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व्हाट्सएप पर डीजी की डीपी लगाकर जानकारी लेने की कोशिश
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व्हाट्सएप पर डीजी की डीपी लगाकर जानकारी लेने की कोशिश
गाजियाबाद। शातिर बदमाश द्वारा व्हाट्सएप पर एनडीआरएफ के डीजी (महानिदेशक) की फोटो लगाकर गोविंदपुरम स्थित आठवीं बटालियन के कंट्रोल रूम के नंबर पर चैटिंग करने का मामला सामने आया है। आरोपी विभाग की संवेदनशील जानकारी लेने की कोशिश कर रहा था। बटालियन अधिकारियों ने इसकी जांच की और अन्य सभी बटालियन को भी इसकी जानकारी दी। मामले में आठवीं बटालियन डिप्टी कमांडेंट वेघराज मीणा ने साइबर सेल और पुलिस को सूचना दी है।
डिप्टी कमांडेंट वेघराज का कहना है कि बटालियन के कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप पर नंबर एक व्यक्ति द्वारा चैटिंग की गई। उस नंबर महानिदेशक एनडीआरएफ का फोटा लगाया गया था। मामले की मुख्यालय से जानकारी की गई तो पता चला यह नंबर ना तो डीजी का है ना ही किसी अधिकारी का। उन्होंने बताया कि एक एप पर नंबर की जांच करने पर पता चला कि यह नंबर मोहम्मद वसीम के नाम से आ रहा है। इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दी है। जानकारी के अनुसार इस नंबर से एनडीआरएफ की अन्य बटालियन के कंट्रोल रूम में भी चैटिंग की गई है, जिसमें विभाग की संवेदनशील जानकारी लेने की कोशिश की गई है। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। नंबर के आधार पर साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।
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गाजियाबाद। शातिर बदमाश द्वारा व्हाट्सएप पर एनडीआरएफ के डीजी (महानिदेशक) की फोटो लगाकर गोविंदपुरम स्थित आठवीं बटालियन के कंट्रोल रूम के नंबर पर चैटिंग करने का मामला सामने आया है। आरोपी विभाग की संवेदनशील जानकारी लेने की कोशिश कर रहा था। बटालियन अधिकारियों ने इसकी जांच की और अन्य सभी बटालियन को भी इसकी जानकारी दी। मामले में आठवीं बटालियन डिप्टी कमांडेंट वेघराज मीणा ने साइबर सेल और पुलिस को सूचना दी है।
डिप्टी कमांडेंट वेघराज का कहना है कि बटालियन के कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप पर नंबर एक व्यक्ति द्वारा चैटिंग की गई। उस नंबर महानिदेशक एनडीआरएफ का फोटा लगाया गया था। मामले की मुख्यालय से जानकारी की गई तो पता चला यह नंबर ना तो डीजी का है ना ही किसी अधिकारी का। उन्होंने बताया कि एक एप पर नंबर की जांच करने पर पता चला कि यह नंबर मोहम्मद वसीम के नाम से आ रहा है। इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दी है। जानकारी के अनुसार इस नंबर से एनडीआरएफ की अन्य बटालियन के कंट्रोल रूम में भी चैटिंग की गई है, जिसमें विभाग की संवेदनशील जानकारी लेने की कोशिश की गई है। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। नंबर के आधार पर साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।
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