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नकल कराने में तीन को तीन साल की सजा
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नकल कराने में तीन को तीन साल की सजा
गाजियाबाद। आईबीपीएस की लिपिक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी श्रवण यादव के स्थान पर तरुण उप्पल द्वारा परीक्षा देने और संजीव कुमार द्वारा मध्यस्थता कराने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को तीनों को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही तरुण उप्पल पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि 13 दिसंबर 2014 को आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलेज गाजियाबाद में आईबीपीएस की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में अभ्यर्थी श्रवण यादव के स्थान पर तरुण उप्पल परीक्षा भवन में उपस्थित हुआ। रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं मिलने पर निरीक्षक को शक हुआ। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। मामले में कॉलेज के बाहर खड़ी सीबीआई की टीम को सूचना मिलते ही तरुण उप्पल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कॉलेज के बाहर से श्रवण यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद सीबीआई को पूछताछ के दौरान तरुण उप्पल ने बताया कि संजीव कुमार ने श्रवण यादव को परीक्षा में पास कराने के एवज में साढ़े छह लाख रुपये देने की बात कही थी। इसके बाद तरुण उप्पल परीक्षा देने के लिए तैयार हो गया था। परीक्षा के दिन संजीव तरुण को परीक्षा देने के बाद रकम देने कॉलेज के बाहर आया था। टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों के जेल जाने के बाद मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई शिवांश सिंह की अदालत में चली। अदालत ने सुबूत और गवाहों के बयान के आधार पर श्रवण यादव, तरुण उप्पल और संजीव कुमार को दोषी पाया।
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गाजियाबाद। आईबीपीएस की लिपिक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी श्रवण यादव के स्थान पर तरुण उप्पल द्वारा परीक्षा देने और संजीव कुमार द्वारा मध्यस्थता कराने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को तीनों को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही तरुण उप्पल पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि 13 दिसंबर 2014 को आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलेज गाजियाबाद में आईबीपीएस की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में अभ्यर्थी श्रवण यादव के स्थान पर तरुण उप्पल परीक्षा भवन में उपस्थित हुआ। रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं मिलने पर निरीक्षक को शक हुआ। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। मामले में कॉलेज के बाहर खड़ी सीबीआई की टीम को सूचना मिलते ही तरुण उप्पल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कॉलेज के बाहर से श्रवण यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद सीबीआई को पूछताछ के दौरान तरुण उप्पल ने बताया कि संजीव कुमार ने श्रवण यादव को परीक्षा में पास कराने के एवज में साढ़े छह लाख रुपये देने की बात कही थी। इसके बाद तरुण उप्पल परीक्षा देने के लिए तैयार हो गया था। परीक्षा के दिन संजीव तरुण को परीक्षा देने के बाद रकम देने कॉलेज के बाहर आया था। टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों के जेल जाने के बाद मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई शिवांश सिंह की अदालत में चली। अदालत ने सुबूत और गवाहों के बयान के आधार पर श्रवण यादव, तरुण उप्पल और संजीव कुमार को दोषी पाया।
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