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शातिरों ने बीटेक की छात्रा को बनाया निशाना, खाते से एक लाख उड़ाये
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शातिरों ने बीटेक की छात्रा को बनाया निशाना, खाते से एक लाख उड़ाये
गाजियाबाद। साइबर ठगों ने बीटेक की एक छात्रा को तीन घंटे तक झांसे में रखकर उसके खाते से एक लाख रुपयेे उड़ा लिए और एक फर्जी खाता खोल एक पीडीएफ व्हाट्स एप भेजी। बाद में शातिरों ने उसे डिलीट भी कर दिया। छात्रा ने खाते से रुपये कटने की शिकायत के लिए गूगल से कस्टमर केयर का नंबर निकालकर शिकायत की थी। इसी पर कॉलर ने दूसरे नंबर से फोन कर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराकर ठगी को अंजाम दिया।
एक निजी कॉलेज की बीटेक की प्रथम वर्ष की छात्रा ने बताया कि उनका एचडीएफसी बैंक में खाता है। उनके खाते से कुछ रुपये कट गए थे। इसी की शिकायत के लिए उन्होंने गूगल से नंबर निकाला था। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया। कॉलर ने उन्हें बातों में उलझाकर समस्या का समाधान करने के लिए कॉल पर रखा और एनी डेस्क रिमोट एप डाउनलोड करा लिया। इसके बाद शातिर ने उनका फोन हैक कर लिया। छात्रा ने बताया कि कॉलर ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक पीडीेएफ फाइल भी भेजी जो आईसीआईसीआई बैंक की थी। उन्होंने उसे खोला तो ज्यादा कुछ उन्हें उसमें समझ नहीं आया लेकिन शातिर ने किन्हीं तीन लोगों को नोमिनी बनाया हुआ था। इससे लगा रहा था कि उन्होंने कोई खाता खोला है। उनके काम करने के तरीके से लग रहा था कि बैंक से ही कॉल है। इसलिए उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं बोला। लेकिन जब उनके खाते से दो बार में एक लाख रुपये निकाल लिए तो उन्होंने ऐसा करने से रोकने का प्रयास किया। शातिरों ने बाद में उनके व्हाट्सएप और मेल से भेजी सभी चीजों को डिलीट कर दिया था। ठगी की जानकारी होने पर उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की। मसूरी थाना प्रभारी रविंद्र पंत ने बताया कि मामले मे रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साइबर सेल की मदद से शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने बीटेक की एक छात्रा को तीन घंटे तक झांसे में रखकर उसके खाते से एक लाख रुपयेे उड़ा लिए और एक फर्जी खाता खोल एक पीडीएफ व्हाट्स एप भेजी। बाद में शातिरों ने उसे डिलीट भी कर दिया। छात्रा ने खाते से रुपये कटने की शिकायत के लिए गूगल से कस्टमर केयर का नंबर निकालकर शिकायत की थी। इसी पर कॉलर ने दूसरे नंबर से फोन कर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराकर ठगी को अंजाम दिया।
एक निजी कॉलेज की बीटेक की प्रथम वर्ष की छात्रा ने बताया कि उनका एचडीएफसी बैंक में खाता है। उनके खाते से कुछ रुपये कट गए थे। इसी की शिकायत के लिए उन्होंने गूगल से नंबर निकाला था। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया। कॉलर ने उन्हें बातों में उलझाकर समस्या का समाधान करने के लिए कॉल पर रखा और एनी डेस्क रिमोट एप डाउनलोड करा लिया। इसके बाद शातिर ने उनका फोन हैक कर लिया। छात्रा ने बताया कि कॉलर ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक पीडीेएफ फाइल भी भेजी जो आईसीआईसीआई बैंक की थी। उन्होंने उसे खोला तो ज्यादा कुछ उन्हें उसमें समझ नहीं आया लेकिन शातिर ने किन्हीं तीन लोगों को नोमिनी बनाया हुआ था। इससे लगा रहा था कि उन्होंने कोई खाता खोला है। उनके काम करने के तरीके से लग रहा था कि बैंक से ही कॉल है। इसलिए उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं बोला। लेकिन जब उनके खाते से दो बार में एक लाख रुपये निकाल लिए तो उन्होंने ऐसा करने से रोकने का प्रयास किया। शातिरों ने बाद में उनके व्हाट्सएप और मेल से भेजी सभी चीजों को डिलीट कर दिया था। ठगी की जानकारी होने पर उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की। मसूरी थाना प्रभारी रविंद्र पंत ने बताया कि मामले मे रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साइबर सेल की मदद से शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
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