{"_id":"624211ba8791682a3b25704e","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd236035690","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगाजल देने में देरी पर फर्म पर लगा 30 लाख का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगाजल देने में देरी पर फर्म पर लगा 30 लाख का जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगाजल देने में देरी पर फर्म पर लगा 30 लाख का जुर्माना
गाजियाबाद। नोएडा और गाजियाबाद की कॉलोनियों में पानी आपूर्ति के लिए बनाए जा रहे गंगाजल प्लांट के निर्माण में लेटलतीफी पर जल निगम ने फर्म पर 30.25 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा हिंडन पार क्षेत्र में पानी आपूर्ति के लिए रेनीवेल बनाने वाली फर्म पर भी दो करोड़ की पेनाल्टी लगाई गई है।
जल निगम की ओर से सिद्धार्थ विहार में 50 क्यूसेक क्षमता का संयुक्त वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है। करीब 60.51 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे प्लांट का निर्माण मार्च 2022 तक पूरा होना था, लेकिन अभी भी करीब 10 फीसदी काम बाकी है। जल निगम के अधिकारियों ने कंस्ट्रक्शन फर्म ज्योमिलियर एंड कंपनी प्राइवेट लि. को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए, लेकिन सुधार नहीं हुआ। जल निगम के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि काम में देरी पर फर्म पर 3.02 लाख रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी लगाई गई। अनुबंध के अनुसार 10 दिन की पेनाल्टी लगाई गई है, अभी भी सुधार नहीं हुआ तो दोबारा जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीएचए में हिंडन नदी के किनारे रेनीवेल बनाए जा रहे हैं। इनके निर्माण का काम फरीदाबाद की एडवांस इंफ्राटेक प्राइवेट लि. को दिया गया है। इन रेनीवेल से हिंडनपार क्षेत्र की कॉलोनियों को पानी दिया जाना है। इनका निर्माण अगस्त 2022 तक पूरा होना है, लेकिन निर्माण कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। इसके चलते फर्म पर 2.11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। नोएडा और गाजियाबाद की कॉलोनियों में पानी आपूर्ति के लिए बनाए जा रहे गंगाजल प्लांट के निर्माण में लेटलतीफी पर जल निगम ने फर्म पर 30.25 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा हिंडन पार क्षेत्र में पानी आपूर्ति के लिए रेनीवेल बनाने वाली फर्म पर भी दो करोड़ की पेनाल्टी लगाई गई है।
जल निगम की ओर से सिद्धार्थ विहार में 50 क्यूसेक क्षमता का संयुक्त वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है। करीब 60.51 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे प्लांट का निर्माण मार्च 2022 तक पूरा होना था, लेकिन अभी भी करीब 10 फीसदी काम बाकी है। जल निगम के अधिकारियों ने कंस्ट्रक्शन फर्म ज्योमिलियर एंड कंपनी प्राइवेट लि. को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए, लेकिन सुधार नहीं हुआ। जल निगम के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि काम में देरी पर फर्म पर 3.02 लाख रुपये प्रतिदिन पेनाल्टी लगाई गई। अनुबंध के अनुसार 10 दिन की पेनाल्टी लगाई गई है, अभी भी सुधार नहीं हुआ तो दोबारा जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीएचए में हिंडन नदी के किनारे रेनीवेल बनाए जा रहे हैं। इनके निर्माण का काम फरीदाबाद की एडवांस इंफ्राटेक प्राइवेट लि. को दिया गया है। इन रेनीवेल से हिंडनपार क्षेत्र की कॉलोनियों को पानी दिया जाना है। इनका निर्माण अगस्त 2022 तक पूरा होना है, लेकिन निर्माण कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। इसके चलते फर्म पर 2.11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन