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पेट दर्द का इलाज कराने आई महिला का शौचालय में हुआ प्रसव
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पेट दर्द का इलाज कराने आई महिला का शौचालय में हुआ प्रसव
गाजियाबाद। संयुक्त अस्पताल में पेट दर्द का इलाज कराने आई महिला का शौचालय में मृत बच्चे को जन्म दिया। मामले की जानकारी होने पर महिला को लेबर रूम में ले जाकर इलाज शुरू किया गया, शाम को डिस्चार्ज कर दिया गया था। महिला ने डॉक्टरों को बताया कि उसका आठ महीने का बेटा है। पेट में बार-बार दर्द होता था, लेकिन उसे गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं हो पाई थी।
चिकित्सकों का कहना है कि महिला चार माह की गर्भवती थी। रात से ही पेट के निचले हिस्से में दर्द होने से रजापुर निवासी आकांक्षा मंगलवार को इलाज के लिए लाइन में लगी थी। इसी दौरान उसका दर्द बढ़ गया, इससे साथ में आई एक लड़की की गोद में बेटा देकर शौचालय चली गई, वहां पर उसने मृत बच्चे को जन्म दे दिया। महिला ने आवाज देकर साथ में आई लड़की को बुलाया तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। ओपीडी में मरीज देख रहीं महिला चिकित्सक ने स्टाफ की मदद से महिला और नवजात को लेकर लेबर रूम में पहुंची। अस्पताल के महिला विभाग की प्रमुख डॉ. माला शर्मा ने बताया कि महिला का प्रसव डिलीवरी रूम में ही करवाया गया था। उसने मृत बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया। जहां महिला ने बताया कि उसे पता ही नहीं था कि वह चार माह की गर्भवती है। उसने ड्यूटी डॉक्टर को बताया कि उसका मासिक धर्म रुक गया था, लेकिन बच्चा पैदा होने के बाद मासिक धर्म रुकना सामान्य मान रही थी। गर्भ होने का किसी तरह का लक्षण उसे पता नहीं चला। इस कारण से महिला ने न कोई जांच करवाई और न ही किसी डॉक्टर से संपर्क किया। रात से उसके पेट में दर्द हो रहा था, उसे लगा कि मासिक नहीं होने के कारण पेट में दर्द हो रहा है जिसका उपचार करवाने के लिए अस्पताल आई थी। उन्होंने बताया कि महिला को किसी तरह की परेशानी नहीं थी इसलिए अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
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गाजियाबाद। संयुक्त अस्पताल में पेट दर्द का इलाज कराने आई महिला का शौचालय में मृत बच्चे को जन्म दिया। मामले की जानकारी होने पर महिला को लेबर रूम में ले जाकर इलाज शुरू किया गया, शाम को डिस्चार्ज कर दिया गया था। महिला ने डॉक्टरों को बताया कि उसका आठ महीने का बेटा है। पेट में बार-बार दर्द होता था, लेकिन उसे गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं हो पाई थी।
चिकित्सकों का कहना है कि महिला चार माह की गर्भवती थी। रात से ही पेट के निचले हिस्से में दर्द होने से रजापुर निवासी आकांक्षा मंगलवार को इलाज के लिए लाइन में लगी थी। इसी दौरान उसका दर्द बढ़ गया, इससे साथ में आई एक लड़की की गोद में बेटा देकर शौचालय चली गई, वहां पर उसने मृत बच्चे को जन्म दे दिया। महिला ने आवाज देकर साथ में आई लड़की को बुलाया तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। ओपीडी में मरीज देख रहीं महिला चिकित्सक ने स्टाफ की मदद से महिला और नवजात को लेकर लेबर रूम में पहुंची। अस्पताल के महिला विभाग की प्रमुख डॉ. माला शर्मा ने बताया कि महिला का प्रसव डिलीवरी रूम में ही करवाया गया था। उसने मृत बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया। जहां महिला ने बताया कि उसे पता ही नहीं था कि वह चार माह की गर्भवती है। उसने ड्यूटी डॉक्टर को बताया कि उसका मासिक धर्म रुक गया था, लेकिन बच्चा पैदा होने के बाद मासिक धर्म रुकना सामान्य मान रही थी। गर्भ होने का किसी तरह का लक्षण उसे पता नहीं चला। इस कारण से महिला ने न कोई जांच करवाई और न ही किसी डॉक्टर से संपर्क किया। रात से उसके पेट में दर्द हो रहा था, उसे लगा कि मासिक नहीं होने के कारण पेट में दर्द हो रहा है जिसका उपचार करवाने के लिए अस्पताल आई थी। उन्होंने बताया कि महिला को किसी तरह की परेशानी नहीं थी इसलिए अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
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