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फर्जीवाड़े के मामले में किसी ओर के स्टे का हवाला देकर आरोपी को छुड़वाया
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फर्जीवाड़े के मामले में किसी ओर के स्टे का हवाला देकर आरोपी को छुड़वाया
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार आरोपी को उच्च न्यायालय से किसी और मामले में जारी स्टे के आदेश का फर्जी हवाला देकर शपथ पत्र के जरिये आरोपी को पुलिस से छुड़वा लिया। पुलिस को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर स्टे की जांच करने पर हुई। इस मामले की विवेचक ने अधिवक्ता महेश चंद शर्मा, सपा पार्षद आसिफ चौधरी, रियाजुद्दीन उर्फ रियाज अहमद, दानिश और फजर चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बता दें कि विजयनगर के मिर्जापुर व अकबरपुर-बहरामपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास बनाने के लिए ली गई जमीन के कुछ हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया गया था। साथ ही जमीन को अपनी बताकर उपजिलाधिकारी के न्यायालय में बाद दाखिल किया गया था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करके जमीन पर कब्जा किया है। इस मामले में 14 अप्रैल 2022 को राजस्व निरीक्षक विपिन कुमार ने विजयनगर थाने में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एक को किया गया था गिरफ्तार
थाना प्रभारी योगेंद्र मलिक का कहना है कि मामले में पांच मई को आरोपी रियाजुद्दीन उर्फ रियाज अहमद को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में रिमांड के लिए पेश करने के दौरान आरोपियों ने क्रिमिनल मिस रिट पिटीशन यामीन एवं अन्य में पारित आदेश का क्रमांक संलग्न करते हुए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें विवेचना के निस्तारण तक गिरफ्तारी पर रोक का हवाला दिया गया।
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यामीन और शौकिन को दिए गए आदेश का गलत तरीके से किया इस्तेमाल
आरोपियों ने जब फर्जी स्टे का आदेश व शपथ पत्र दिखाया तो पुलिस ने आरोपी रियाजुद्दीन उसके परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस ने उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर रिट याचिका का अवलोकन किया तो पता चला कि यह रिट पिटीशन यामीन व शौकीन अली द्वारा डाली गई थी, जिस पर न्यायालय ने यामीन व शौकिन को स्टे के आदेश प्रदान किया था लेकिन आरोपियों ने पार्षद की मिलीभगत से झूठा शपथ पत्र और स्टे के आदेश में फर्जीवाड़ा करके दिखाया गया। विजयनगर थाना प्रभारी योगेंद्र मलिका का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को गुमराह करने का मामला भी जोड़ा जा रहा है।
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गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार आरोपी को उच्च न्यायालय से किसी और मामले में जारी स्टे के आदेश का फर्जी हवाला देकर शपथ पत्र के जरिये आरोपी को पुलिस से छुड़वा लिया। पुलिस को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर स्टे की जांच करने पर हुई। इस मामले की विवेचक ने अधिवक्ता महेश चंद शर्मा, सपा पार्षद आसिफ चौधरी, रियाजुद्दीन उर्फ रियाज अहमद, दानिश और फजर चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बता दें कि विजयनगर के मिर्जापुर व अकबरपुर-बहरामपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास बनाने के लिए ली गई जमीन के कुछ हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया गया था। साथ ही जमीन को अपनी बताकर उपजिलाधिकारी के न्यायालय में बाद दाखिल किया गया था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करके जमीन पर कब्जा किया है। इस मामले में 14 अप्रैल 2022 को राजस्व निरीक्षक विपिन कुमार ने विजयनगर थाने में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एक को किया गया था गिरफ्तार
थाना प्रभारी योगेंद्र मलिक का कहना है कि मामले में पांच मई को आरोपी रियाजुद्दीन उर्फ रियाज अहमद को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में रिमांड के लिए पेश करने के दौरान आरोपियों ने क्रिमिनल मिस रिट पिटीशन यामीन एवं अन्य में पारित आदेश का क्रमांक संलग्न करते हुए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें विवेचना के निस्तारण तक गिरफ्तारी पर रोक का हवाला दिया गया।
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यामीन और शौकिन को दिए गए आदेश का गलत तरीके से किया इस्तेमाल
आरोपियों ने जब फर्जी स्टे का आदेश व शपथ पत्र दिखाया तो पुलिस ने आरोपी रियाजुद्दीन उसके परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस ने उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर रिट याचिका का अवलोकन किया तो पता चला कि यह रिट पिटीशन यामीन व शौकीन अली द्वारा डाली गई थी, जिस पर न्यायालय ने यामीन व शौकिन को स्टे के आदेश प्रदान किया था लेकिन आरोपियों ने पार्षद की मिलीभगत से झूठा शपथ पत्र और स्टे के आदेश में फर्जीवाड़ा करके दिखाया गया। विजयनगर थाना प्रभारी योगेंद्र मलिका का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को गुमराह करने का मामला भी जोड़ा जा रहा है।