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कर लो तैयारी, पुराने नोट की कल आखिरी बारी

Tue, 13 Dec 2016 10:36 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Tue, 13 Dec 2016 10:36 PM IST
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Get ready, the old notes at the last turn
नाेट - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों, मेडिकल स्टोर, गैस एजेंसी सहित जरूरी सेवाओं में 500 रुपये का पुराना नोट केवल 15 दिसंबर तक ही मान्य है। शुक्रवार से जरूरी सेवाओं के साथ प्रमुख सरकारी विभागों में भी 500 का पुराना नोट चलन से बाहर हो जाएगा।

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आप के पास अगर पुराने 500 के नोट हैं तो उनके जरिए बिजली बिल, सेल्स टैक्स, मेडिकल स्टोर से दवाएं और तहसील में रजिस्ट्री कराने के लिए केवल दो दिन बचे हैं। इसके बाद पुराने नोट 31 दिसंबर तक  सिर्फ बैंकों में ही जमा किए जा सकेंगे।
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पावर कारपोरेशन के गाजियाबाद क्षेत्र के 121 कैश काउंटरों पर आठ नवंबर से अब तक बिजली विभाग के राजस्व में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। बीते माह 30 नवंबर तक गाजियाबाद जोन में आने वाले गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ के कैश काउंटरों पर राजस्व का आंकड़ा तकरीबन 250 करोड़ के करीब पहुंच गया।
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अकेले गाजियाबाद क्षेत्र में 30 नवंबर तक  148 करोड़ के लगभग राजस्व एकत्रित हुआ। पावर कारपोरेशन एसई एसबी यादव ने बताया कि बिलिंग काउंटरों पर बृहस्पतिवार तक पुरानी करेंसी के जरिए बिजली बिल जमा हो सकेंगे।

उधर, एआईजी स्टांप राजेश कुमार ने  बताया कि सरकारी आदेशों के तहत 1000 का नोट तो पहले ही बंद कर दिया गया था। अब 500 रुपये के नोटों को भी सिर्फ 15 दिसंबर तक ही स्वीकार किया जाएगा।

बता दें कि प्रापर्टी की रजिस्ट्री के दौरान पांच लाख तक की रजिस्ट्री पर दो प्रतिशत और इससे ऊपर अधिकतम बीस हजार रुपये का शुल्क निबंधन विभाग वसूल करता है। गैस डिस्ट्रीब्यूटर ईरेश कुमार के मुताबिक गैस कंपनियों की ओर से फिलहाल कोई नया दिशा-निर्देश नहीं आया है।

हॉकरों को भी निर्देश दे दिया गया है कि शुक्रवार से नए नोट ही स्वीकार करें। उधर, एआरटीओ विश्वजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार से 500 और 2000 की नई करेंसी ही स्वीकार की जाएगी।


नगर निगम की भर गई झोली
गाजियाबाद। नोटबंदी के बाद नगर निगम की झोली भर गई है। सरकार के निर्देश पर 15 दिसंबर तक पुराने नोटों से शहरवासी हाउस टैक्स के साथ अन्य टैक्स जमा करा सकते हैं। संयुक्त नगर आयुक्त एसके तिवारी के मुताबिक पिछले वर्ष नवंबर के अंत तक नगर निगम में 60 करोड़ 39 लाख 78 हजार रुपये टैक्स जमा किया गया था। जबकि इस वर्ष नवंबर के अंत में 67 करोड़ 56 लाख 52 हजार रुपये जमा हो चुके हैं। उम्मीद है कि 15 दिसंबर तक यह राजस्व बढ़कर 70 करोड़ के  भी पार हो जाए।

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