमार, प्रदीप, कृष्ण कुमार, शेखर, सुनील और विकास सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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गाजियाबाद। सदरपुर निवासी राजेंद्र पांचाल की चार बेटियों में सबसे छोटी बेटी पूजा ने समाज के लिए नई मिशाल पेश की है। पिता की मौत के बाद 30 जून को पूजा ने चिता को मुखाग्नि दी। रविवार को तेरहवीं के दौरान समाज के लोगों ने उन्हें पगड़ी पहनाकर परिवार का मुखिया घोषित किया। अभी तक यह अधिकार परिवार में बड़े बेटे को दिया जाता रहा है।
पूजा के पति कारोबारी योगेश पांचाल ने बताया कि राजेंद्र पांचाल लंबे समय से फेफड़ों के कैंसर से ग्रसित थे। वह डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थी। उन्होंने पत्नी से कहा था कि पूजा सबसे ज्यादा सेवा करती हैं, इसलिए यही मुखाग्नि देगी। राजेंद्र की चार बेटियां कविता, सुषमा, बीना और पूजा हैं। चारों की शादी हो चुकी है। राजेंद्र की सबसे छोटी बेटी पूजा ने परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए सबसे बड़ी बहन बीना की लड़की की शादी के लिए तीन साल पहले भात भरकर पहल की थी। रविवार को पगड़ी की रस्म पूरी होने के दौरान पांचाल समाज के राजेश्वर, ब्रजमोहन, ब्रजपाल, रामकुमार, प्रदीप, कृष्ण कुमार, शेखर, सुनील और विकास सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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