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आरोग्य स्वास्थ्य मेला: चपरासी लगाता था सबकी हाजिरी, नहीं दिया रजिस्टर
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आरोग्य स्वास्थ्य मेला: चपरासी लगाता था सबकी हाजिरी, नहीं दिया रजिस्टर
गाजियाबाद। आरोग्य स्वास्थ्य मेले को स्वाथ्य कर्मी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। केंद्र से पूरा का पूरा स्टाफ गायब रहता है, जबकि चपरासी अनुपस्थित स्टाफ की हाजिरी लगाते हैं। इसका खुलासा जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में हुआ। उन्होंने बताया कि लोनी के वेदविहार में सभी स्टाफ अनुपस्थित था और उनकी हाजिरी चपरासी लगा रहा था, उसकी सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा गया है, क्योंकि निरीक्षण के दौरान वह उपस्थिति पंजिका भी छुपा रहा था। निरीक्षण के बाद उपस्थिति पंजिका कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है। आरोग्य मेले से लगातार कर्मचारियों और डॉक्टरों के गायब रहने की जानकारी होने पर सीएमओ ने अलग- अलग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का अधिकारियों से औचक निरीक्षण कराया।
रविवार को लोनी नगरीय क्षेत्र में सात स्वास्थ्य केंद्रों का जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली से सटे वेद विहार स्वास्थ्य केंद्र से चार एएनएम, एक स्टाफ नर्स और डॉक्टर अनुपस्थित थे। भोपुरा, राजीव गार्डन, पंचशील में एक -एक एएनएम, लाल बाग में दो एएनएम, भोपुरा में चतुर्थ श्रेणी स्टाफ अनुपस्थित पाई गई, सफाई में लापरवाही की भी शिकायत मिली थी। डीएसओ ने बताया कि दोनो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा गया है।
रविवार को मुरादनगर में सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार, मोदीनगर क्षेत्र में एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी और लोनी नगरीय क्षेत्र में जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने निरीक्षण किया। सीएमओ ने बताया कि पिछले मेले में कुछ केंद्रों पर स्टाफ न होने की शिकायत मिली थी, इसलिए इस बार सभी केंद्रों का निरीक्षण कराया गया। कुछ केंद्रों पर कई स्टाफ अनुपस्थित पाए गए हैं, सभी का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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बता दें 17 अप्रैल को आयोजित मेले में स्टाफ के न पहुंचने और डॉक्टरों के जल्दी चले जाने की परेशानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद 24 अप्रैल को अधिकारियों द्वारा मेले का जायजा लिया गया।
65 केंद्रों पर 2042 ने कराया इलाज
एसीएमओ व मेला प्रभारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि 65 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य आरोग्य मेले में 2042 लोग इलाज कराने पहुुंचे थे। इनमेें सबसे अधिक बुखार और शरीर में दर्द के 448 मरीज थे। दूसरे नंबर पर त्वचा के 265 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। मेले में पहुंचे मरीजों में 916 पुरुष और 903 महिलाओं के अलावा 223 बच्चे भी शामिल थे। लिवर रोग से पीड़ित 70, पेट रोग के 19, हाइपरटेंशन के 52, खून की कमी वाले 18, मधुमेह के 85 व टीबी के 15 रोगियों की भी जांच की गई। इलाज कराने पहुंचे 22 मरीजों को एमएमजी और संजय नगर के लिए रेफ र किया गया।
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गाजियाबाद। आरोग्य स्वास्थ्य मेले को स्वाथ्य कर्मी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। केंद्र से पूरा का पूरा स्टाफ गायब रहता है, जबकि चपरासी अनुपस्थित स्टाफ की हाजिरी लगाते हैं। इसका खुलासा जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में हुआ। उन्होंने बताया कि लोनी के वेदविहार में सभी स्टाफ अनुपस्थित था और उनकी हाजिरी चपरासी लगा रहा था, उसकी सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा गया है, क्योंकि निरीक्षण के दौरान वह उपस्थिति पंजिका भी छुपा रहा था। निरीक्षण के बाद उपस्थिति पंजिका कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है। आरोग्य मेले से लगातार कर्मचारियों और डॉक्टरों के गायब रहने की जानकारी होने पर सीएमओ ने अलग- अलग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का अधिकारियों से औचक निरीक्षण कराया।
रविवार को लोनी नगरीय क्षेत्र में सात स्वास्थ्य केंद्रों का जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली से सटे वेद विहार स्वास्थ्य केंद्र से चार एएनएम, एक स्टाफ नर्स और डॉक्टर अनुपस्थित थे। भोपुरा, राजीव गार्डन, पंचशील में एक -एक एएनएम, लाल बाग में दो एएनएम, भोपुरा में चतुर्थ श्रेणी स्टाफ अनुपस्थित पाई गई, सफाई में लापरवाही की भी शिकायत मिली थी। डीएसओ ने बताया कि दोनो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा गया है।
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रविवार को मुरादनगर में सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार, मोदीनगर क्षेत्र में एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी और लोनी नगरीय क्षेत्र में जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने निरीक्षण किया। सीएमओ ने बताया कि पिछले मेले में कुछ केंद्रों पर स्टाफ न होने की शिकायत मिली थी, इसलिए इस बार सभी केंद्रों का निरीक्षण कराया गया। कुछ केंद्रों पर कई स्टाफ अनुपस्थित पाए गए हैं, सभी का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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बता दें 17 अप्रैल को आयोजित मेले में स्टाफ के न पहुंचने और डॉक्टरों के जल्दी चले जाने की परेशानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद 24 अप्रैल को अधिकारियों द्वारा मेले का जायजा लिया गया।
65 केंद्रों पर 2042 ने कराया इलाज
एसीएमओ व मेला प्रभारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि 65 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य आरोग्य मेले में 2042 लोग इलाज कराने पहुुंचे थे। इनमेें सबसे अधिक बुखार और शरीर में दर्द के 448 मरीज थे। दूसरे नंबर पर त्वचा के 265 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। मेले में पहुंचे मरीजों में 916 पुरुष और 903 महिलाओं के अलावा 223 बच्चे भी शामिल थे। लिवर रोग से पीड़ित 70, पेट रोग के 19, हाइपरटेंशन के 52, खून की कमी वाले 18, मधुमेह के 85 व टीबी के 15 रोगियों की भी जांच की गई। इलाज कराने पहुंचे 22 मरीजों को एमएमजी और संजय नगर के लिए रेफ र किया गया।