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Ghaziabad Police: एसएसपी का बड़ा एक्शन, ताबड़तोड़ लूट पर इंदिरापुरम थाना के 82 पुलिसकर्मी भेजे पुलिस लाइन
Thu, 16 Jun 2022 03:59 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 03:59 AM IST
सार
एसएसपी के रूप में तैनाती मिलने के बाद मुनिराज जी. ने पहली बार एक साथ इतने तबादले किए हैं। वह इससे पहले लगभग दो महीने कार्यकारी एसएसपी के रूप में तैनात रहे। उन्होंने बताया कि अपराध नियंत्रण इन तबादलों का मुख्य मकसद है।
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गाजियाबाद पुलिस (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में रोज हो रही लूट पर एसएसपी मुनिराज जी. ने बड़ा एक्शन लिया। थाने में एक साल से जमे 82 पुलिसकर्मियों का एक साथ पुलिस लाइन में तबादला कर दिया। हालांकि, यह कार्रवाई काफी देरी से की गई क्योंकि लगभग दो महीने से चेन और पर्स लूट की वारदात रोज हो रही थी। जब 13 जून को दिनदहाड़े 15 लाख की लूट हो गई और उस पर शासन तक के रिपोर्ट मांगी गई, तब यह सख्ती दिखाई गई है। इनकी जगह लाइन से 84 को भेजा गया है।
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इसके अलावा 77 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है। इनके थाने और चौकी बदले गए हैं। इससे पहले 43 दरोगा और 13 निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले जा चुके हैं। सीओ कविनगर, सीओ द्वितीय, साहिबाबाद महिला चौकी, थाना कविनगर समेत अन्य कार्यालय के पुलिसकर्मी भी बदले गए हैं।
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एसएसपी के रूप में तैनाती मिलने के बाद मुनिराज जी. ने पहली बार एक साथ इतने तबादले किए हैं। वह इससे पहले लगभग दो महीने कार्यकारी एसएसपी के रूप में तैनात रहे। उन्होंने बताया कि अपराध नियंत्रण इन तबादलों का मुख्य मकसद है।
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छोटो को छोड़ा नहीं, बड़ों को छेड़ा नहीं
इतने दिनों बाद की गई कार्रवाई में भी सख्ती सिर्फ सिपाही और हेड कांस्टेबल तक ही सीमित है। एक साल से ज्यादा तैनाती वालों में से थाने पर एक को भी नहीं छोड़ा गया है। हालांकि, इनसे ऊपर की रैंक के पुलिसवालों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है जबकि अपराध नियंत्रण की उनकी सीधी जिम्मेदारी है। इनमें चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और क्षेत्र अधिकारी (सीओ) शामिल हैं। इसी थाना में कई दरोगा हैं जो एक साल से ज्यादा समय से जमे हैं, उन्हें भी फिलहाल बख्श दिया गया है। अब देखना यह है कि सिपाहियों को हटाने से अपराध की रफ्तार कम होती है या नहीं।