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आग बुझाने का नहीं है इंतजाम, 167 अस्पतालों का अटका पंजीकरण
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आग बुझाने का नहीं है इंतजाम, 167 अस्पतालों का अटका पंजीकरण
गाजियाबाद। आग बुझाने के पर्याप्त व्यवस्था न होने पर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कहा है कि बिना फायर फाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था किए अस्पतालों का पंजीकरण और नवीनीकरण नहीं होगा। जिले में संचालित 167 सरकारी और निजी अस्पतालों में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इनमें मोदीनगर विधायक डॉ. मंजू शिवाच का भी अस्पताल शामिल है। सीएमओ ने आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि अस्पतालों आग बुझाने के पर्याप्त व्यवस्था की जाए नहीं तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में सिर्फ महिला अस्पताल में आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था है, इसके लिए किसी भी अस्पताल में कोई इंतजाम नहीं है।
सरकारी अस्पतालों में भी नहीं है मानकों के अनुरूप व्यवस्था
दमकल विभाग की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में जिला एमएमजी अस्पताल, संयुक्त अस्पताल, ईएसआईसी अस्पताल साहिबाबाद, पीएचसी अटौर नंगला, डासना, बम्हैटा, भोवापुर, सीएचसी लोनी, मंडोला, मुरादनगर, भोजपुर, मोदीनगर, न्यू पीएचसी दुहाई, पसौंडा, चिरौड़ी और फ रूखनगर भी शामिल हैं। इन सरकारी अस्पतालों में भी यदि आग लग जाए तो उस पर काबू पाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। इस मामले में एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी का कहना है कि शासन को पत्र लिखकर आग बुझाने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
113 सोसायटियों में नहीं है आग बुझाने की एनओसी
जिले में 113 सोसायटियों के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है। इन सोसायटियों में आग बुझाने के उपकरण खराब पड़े हैं। ऐसे में आग लगी तो जनहानि हो सकती है। कई बार नोटिस देने के बाद भी अग्निशमन उपकरण नहीं ठीक कराने पर 12 के खिलाफ अग्निशमन विभाग ने सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कौशांबी की पांच सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट से समन भी जारी किया गया है।
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295 सोसायटियों का हुआ निरीक्षण
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीते कुछ महीनों में जिले की 295 सोसायटियों का निरीक्षण किया गया। 113 सोसायटियों में खामियां पाई गईं। उन्हें ठीक कराने को कहा गया। 182 ने खामियां दूर कर ली। 113 सोसायटियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया तो 54 सोसायटियों में आग बुझाने के उपकरणों की खामियां दूर की। 59 सोसायटियों को दोबारा से नोटिस भेजा गया है। नोटिस देने के बावजूद भी समस्याएं नहीं दूर करने पर 16 के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
इन अस्पतालों में ढांचागत व्यवस्था और आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं
नागर हास्पिटल लोहिया नगर
आस्था हास्पिटल प्रताप विहार
कंसल हास्पिटल सेवा नगर
पल्मोनिक अस्पताल राजनगर
सर्वोदय सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल एंड हार्ट सेंटर कविनगर
शिवम अस्पताल राजनगर
चंद्र लक्ष्मी व पारस अस्पताल वैशाली
जीवन हास्पिटल एवं स्टोन सेंटर मोदीनगर
लोकप्रिय हास्पिटल मोदीनगर
मावी नर्सिंग होम लोनी
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गाजियाबाद। आग बुझाने के पर्याप्त व्यवस्था न होने पर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कहा है कि बिना फायर फाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था किए अस्पतालों का पंजीकरण और नवीनीकरण नहीं होगा। जिले में संचालित 167 सरकारी और निजी अस्पतालों में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इनमें मोदीनगर विधायक डॉ. मंजू शिवाच का भी अस्पताल शामिल है। सीएमओ ने आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि अस्पतालों आग बुझाने के पर्याप्त व्यवस्था की जाए नहीं तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में सिर्फ महिला अस्पताल में आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था है, इसके लिए किसी भी अस्पताल में कोई इंतजाम नहीं है।
सरकारी अस्पतालों में भी नहीं है मानकों के अनुरूप व्यवस्था
दमकल विभाग की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में जिला एमएमजी अस्पताल, संयुक्त अस्पताल, ईएसआईसी अस्पताल साहिबाबाद, पीएचसी अटौर नंगला, डासना, बम्हैटा, भोवापुर, सीएचसी लोनी, मंडोला, मुरादनगर, भोजपुर, मोदीनगर, न्यू पीएचसी दुहाई, पसौंडा, चिरौड़ी और फ रूखनगर भी शामिल हैं। इन सरकारी अस्पतालों में भी यदि आग लग जाए तो उस पर काबू पाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। इस मामले में एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी का कहना है कि शासन को पत्र लिखकर आग बुझाने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
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113 सोसायटियों में नहीं है आग बुझाने की एनओसी
जिले में 113 सोसायटियों के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है। इन सोसायटियों में आग बुझाने के उपकरण खराब पड़े हैं। ऐसे में आग लगी तो जनहानि हो सकती है। कई बार नोटिस देने के बाद भी अग्निशमन उपकरण नहीं ठीक कराने पर 12 के खिलाफ अग्निशमन विभाग ने सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कौशांबी की पांच सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट से समन भी जारी किया गया है।
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295 सोसायटियों का हुआ निरीक्षण
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीते कुछ महीनों में जिले की 295 सोसायटियों का निरीक्षण किया गया। 113 सोसायटियों में खामियां पाई गईं। उन्हें ठीक कराने को कहा गया। 182 ने खामियां दूर कर ली। 113 सोसायटियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया तो 54 सोसायटियों में आग बुझाने के उपकरणों की खामियां दूर की। 59 सोसायटियों को दोबारा से नोटिस भेजा गया है। नोटिस देने के बावजूद भी समस्याएं नहीं दूर करने पर 16 के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
इन अस्पतालों में ढांचागत व्यवस्था और आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं
नागर हास्पिटल लोहिया नगर
आस्था हास्पिटल प्रताप विहार
कंसल हास्पिटल सेवा नगर
पल्मोनिक अस्पताल राजनगर
सर्वोदय सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल एंड हार्ट सेंटर कविनगर
शिवम अस्पताल राजनगर
चंद्र लक्ष्मी व पारस अस्पताल वैशाली
जीवन हास्पिटल एवं स्टोन सेंटर मोदीनगर
लोकप्रिय हास्पिटल मोदीनगर
मावी नर्सिंग होम लोनी