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निगम की लाइनों से चोरी हो रहा पानी, बोतल में बंद कर बेचा जा रहा
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निगम की लाइनों से चोरी हो रहा पानी, बोतल में बंद कर बेचा जा रहा
गाजियाबाद। नगर निगम की पाइप लाइनों से भी पानी चोरी होने लगा है। यह खुद नगर निगम के पार्षद कह रहे हैं। शहर में चल रहा बोतलबंद पानी का 70 फीसदी कारोबार नगर निगम की पाइप लाइनों से किया जा रहा है। हिंडनपार और विजयनगर क्षेत्र में चल रहे पानी के प्लांट संचालकों ने बोरिंग कराने की बजाय निगम की पाइप लाइनों से कनेक्शन जोड़ लिया है और रोजाना लाखों लीटर पानी निकालकर उसे फिल्टर कर बोतलों में बेचा जा रहा है। पार्षदों की शिकायत पर अब नगर निगम का जलकल विभाग औचक निरीक्षण करेगा।
नगर निगम शहर में नलकूपों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है, लेकिन घरों में पानी की किल्लत फिर भी बढ़ रही है। निगम पार्षद राजेंद्र त्यागी ने यह मुद्दा नगर निगम की बोर्ड बैठक में उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की पाइप लाइनों से पानी चोरी कर शहर में पानी के प्लांट चलाए जा रहे हैं। शहर में धड़ाधड़ अवैध कनेक्शन किए जा रहे हैं। नगर निगम ट्यूबवेलों को लगाने पर मोटी रकम खर्च तो कर रहा है लेकिन पानी के कनेक्शनों से शुल्क नहीं मिल रहा है। आबादी बढ़ने के साथ-साथ शहर में पानी के कनेक्शनों की संख्या भी बढ़नी चाहिए और उनसे पैसा भी मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। उनका कहना है कि जलकल विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई के लिए अभियान भी नहीं चला रहे हैं। प्लांट संचालक नगर निगम के पानी को बेचकर मालामाल हो रहे हैं और नगर निगम अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
दो साल पहले पकड़ी थी पानी चोरी
नगर निगम ने दो साल पहले विजयनगर क्षेत्र में पाइप लाइन से पानी की चोरी पकड़ी थी। प्लांट संचालक अवैध रूप से कनेक्शन कर पाइप लाइन से पानी ले रहा था और इसी को फिल्टर कर बोतलों में बेच रहा था। तत्कालीन महाप्रबंधक बीके सिंह के निर्देश पर अवर अभियंता ने संचालक के खिलाफ विजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जल संयोजन से आमदनी घटी
2020-21 में आमदनी 9.43 लाख रुपये
2021-22 में आमदनी 6.56 लाख रुपये
2022-23 में लक्ष्य 50 लाख से घटाकर 10 लाख रुपये किया।
औचक निरीक्षण के साथ होगी कार्रवाई
पानी चोरी का मुद्दा बोर्ड बैठक में आया है। प्रत्येक जोन में औचक निरीक्षण कराया जाएगा। अगर बिना संयोजन शुल्क जमा कराए लाइनों से पानी लेने का मामला सामने आया तो कड़ी कार्रवाई कर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
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गाजियाबाद। नगर निगम की पाइप लाइनों से भी पानी चोरी होने लगा है। यह खुद नगर निगम के पार्षद कह रहे हैं। शहर में चल रहा बोतलबंद पानी का 70 फीसदी कारोबार नगर निगम की पाइप लाइनों से किया जा रहा है। हिंडनपार और विजयनगर क्षेत्र में चल रहे पानी के प्लांट संचालकों ने बोरिंग कराने की बजाय निगम की पाइप लाइनों से कनेक्शन जोड़ लिया है और रोजाना लाखों लीटर पानी निकालकर उसे फिल्टर कर बोतलों में बेचा जा रहा है। पार्षदों की शिकायत पर अब नगर निगम का जलकल विभाग औचक निरीक्षण करेगा।
नगर निगम शहर में नलकूपों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है, लेकिन घरों में पानी की किल्लत फिर भी बढ़ रही है। निगम पार्षद राजेंद्र त्यागी ने यह मुद्दा नगर निगम की बोर्ड बैठक में उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की पाइप लाइनों से पानी चोरी कर शहर में पानी के प्लांट चलाए जा रहे हैं। शहर में धड़ाधड़ अवैध कनेक्शन किए जा रहे हैं। नगर निगम ट्यूबवेलों को लगाने पर मोटी रकम खर्च तो कर रहा है लेकिन पानी के कनेक्शनों से शुल्क नहीं मिल रहा है। आबादी बढ़ने के साथ-साथ शहर में पानी के कनेक्शनों की संख्या भी बढ़नी चाहिए और उनसे पैसा भी मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। उनका कहना है कि जलकल विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई के लिए अभियान भी नहीं चला रहे हैं। प्लांट संचालक नगर निगम के पानी को बेचकर मालामाल हो रहे हैं और नगर निगम अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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दो साल पहले पकड़ी थी पानी चोरी
नगर निगम ने दो साल पहले विजयनगर क्षेत्र में पाइप लाइन से पानी की चोरी पकड़ी थी। प्लांट संचालक अवैध रूप से कनेक्शन कर पाइप लाइन से पानी ले रहा था और इसी को फिल्टर कर बोतलों में बेच रहा था। तत्कालीन महाप्रबंधक बीके सिंह के निर्देश पर अवर अभियंता ने संचालक के खिलाफ विजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जल संयोजन से आमदनी घटी
2020-21 में आमदनी 9.43 लाख रुपये
2021-22 में आमदनी 6.56 लाख रुपये
2022-23 में लक्ष्य 50 लाख से घटाकर 10 लाख रुपये किया।
औचक निरीक्षण के साथ होगी कार्रवाई
पानी चोरी का मुद्दा बोर्ड बैठक में आया है। प्रत्येक जोन में औचक निरीक्षण कराया जाएगा। अगर बिना संयोजन शुल्क जमा कराए लाइनों से पानी लेने का मामला सामने आया तो कड़ी कार्रवाई कर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त