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20 साल पुराने दोस्त ने डलवाई थी, उद्यमी के घर 24 लाख की डकैती
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20 साल पुराने दोस्त ने डलवाई थी, उद्यमी के घर 24 लाख की डकैती
गाजियाबाद। नेहरू नगर थर्ड के ई-ब्लॉक में सात अक्तूबर को उद्यमी रमन सरीन के घर 24 लाख की डकैती उनके 20 साल पुराने दोस्त संजीव छावड़ा ने डलवाई थी। वह अपनी मोबाइल की दुकान के कर्मचारी अशोक के साथ रेकी करने भी आया था। उसने डकैती के लिए छह बदमाशों को भेजा था। पुलिस ने बुधवार को मुठभेड़ में चार को गिरफ्तार कर वारदात के खुलासे का दावा किया। चारों के पैर में गोली लगी है जबकि दो भाग निकले। इनसे पहले ही संजीव और अशोक को भी पकड़ लिया गया।
हालांकि, बरामदगी कम हुई है। लूटी गई रकम 17 लाख में से सिर्फ 2.40 लाख मिले है। सात लाख के गहने लूटे थे, इनमें से बहुत कम बरामद हुए हैं। एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि बदमाश राजकुमार उर्फ राजू और अमित भड़ाना सिहानी गेट और फिरोज व सौगंध कविनगर में गिरफ्तार किए गए। डकैती के लिए तीन बाइकों से छह बदमाश आए थे। मकान के अंदर अमित भड़ाना, विजय और सुधीर शर्मा गए थे। तीनों ने रमन की पत्नी और बेटी को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। राजकुमार उर्फ राजू, सौगंध और फिरोज उर्फ बाबू मकान के बाहर रहे।
दोस्ती में दी दगा , फिर बहाए घड़ियाली आंसू
गाजियाबाद। मोबाइल की दुकान करने वाले कविनगर निवासी संजीव ने पहले दोस्ती में दगा देकर डाका डलवाया और फिर अगले दिन घड़ियाली आंसू बहाने रमन सरीन के घर आया। उसने कहा था कि डकैती का पता चलते ही उसे धक्का सा लगा। इतना ही नहीं, वहां मौजूद पुलिस अफसरों से उसने कहा कि आप लोग क्या कर रहे हो? बदमाशों की तलाश में ढिलाई न बरती जाए। बदमाशों की पिटाई से घायल रमन की पत्नी और बेटी की हालत देखकर बोला, हे भगवान... कितने जालिम थे बदमाश। पुलिस ने बताया कि संजीव का रमन सरीन के घर 20 साल से आना जाना है। रमन के पिता राजकुमार उसे बहुत प्यार करते थे। राजकुमार का दो महीने पहले ही निधन हुआ है।
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फुटेज में दिखा मास्टरमाइंड
डकैती डालने आते और डालकर जाते बदमाश कैमरे में कैद हो गए थे लेकिन उन्हें कोई पहचान नहीं पा रहा था। संजीव को लग रहा था कि फुटेज से कोई सुराग नहीं मिलेगा लेकिन पुलिस ने तीन-चार दिन पुराने फुटेज देखे तो उसका खेल बिगड़ गया। तीन दिन पहले संजीव अपनी दुकान के कर्मचारी अशोक को लेकर रेकी करने गया था। इस दौरान के फुटेज में उसे देखते ही रमन ने उसे पहचान लिया। बस फिर क्या था। सख्ती से पूछताछ में उसने राज उगल दिया।
एक करोड़ होने की थी जानकारी
संजीव ने पूछताछ में बताया कि रमन के पिता राजकुमार ने निधन से पहले उनसे कहा था कि अगर कहीं अच्छी संपत्ति बिक रही हो तो बताना, खरीदनी है। इससे उसे अंदाजा हो गया कि घर में मोटा कैश रखा है, यह एक करोड़ हो सकता है। राजकुमार के निधन पर वह शोक जताने के बहाने पूरे घर में घूमा और रेकी की। उसने बदमाशों से कहा था कि एक ही वारदात से मोटा माल हाथ लगेगा, सभी मालामाल हो जाओगे।
कर्मचारी ने बुलाए थे बदमाश
संजीव को मालूम था कि उसकी दुकान के कर्मचारी अशोक का मामा राजकुमार हिस्ट्रीशीटर है। उसने अशोक से कहा कि वह मामा को बुला ले। इसके बाद संजीव, अशोक और राजकुमार ने मिलकर वारदात की साजिश रची। डकैती डालने के लिए बदमाशों को राजकुमार ने बुलाया।
पूर्व एडीजी के घर में की थी 4.5 करोड़ की चोरी
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश राजकुमार उर्फ राजू ने इसी साल फरवरी में पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कविराज नेगी के यहां देहरादून में साढ़े चार करोड़ की चोरी की थी। वहां से पुलिस ने उसे पकड़ कर जेल भेज दिया था। वह अगस्त में ही जेल से छूटकर आया था।
फरार बदमाशों की तलाश
2.45 लाख की नकदी, गहने, डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, वारदात में प्रयुक्त दो बाइक और चार तमंचे बरामद किए गए हैं। दो फरार बदमाशों के पकड़े जाने पर साफ होगा कि कुल कितनी रकम और गहने बदमाश लूट ले गए थे। - मुनिराज जी, एसएसपी
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गाजियाबाद। नेहरू नगर थर्ड के ई-ब्लॉक में सात अक्तूबर को उद्यमी रमन सरीन के घर 24 लाख की डकैती उनके 20 साल पुराने दोस्त संजीव छावड़ा ने डलवाई थी। वह अपनी मोबाइल की दुकान के कर्मचारी अशोक के साथ रेकी करने भी आया था। उसने डकैती के लिए छह बदमाशों को भेजा था। पुलिस ने बुधवार को मुठभेड़ में चार को गिरफ्तार कर वारदात के खुलासे का दावा किया। चारों के पैर में गोली लगी है जबकि दो भाग निकले। इनसे पहले ही संजीव और अशोक को भी पकड़ लिया गया।
हालांकि, बरामदगी कम हुई है। लूटी गई रकम 17 लाख में से सिर्फ 2.40 लाख मिले है। सात लाख के गहने लूटे थे, इनमें से बहुत कम बरामद हुए हैं। एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि बदमाश राजकुमार उर्फ राजू और अमित भड़ाना सिहानी गेट और फिरोज व सौगंध कविनगर में गिरफ्तार किए गए। डकैती के लिए तीन बाइकों से छह बदमाश आए थे। मकान के अंदर अमित भड़ाना, विजय और सुधीर शर्मा गए थे। तीनों ने रमन की पत्नी और बेटी को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। राजकुमार उर्फ राजू, सौगंध और फिरोज उर्फ बाबू मकान के बाहर रहे।
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दोस्ती में दी दगा , फिर बहाए घड़ियाली आंसू
गाजियाबाद। मोबाइल की दुकान करने वाले कविनगर निवासी संजीव ने पहले दोस्ती में दगा देकर डाका डलवाया और फिर अगले दिन घड़ियाली आंसू बहाने रमन सरीन के घर आया। उसने कहा था कि डकैती का पता चलते ही उसे धक्का सा लगा। इतना ही नहीं, वहां मौजूद पुलिस अफसरों से उसने कहा कि आप लोग क्या कर रहे हो? बदमाशों की तलाश में ढिलाई न बरती जाए। बदमाशों की पिटाई से घायल रमन की पत्नी और बेटी की हालत देखकर बोला, हे भगवान... कितने जालिम थे बदमाश। पुलिस ने बताया कि संजीव का रमन सरीन के घर 20 साल से आना जाना है। रमन के पिता राजकुमार उसे बहुत प्यार करते थे। राजकुमार का दो महीने पहले ही निधन हुआ है।
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फुटेज में दिखा मास्टरमाइंड
डकैती डालने आते और डालकर जाते बदमाश कैमरे में कैद हो गए थे लेकिन उन्हें कोई पहचान नहीं पा रहा था। संजीव को लग रहा था कि फुटेज से कोई सुराग नहीं मिलेगा लेकिन पुलिस ने तीन-चार दिन पुराने फुटेज देखे तो उसका खेल बिगड़ गया। तीन दिन पहले संजीव अपनी दुकान के कर्मचारी अशोक को लेकर रेकी करने गया था। इस दौरान के फुटेज में उसे देखते ही रमन ने उसे पहचान लिया। बस फिर क्या था। सख्ती से पूछताछ में उसने राज उगल दिया।
एक करोड़ होने की थी जानकारी
संजीव ने पूछताछ में बताया कि रमन के पिता राजकुमार ने निधन से पहले उनसे कहा था कि अगर कहीं अच्छी संपत्ति बिक रही हो तो बताना, खरीदनी है। इससे उसे अंदाजा हो गया कि घर में मोटा कैश रखा है, यह एक करोड़ हो सकता है। राजकुमार के निधन पर वह शोक जताने के बहाने पूरे घर में घूमा और रेकी की। उसने बदमाशों से कहा था कि एक ही वारदात से मोटा माल हाथ लगेगा, सभी मालामाल हो जाओगे।
कर्मचारी ने बुलाए थे बदमाश
संजीव को मालूम था कि उसकी दुकान के कर्मचारी अशोक का मामा राजकुमार हिस्ट्रीशीटर है। उसने अशोक से कहा कि वह मामा को बुला ले। इसके बाद संजीव, अशोक और राजकुमार ने मिलकर वारदात की साजिश रची। डकैती डालने के लिए बदमाशों को राजकुमार ने बुलाया।
पूर्व एडीजी के घर में की थी 4.5 करोड़ की चोरी
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश राजकुमार उर्फ राजू ने इसी साल फरवरी में पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कविराज नेगी के यहां देहरादून में साढ़े चार करोड़ की चोरी की थी। वहां से पुलिस ने उसे पकड़ कर जेल भेज दिया था। वह अगस्त में ही जेल से छूटकर आया था।
फरार बदमाशों की तलाश
2.45 लाख की नकदी, गहने, डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, वारदात में प्रयुक्त दो बाइक और चार तमंचे बरामद किए गए हैं। दो फरार बदमाशों के पकड़े जाने पर साफ होगा कि कुल कितनी रकम और गहने बदमाश लूट ले गए थे। - मुनिराज जी, एसएसपी