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फ्लैट और यूनिवर्सिटी में निदेशक बनाने के नाम पर ठगे 58 लाख

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 01:21 AM IST
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फ्लैट और यूनिवर्सिटी में निदेशक बनाने के नाम पर ठगे 58 लाख
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मसूरी। फ्लैट और यूनिवर्सिटी में निदेशक का पद दिलाने के नाम पर तीन आरोपियों ने मेरठ निवासी संतोष यादव से 58 लाख रुपये ठग लिए। मामले में सुनीता यादव, वर्षा यादव और शुभम यादव के खिलाफ मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पलिस को दी शिकायत में संतोष यादव ने बताया कि तीनों आरोपियों के साथ उनके पारिवारिक संबंध थे। सुनीता के पति विजयपाल यादव ने उनसे अपनी कंपनी एमवे ग्रुप हाउसिंग द्वारा एनएच-58 पर बनाई जा रही द्वारिका हाईटस में फ्लैट बुक करने का प्रस्ताव दिया। फ्लैट की पूरी कीमत देने पर उन्हें बाजार भाव से कम में फ्ैलट देने का आश्वासन दिया गया। 30 लाख रुपये देकर उन्होंने गोविंदा टावर में छठे फ्लोर पर 1300 वर्ग फीट का फ्लैट बुक करा लिया। 21 दिसंबर 2012 को अलॉटमेंट लेटर के साथ ही एग्रीमेंट साइन कर लिया गया। कुछ महीनों बाद संतोष को पता चला कि फ्लैट मालिकों ने बिल्डर के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं। एसे फ्लैट मालिकों से संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि उनका फ्लैट 23 जनवरी 2014 को जितेंद्र रावत पुत्र सुरेश रावत निवासी इंदिरापुरम को 52 लाख 95 हजार रुपये में बेच दिया गया है। जितेंद्र ने फ्लैट पर लोन भी ले लिया था। फ्लैट के पैसे मांगने पर आरोपियों ने थोड़ा वक्त मांगते हुए वापस करने की बात कही। इस तरह करीब सात साल तक टरकाते रहे। जुलाई 2021 में विजयपाल की मृत्यु हो गई । रकम न मिलने की स्थिति में अक्तूबर 2021 में आरोपियों के घर जाकर पैसे मांगे तो उन्होंने गाली गलौच करते हुए वहां से भगा दिया।
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यूनिवर्सिटी में पद दिलाने के लिए ठगे 18 लाख
फ्लैट बुक करते समय आरोपियों ने संतोष को झांसे में लेकर 18 लाख रुपये की एवज में राजस्थान स्थित श्रीधर यूनिवर्सिटी में निदेशक का पद दिलाने का भी आश्वसान दिया। उन्होंने सात जुलाई 2014 को 18 लाख रुपये आरोपियों के खाते में हस्तांतरित कर दिए। इस संबंध में जब रसीद मांगी गई तो आरोपियों ने 10 लाख अतिरिक्त रकम की मांग कर दी। जनवरी 2015 में चेक के माध्यम से 10 लाख रुपये दे दिए। इस दौरान आरोपियों पर श्रीधर यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री बेचने का आरोप लगा। अपनी दी हुई रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने टरकाना शुरू कर दिया। मसूरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कई अन्य लोगों से भी ठगी की आशंका है, इस आधार पर भी जांच की जा रही है।
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