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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को आठ वर्ष कारावास
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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को आठ वर्ष कारावास
गाजियाबाद। पाक्सो कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश जयवीर नागर ने किशोरी से दुष्कर्म करने वाले दोषी को आठ साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद किशोरी अदालत में अपने बयान से मुकर गई थी। उसने अदालत से अर्जी लगाई थी कि वह अपने सहयोगी (दुष्कर्म करने वाले) के साथ रहना चाहती है। किशोरी ने अदालत को बताया कि आरोपी सुलेमान ने फैक्टरी मालिक के कहने पर उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना से पहले व बाद में कभी भी सुलेमान ने किसी तरह से प्रताड़ित नहीं किया। वह सुलेमान के साथ ही रहना चाहती है क्योंकि उससे प्यार हो गया है। पिलखुवा थाने में उसकी मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया है। सुलेमान के साथ ही वह फैक्टरी में काम करती थी। फैक्टरी मालिक उसे गायब करना चाहता था, इसलिए सुलेमान किशोरी को अपने साथ लेकर फतेहपुर में बहन के घर ले गया था। वहां पर सुलेमान ने दुष्कर्म किया लेकिन उसके लिए मैं स्वयं जिम्मेदार हूं। चार दिन बाद मैं वापस आ गई थी। अगर सजा मिले तो दोनों को मिले। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शर्मा व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ममता गौतम ने बताया कि पिलखुवा की रहने वाली एक किशोरी वहीं के एक फैक्टरी में काम करती थी। 25 फ रवरी 2006 को किशोरी के साथ काम करने वाला सुलेमान उसे बहला- फु सलाकर अपनी बहन के घर फतेहपुर ले गया। वहां बंधक बनाकर रखा और दुष्कर्म किया। मामले में पीड़िता के परिजनों ने सुलेमान के खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराई थी, इसके कुछ दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर सुलेमान को गिरफ्तार किया था।
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गाजियाबाद। पाक्सो कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश जयवीर नागर ने किशोरी से दुष्कर्म करने वाले दोषी को आठ साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद किशोरी अदालत में अपने बयान से मुकर गई थी। उसने अदालत से अर्जी लगाई थी कि वह अपने सहयोगी (दुष्कर्म करने वाले) के साथ रहना चाहती है। किशोरी ने अदालत को बताया कि आरोपी सुलेमान ने फैक्टरी मालिक के कहने पर उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना से पहले व बाद में कभी भी सुलेमान ने किसी तरह से प्रताड़ित नहीं किया। वह सुलेमान के साथ ही रहना चाहती है क्योंकि उससे प्यार हो गया है। पिलखुवा थाने में उसकी मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया है। सुलेमान के साथ ही वह फैक्टरी में काम करती थी। फैक्टरी मालिक उसे गायब करना चाहता था, इसलिए सुलेमान किशोरी को अपने साथ लेकर फतेहपुर में बहन के घर ले गया था। वहां पर सुलेमान ने दुष्कर्म किया लेकिन उसके लिए मैं स्वयं जिम्मेदार हूं। चार दिन बाद मैं वापस आ गई थी। अगर सजा मिले तो दोनों को मिले। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शर्मा व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ममता गौतम ने बताया कि पिलखुवा की रहने वाली एक किशोरी वहीं के एक फैक्टरी में काम करती थी। 25 फ रवरी 2006 को किशोरी के साथ काम करने वाला सुलेमान उसे बहला- फु सलाकर अपनी बहन के घर फतेहपुर ले गया। वहां बंधक बनाकर रखा और दुष्कर्म किया। मामले में पीड़िता के परिजनों ने सुलेमान के खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराई थी, इसके कुछ दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर सुलेमान को गिरफ्तार किया था।