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30 हजार कारोबारियों से वसूलेंगे 1579 करोड़
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30 हजार कारोबारियों से वसूलेंगे 1579 करोड़
गाजियाबाद। जीएसटी लागू होने के करीब तीन साल बाद अब वैट वसूली को लेकर कवायद शुरू की गई है। जीएसटी लगने के बाद वैट समाप्त हो गया था लेकिन बकाया वसूली के मामले लंबित रह गए थे। गाजियाबाद के दोनों जोन में करीब 30 हजार व्यापारियों की आरसी तैयार की गई है, जिनसे 1579 करोड़ की बकाया वैट की वसूली की जाएगी।
गाजियाबाद जोन में हापुड़ और बुलंदशहर जिले भी शामिल हैं। दोनों जोन में फिलहाल करीब 91000 व्यापारी पंजीकृत हैं लेकिन वैट के 30391 व्यापारियों की आरसी तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से भी इस संदर्भ में निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में 23 हजार करोड़ की धनराशि वैट बकाया के रूप में व्यापारियों से वसूली जानी है। गाजियाबाद के जोन-1 में जिसमें हापुड़ भी शामिल है, से 738 करोड़, जोन-2 जिसमें बुलंदशहर भी आता है, से 841 करोड़ की वसूली की जाएगी।
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ओटीएस से बकाया वसूलने की तैयारी :
शासन की मंशा है कि वैट वसूली कर सभी लंबित मामलों को निपटा कर खत्म किए जाएं। इसके लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) को लाने पर विचार किया जा रहा है। इस सप्ताह में ओटीएस को लेकर निर्देश अधिकारियों को मिल सकते हैं। इसके बाद सभी खंडों में व्यापारियों को जागरूक कर वैट का बकाया वसूल किया जाएगा। ओटीएस में व्यापारियों को छूट मिलने की भी उम्मीद है।
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एफडीआर की राशि मिलना भी होगा आसान :
हाल ही में शासन ने व्यापारियों को वैट में जमा एफडी को निकालने के लिए भी निर्देश दिए हैं। व्यापारी अपने लंबित मामलों को निपटा कर वैट में एफडी के तौर पर जमा धनराशि को निकाल सकते हैं। ओटीएस स्कीम आने के बाद व्यापारी के लंबित मामले भी निपट सकेंगे और एफडी में जमा धनराशि निकालने में भी आसानी होगी। ब्यूरो
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क्या कहते हैं अधिकारी :
गाजियाबाद जोन में शामिल तीनों जनपदों के अधिकारियों ने वैट में जारी आरसी की सूची तैयार की है। विभाग से एक या दो दिन में ओटीएस संबंधी निर्देश मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
- अरविंद कुमार, एडिशनल कमिश्नर जोन-1, वाणिज्य कर विभाग
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गाजियाबाद। जीएसटी लागू होने के करीब तीन साल बाद अब वैट वसूली को लेकर कवायद शुरू की गई है। जीएसटी लगने के बाद वैट समाप्त हो गया था लेकिन बकाया वसूली के मामले लंबित रह गए थे। गाजियाबाद के दोनों जोन में करीब 30 हजार व्यापारियों की आरसी तैयार की गई है, जिनसे 1579 करोड़ की बकाया वैट की वसूली की जाएगी।
गाजियाबाद जोन में हापुड़ और बुलंदशहर जिले भी शामिल हैं। दोनों जोन में फिलहाल करीब 91000 व्यापारी पंजीकृत हैं लेकिन वैट के 30391 व्यापारियों की आरसी तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से भी इस संदर्भ में निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में 23 हजार करोड़ की धनराशि वैट बकाया के रूप में व्यापारियों से वसूली जानी है। गाजियाबाद के जोन-1 में जिसमें हापुड़ भी शामिल है, से 738 करोड़, जोन-2 जिसमें बुलंदशहर भी आता है, से 841 करोड़ की वसूली की जाएगी।
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ओटीएस से बकाया वसूलने की तैयारी :
शासन की मंशा है कि वैट वसूली कर सभी लंबित मामलों को निपटा कर खत्म किए जाएं। इसके लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) को लाने पर विचार किया जा रहा है। इस सप्ताह में ओटीएस को लेकर निर्देश अधिकारियों को मिल सकते हैं। इसके बाद सभी खंडों में व्यापारियों को जागरूक कर वैट का बकाया वसूल किया जाएगा। ओटीएस में व्यापारियों को छूट मिलने की भी उम्मीद है।
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एफडीआर की राशि मिलना भी होगा आसान :
हाल ही में शासन ने व्यापारियों को वैट में जमा एफडी को निकालने के लिए भी निर्देश दिए हैं। व्यापारी अपने लंबित मामलों को निपटा कर वैट में एफडी के तौर पर जमा धनराशि को निकाल सकते हैं। ओटीएस स्कीम आने के बाद व्यापारी के लंबित मामले भी निपट सकेंगे और एफडी में जमा धनराशि निकालने में भी आसानी होगी। ब्यूरो
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क्या कहते हैं अधिकारी :
गाजियाबाद जोन में शामिल तीनों जनपदों के अधिकारियों ने वैट में जारी आरसी की सूची तैयार की है। विभाग से एक या दो दिन में ओटीएस संबंधी निर्देश मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
- अरविंद कुमार, एडिशनल कमिश्नर जोन-1, वाणिज्य कर विभाग