फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaaiabad news

संयुक्त जिला अस्पताल में तीन माह से नहीं हुआ ऑपरेशन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 22 Mar 2021 01:28 AM IST
विज्ञापन
ghaaiabad news
ghaaiabad news
संयुक्त जिला अस्पताल में तीन माह से नहीं हुआ ऑपरेशन
विज्ञापन

गाजियाबाद। स्वास्थ्य राज्यमंत्री के गृह जिले में भी स्वास्थ्य सेवाएं बीमार हैं। जिले में संचालित तीन बड़ी अस्पतालों में एक भी अस्पताल ऐसा नहीं है कि जहां पर डॉक्टरों की संख्या पदों के अनुरूप हो। डाक्टरों की कमी के कारण मरीजों को आए दिन परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे गंभीर स्थिति संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल की है, वहां पर 27 पदों के सापेक्ष महज पांच डाक्टर का कर रहे हैं, हालांकि कहने के लिए 13 डॉक्टर नियुक्त हैं, लेकिन इनमें से कोई बीमार है तो कोई पढ़ाई के लिए लंबी छुट्टी पर है। वहीं कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं काम का दबाव बढ़ने के कारण स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की तैयारी में हैं, इसलिए वह काम नहीं करना चाहते। ऐसे में एक डॉक्टर प्रतिदिन इमरजेंसी ड्यूटी के साथ ओपीडी भी कर रहे हैं।
संयुक्त अस्पताल में डाक्टरों के 22 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में अस्पताल में केवल पांच ही डॉक्टर काम कर रहे हैं। अस्पताल में सामान्य सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से फिजीशियन ही ऐसे मरीजों का इलाज करते हैं। जो गंभीर होते हैं उन्हें रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल के सर्जन डॉ. अखिलेश मोहन तीन माह पहले सीएमओ मेरठ बन गए, उसके बाद से किसी सर्जन की नियुक्ति नहीं हुई। तब से अस्पताल में ऑपरेशन बंद हैं। एक महीने में लगभग एक सौ से सवा सौ ऑपरेशन होते थे, अब सर्जरी के मामलों को जिला एमएमजी अस्पताल और दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। स्थिति यह है कि अस्पताल में एक भी ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) नहीं है। इस कारण से ओपीडी करने वाले डॉक्टर को ही इमरजेंसी में ड्यूटी करनी पड़ रही है, कई बार स्थिति यह होती है कि फिजीशियन की ओपीडी भी बंद होती है।
विज्ञापन

प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं 1400 से 1600 मरीज
संयुक्त अस्पताल में कोरोना संक्रमण से पहले प्रतिदिन लगभग 1400 से 1600 मरीज इलाज के लिए आते हैं। फरवरी में दोबारा से अस्पताल शुरू होने के बाद अब फिर मरीजों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन डाक्टरों की कमी के चलते मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल की ओपीडी में महज चार ही डॉक्टर बैठते हैं। इनमें एक फिजीशियन, एक ऑर्थोपेडिक, एक महिला रोग विशेषज्ञ और एक बाल रोग विशेषज्ञ रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शासन को कई बार लिखे गए पत्र
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय और स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग को पत्र भेजकर अस्पताल की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। अस्पताल के लिए ईएमओ और डॉक्टर की मांग की गई है। सीएमओ से भी मांग की गई है कि सीएचसी व पीएचसी के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत डॉक्टरों को संयुक्त अस्पताल में नियुक्त किया जाए।

डॉ. संजय तेवतिया, संयुक्त अस्पताल
डाक्टरों भर्ती की गई थी, लेकिन कई डाक्टरों ने ज्वाइन नहीं किया। अब जल्द ही दोबारा भर्ती की जाएगी, इसके बाद जिले के अस्पतालों में डाक्टरों की नियुक्ति कराई जाएगी। इस मामले में मुख्य मंत्री से भी वार्ता की जा चुकी है।
अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed