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UP: 'मां आपकी चालबाजी और चतुराई से वाकिफ हूं... नोट मत फाड़ना', पिता के लिए लिखी ये बात; भाई-बहन ने दी जान

Sun, 03 Aug 2025 04:18 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 03 Aug 2025 04:18 PM IST
सार

गाजियाबाद के गोविंदपुरम में आईबी में कार्यरत भाई अविनाश और उसकी बहन अंजलि की आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट मिलने से नया मोड़ आ गया है। बहन अंजलि ने आत्महत्या करने से पहले डायरी के 22 पेजों पर यह सुसाइड नोट लिखा है। 
 

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ghaziabad brother and sister suicide case Avinash died 14 minutes after his sister
ghaziabad brother and sister suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गाजियाबाद के गोविंदपुरम में रहने वाले भाई-बहन की आत्महत्या के मामले में अंजलि की मौत अविनाश से करीब 14 मिनट पहले हुई है। दोनों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। शरीर पर चोट अथवा अन्य प्रकार के निशान नहीं मिले हैं। 
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। 31 जुलाई की शाम को अंजलि और अविनाश ने एक साथ जहरीला पदार्थ खाया। जब तक इन्हें अस्पताल ले जाया गया तब तक अंजलि की मौत हो गई थी। जबकि अविनाश की मौत अस्पताल में पहुंचते ही अंजलि से करीब 14 मिनट बाद हुई।
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बता दें कि आत्महत्या से पहले अंजलि ने डायरी में 22 पेजों का सुसाइड नोट छोड़ा और सौतेली मां को इसके पन्ने न फाड़ने की हिदायत दी थी। सुसाइड नोट के अनुसार, अपने माता-पिता को झूठी शान और समाज के खोखले रीति-रिवाज को अकेले रहकर निभाने की हिदायत भी दी। 
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मृतक भाई-बहन के एक रिश्तेदार ने बताया कि इनके पिता ने अंजलि की शादी तय कर दी थी। इसका अंजलि ने विरोध किया था। इसे लेकर सुखवीर सिंह और रितु की अंजलि से काफी कहासुनी भी हुई। बताया गया कि शादी के लिए दबाव भी डाला गया।

डायरी में मिला सुसाइड नोट...मिस रितु रानी और मिस्टर सुखबीर को बताया मौत का जिम्मेदार
गाजियाबाद के गोविंदपुरम में आईबी में कार्यरत भाई अविनाश और उसकी बहन अंजलि की आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट मिलने से नया मोड़ आ गया है। बहन अंजलि ने आत्महत्या करने से पहले डायरी के 22 पेजों पर यह सुसाइड नोट लिखा है। 

 

अंजलि ने लिखा है कि हमारी मौत के जिम्मेदार मिस रितु (सौतेली मां) और मिस्टर सुखवीर सिंह (पिता) के अलावा और कोई नहीं है। मेरे खाते में पड़े पैसे और पीएफ का हकदार महिम (दोस्त) होगा और मेरी चिता को मिस रितु और मिस्टर सुखवीर सिंह हाथ न लगाएं। 

 

मेरी चिता को आग केवल महिम ही देगा। अंजली ने सुसाइड नोट के पन्नों की फोटो अपने पिता सुखवीर सिंह, सौतेली मां, मौसा अनिल सिंह और मौसी रेखा रानी को व्हाट्सएप पर भेजी है।

 

इन भाई-बहन ने एक दिन पहले बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली थी। घर वालों ने कार्रवाई से इंकार कर दिया था और पुलिस ने सुसाइड नोट न मिलने की बात कही थी। हालांकि शुक्रवार को कमरे की तलाश में पुलिस को डायरी में सुसाइड नोट लिखा मिल गया। 

 

'पिता सुखवीर सिंह और उनकी मां रितु उनका मानसिक उत्पीड़न करते हैं'
नोट में अंजलि लिखा है कि समाज के रीति रिवाज और खोखली शान के लिए पिता सुखवीर सिंह और उनकी मां रितु उनका मानसिक उत्पीड़न करते हैं। रितु देवी की चतुराई के सामने सुखवीर सिंह का अपनी सफाई देना बिल्कुल बेईमानी है। क्योंकि पिता तो सौतेली मां पर विश्वास करते हैं। 

आगे लिखा है कि ...पापा बच्चे को सिर्फ जन्म देना और केवल स्कूल की फीस भरना ही नहीं होता, उसके साथ समय बिताना, उसकी इच्छा पूरी करना भी होता है। मेरे भाई ने मेहनत करके सरकारी नौकरी पाई है। उसका भी इतना शोषण किया कि वह अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने भी नहीं जा सकता। 

 

'आपको अपनी पत्नी मुबारक'
सुखबीर सिंह आपको पापा कहना अच्छा नहीं लगता। तुम्हें अधिकार नहीं है मेरे शव को छूने का। तुमने अपनी दूसरी शादी के लिए अपने ही बच्चों की खुशियों का गला घोंट दिया है। आपको अपनी पत्नी मुबारक।
 

सुसाइड नोट में अंजलि ने बगैर मां के होना खुद को अभागन बताया। साथ ही मामा देवेंद्र और मौसा अनिल को संबोधित कर लिखा है कि आप लोग रिश्तेदार हो लेकिन आज तक आप लोगों ने हमारा हाल नहीं जाना। अनिल मौसा के लिए लिखा है कि उनकी बेटी काफी अच्छी है।

 

मेरे चरित्र पर सवाल उठे और पापा चुप रहे
अंजलि ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उनकी सौतेली मां ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए। बदनाम किया और बुरा-भला कहा। ऐसे में भी मेरे पिता चुपचाप रहे और मेरी एक न सुनी। कुछ लोग कहेंगे कि मैं बुरी हूं और अपने माता-पिता के बारे में ऐसा लिख रही हूं। मुझे पता है कि सौतेली मां के साथ 16 साल कैसे बिताए हैं। उसका दर्द मेरे सिवा मेरे भाई को भी है।

 

डायरी के पेज मत फाड़ना...मैं अकेले मरती तो चरित्र पर उठते सवाल
अंजलि ने सुसाइड नोट में अपनी सौतेली मां को चेतावनी दी कि तुम्हारी चालबाजी और चतुराई से वह वाकिफ हैं। इसलिए डायरी पर लिखे ये पेज मत फाड़ना। क्योंकि इनकी फोटो खींचकर मैंने कई लोगों को भेज दी है। तुम्हारी चतुराई पकड़ी जाएगी। मैं अकेली मरती तो मेरे चरित्र पर सवाल उठता। हम दोनों भाई-बहन मानसिक तनाव में हैं। अब समाज में नजरें उठाकर जीकर दिखाना।
 

मुझे बस महिम ने समझा, उसे गिफ्ट देना चाहूंगी
अंजलि ने लिखा कि ...महिम अब सबकुछ तेरे हवाले, मैं अब दुनिया छोड़कर जा रही हूं। मुझे तू ही मुखाग्नि देगा, मेरे माता-पिता और अन्य को शव से हाथ नहीं लगाने देना। तुम मेरे शुभचिंतक हो तुम्हें कुछ गिफ्ट करना चाहती हूं। मेरे खाते के सारे पैसे तुम रख लेना, ये मेरा छोटा सा सपोर्ट है। 

दूसरे खाते के पैसे एच-352 मकान में रहने वालों को दे देना और मेरी पॉलिसी भी। बाकी सब तेरा है। मैं घर की कलह झेल नहीं पा रही हूं। एक रिश्तेदार ने बताया कि महिम अंजलि का ग्राफिक डिजाइनर दोस्त है और दोनों ने पार्टनरशिप में काम किया है। हालांकि अंजलि कई वर्षों से नोएडा की रैनविक एक्सपोर्ट कंपनी में बतौर टीम लीडर नौकरी करती थीं।

 

भाई-बहन के आत्महत्या के मामले में युवती का सुसाइड नोट मिला है। कुछ बातें उन्होंने शेयर की हैं। पिता और सौतेली मां को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया है। मामले की जांच चल रही है। वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी

यह भी पढ़ें: UP: 'आपको पापा कहना अच्छा नहीं..., आपको अपनी पत्नी मुबारक, शव को छूना मत', 22 पेज का नोट लिख भाई-बहन ने दी जान
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