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सख्ती हुई तो दो मरीजों के इलाज में कम किए 2.15 लाख
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सख्ती हुई तो दो मरीजों के इलाज में कम किए 2.15 लाख
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री के निर्देश का असर कोविड अस्पतालों पर होने लगा है। दो मरीजों के तीमारदारों ने कोरोना इलाज के नाम पर लाखों रुपये अधिक वसूलने की शिकायत की। कार्रवाई करते हुए कोविड प्रभारी डॉ. मिथिलेश ने एक अस्पताल से 1.80 लाख एवं एक अस्पताल से 1.35लाख रुपये कम करवाया। प्रभारी ने बताया कि इन दोनों अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. मिथिलेश ने बताया कि मामराज नगर निवासी महिला के कोरोना संक्रमित होने पर परिजनों ने इलाज के लिए प्रताप विहार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल द्वारा 4.50 लाख रुपये का बिल परिजनों को दिया गया। शासन के निर्धारित पैकेज से ज्यादा बिल मिलने पर परिजनों ने विरोध किया। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की चेतावनी तो अस्पताल प्रबंधन ने1.80 लाख रुपये कम कर दिया। वहीं दूसरे मामले में सदरपुर निवासी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने के बाद लोहिया नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती हुआ था। सातवें दिन मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने 4.66 लाख रुपये का बिल पकड़ा दिया। मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की गई। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय के निर्देश पर डॉ. मिथिलेश कुमार ने अस्पताल द्वारा दिया बिल मंगाया तो जांच के बाद उसमें से 1.35 लाख रुपये कम कराया। डॉ मिथिलेश ने बताया कि पांच अस्पतालों को पहले ही नोटिस दिया गया था। अब इन दोनों अस्पतालों की रिपोर्ट शासन एवं सीएमओ को भेजी जाएगी।
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बिना इलाज न लौट आएं प्राइवेट अस्पताल
डीएम अजय शंकर पांडेय ने प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन के साथ वर्चुअल बैठक करते हुए सख्त निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को बिना इलाज के वापस नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी मरीज के इलाज में किसी तरह की परेशानी आ रही है तो उसके बारे में कोविड कंट्रोल रूम में जानकारी दी जाए।
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गाजियाबाद। मुख्यमंत्री के निर्देश का असर कोविड अस्पतालों पर होने लगा है। दो मरीजों के तीमारदारों ने कोरोना इलाज के नाम पर लाखों रुपये अधिक वसूलने की शिकायत की। कार्रवाई करते हुए कोविड प्रभारी डॉ. मिथिलेश ने एक अस्पताल से 1.80 लाख एवं एक अस्पताल से 1.35लाख रुपये कम करवाया। प्रभारी ने बताया कि इन दोनों अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. मिथिलेश ने बताया कि मामराज नगर निवासी महिला के कोरोना संक्रमित होने पर परिजनों ने इलाज के लिए प्रताप विहार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल द्वारा 4.50 लाख रुपये का बिल परिजनों को दिया गया। शासन के निर्धारित पैकेज से ज्यादा बिल मिलने पर परिजनों ने विरोध किया। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की चेतावनी तो अस्पताल प्रबंधन ने1.80 लाख रुपये कम कर दिया। वहीं दूसरे मामले में सदरपुर निवासी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने के बाद लोहिया नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती हुआ था। सातवें दिन मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने 4.66 लाख रुपये का बिल पकड़ा दिया। मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की गई। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय के निर्देश पर डॉ. मिथिलेश कुमार ने अस्पताल द्वारा दिया बिल मंगाया तो जांच के बाद उसमें से 1.35 लाख रुपये कम कराया। डॉ मिथिलेश ने बताया कि पांच अस्पतालों को पहले ही नोटिस दिया गया था। अब इन दोनों अस्पतालों की रिपोर्ट शासन एवं सीएमओ को भेजी जाएगी।
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बिना इलाज न लौट आएं प्राइवेट अस्पताल
डीएम अजय शंकर पांडेय ने प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन के साथ वर्चुअल बैठक करते हुए सख्त निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को बिना इलाज के वापस नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी मरीज के इलाज में किसी तरह की परेशानी आ रही है तो उसके बारे में कोविड कंट्रोल रूम में जानकारी दी जाए।
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