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निर्माणदायी कंपनी ले जाती थी केबल
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निर्माणदायी कंपनी ले जाती थी केबल
गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण के टेंडर घोटाले में मंगलवार को सीबीआई कोर्ट की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत में नोएडा निवासी मनोज कुमार ने बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि हेवल्स इंडिया लिमिटेड में नौकरी करता था। उस समय निर्माणदायी कंपनी को केबल आपूर्ति कराई जाती थी। घोटाले में मनोज 35वें गवाह हैं, जबकि पूरे प्रकरण में सीबीआई ने 70 गवाहों की सूची सीबीआई कोर्ट को सौंपी है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 जून की तारीख लगाई है।
सीबीआई कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि वर्ष 2011 में नोएडा में अंडरग्राउंड केबल डालने के काम में 20 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ था। सीबीआई ने जांच में माना की साजिश के तहत गलत तरीके से बिना टेंडर निकाले चहेती फर्मों को काम दे दिया गया था। अदालत में सुनवाई के दौरान प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह, रामेंद्र, राजीव, प्रदीप गर्ग, पंकज जैन, आरडी शर्मा, ओमपाल न्यायालय में उपस्थित थे। यादव सिंह की पत्नी कुसुम लता, बबीता सिंह और देवी राम की तरफ से उनके अधिवक्ता ने हाजिरी माफी दी थी।
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गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण के टेंडर घोटाले में मंगलवार को सीबीआई कोर्ट की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत में नोएडा निवासी मनोज कुमार ने बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि हेवल्स इंडिया लिमिटेड में नौकरी करता था। उस समय निर्माणदायी कंपनी को केबल आपूर्ति कराई जाती थी। घोटाले में मनोज 35वें गवाह हैं, जबकि पूरे प्रकरण में सीबीआई ने 70 गवाहों की सूची सीबीआई कोर्ट को सौंपी है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 जून की तारीख लगाई है।
सीबीआई कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि वर्ष 2011 में नोएडा में अंडरग्राउंड केबल डालने के काम में 20 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ था। सीबीआई ने जांच में माना की साजिश के तहत गलत तरीके से बिना टेंडर निकाले चहेती फर्मों को काम दे दिया गया था। अदालत में सुनवाई के दौरान प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह, रामेंद्र, राजीव, प्रदीप गर्ग, पंकज जैन, आरडी शर्मा, ओमपाल न्यायालय में उपस्थित थे। यादव सिंह की पत्नी कुसुम लता, बबीता सिंह और देवी राम की तरफ से उनके अधिवक्ता ने हाजिरी माफी दी थी।
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