{"_id":"621fc4df20ecf0434e4d07f4","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd2348399177","type":"story","status":"publish","title_hn":"24 घंटे खड़े-खड़े खारखीव से पहुंचे पोलैंड बॉर्डर, छात्रों ने वीके सिंह को सुनाई आपबीती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
24 घंटे खड़े-खड़े खारखीव से पहुंचे पोलैंड बॉर्डर, छात्रों ने वीके सिंह को सुनाई आपबीती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
24 घंटे खड़े-खड़े खारखीव से पहुंचे पोलैंड बॉर्डर, छात्रों ने वीके सिंह को सुनाई आपबीती
गाजियाबाद। यूक्रेन के खारखीव से मंगलवार सुबह कर्फ्यू हटने के बाद बड़ी संख्या में छात्र दो घंटे पैदल चलकर स्टेशन पहुंचे। पहले नंबर प्लेटफार्म से उन्हें प्रवेश नहीं मिला। वहां से केवल यूक्रेनियन लोगों को जाने की इजाजत थी। फिर दूसरे प्लेटफार्म से प्रवेश कर और ट्रैक के कूदकर प्लेटफार्म पर पहुंचे। स्टेशन के अंदर यूक्रेनियन लोगों ने हमारी बहुत मदद की। फिर 24 घंटे खड़े खड़े पहले ट्रेन और फिर टैक्सी से सफर करने के बाद बुधवार को पोलैंड बॉर्डर पहुंचे हैं। ऑपरेशन गंगा के तहत पोलैंड के बॉर्डर पर पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह से छात्रों ने अपनी परेशानी बयां की।
बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों को पहले दूतावास कर्मचारियों के साथ खुद वीके सिंह ने खाने पीने का सामान वितरित किया। फिर छात्र-छात्राओं से उनके पास जाकर हालचाल पूछा। छात्रों ने युद्ध की अपनी आपबीती को सिलसिलेवार बताया। छात्रों ने भारतीय लोगों की स्थानीय लोगों की ओर से हर संभव मदद की बात बताई। फिर बॉर्डर पर ही बसों के जरिए पास स्थित होटल पर छात्रों को पहुंचाया गया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो जारी किया गया।
छात्रों से बोले, 600 लोग बुधवार को होंगे रवाना
पोलैंड बॉर्डर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को पास के शहर स्थित एक होटल में पहुंचाया गया। होटल में पहुंचने के बाद छात्रों को संबोधित करते हुए वीके सिंह ने एक एयरफोर्स और दो इंडिगो की फ्लाइट से 600 लोगों को बुधवार को भारत रवाना होने की बात जैसे ही बताई, तो भारत माता की जय की नारे गूंजने लगे। वीके सिंह ने खारखीव में पीछे छूटे लोगों के जल्द आने और पोलैंड सरकार के उनकी पढ़ाई पूरी करने का जिम्मा उठाने की बात बताई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने छात्रों से किसी के बहकावे में नहीं आकर जर्मनी सहित दूसरे देश के धक्के खाने के लिए नहीं जाने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। यूक्रेन के खारखीव से मंगलवार सुबह कर्फ्यू हटने के बाद बड़ी संख्या में छात्र दो घंटे पैदल चलकर स्टेशन पहुंचे। पहले नंबर प्लेटफार्म से उन्हें प्रवेश नहीं मिला। वहां से केवल यूक्रेनियन लोगों को जाने की इजाजत थी। फिर दूसरे प्लेटफार्म से प्रवेश कर और ट्रैक के कूदकर प्लेटफार्म पर पहुंचे। स्टेशन के अंदर यूक्रेनियन लोगों ने हमारी बहुत मदद की। फिर 24 घंटे खड़े खड़े पहले ट्रेन और फिर टैक्सी से सफर करने के बाद बुधवार को पोलैंड बॉर्डर पहुंचे हैं। ऑपरेशन गंगा के तहत पोलैंड के बॉर्डर पर पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह से छात्रों ने अपनी परेशानी बयां की।
बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों को पहले दूतावास कर्मचारियों के साथ खुद वीके सिंह ने खाने पीने का सामान वितरित किया। फिर छात्र-छात्राओं से उनके पास जाकर हालचाल पूछा। छात्रों ने युद्ध की अपनी आपबीती को सिलसिलेवार बताया। छात्रों ने भारतीय लोगों की स्थानीय लोगों की ओर से हर संभव मदद की बात बताई। फिर बॉर्डर पर ही बसों के जरिए पास स्थित होटल पर छात्रों को पहुंचाया गया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो जारी किया गया।
विज्ञापन
छात्रों से बोले, 600 लोग बुधवार को होंगे रवाना
पोलैंड बॉर्डर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को पास के शहर स्थित एक होटल में पहुंचाया गया। होटल में पहुंचने के बाद छात्रों को संबोधित करते हुए वीके सिंह ने एक एयरफोर्स और दो इंडिगो की फ्लाइट से 600 लोगों को बुधवार को भारत रवाना होने की बात जैसे ही बताई, तो भारत माता की जय की नारे गूंजने लगे। वीके सिंह ने खारखीव में पीछे छूटे लोगों के जल्द आने और पोलैंड सरकार के उनकी पढ़ाई पूरी करने का जिम्मा उठाने की बात बताई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने छात्रों से किसी के बहकावे में नहीं आकर जर्मनी सहित दूसरे देश के धक्के खाने के लिए नहीं जाने की बात कही।
विज्ञापन