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Ghaziabad News: जनरल को लड़नी होगी टिकट की जंग

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2024 01:00 AM IST
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General will have to fight the battle for ticket
गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को जिन 195 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की, उनमें गाजियाबाद का नाम शामिल नहीं है। इसकी वजह इस बार टिकट के लिए कई मजबूत दावेदार सामने आ जाना मानी जा रही है। जाहिर है, दो बार से जीत रहे जनरल ( रिटायर्ड ) वीके सिंह को इस बार टिकट के लिए इन दावेदारों से जंग लड़नी होगी। पांच साल पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की पहली सूची 21 मार्च को आई थी। मेरठ मंडल की पांच सीटों की बात करें तो उसमें गाजियाबाद से वीके सिंह, गौतमबुद्धनगर से डाॅ. महेश शर्मा, मेरठ से डाॅ. राजेंद्र अग्रवाल, बुलंदशहर से भोला सिंह और बागपत से सत्यपाल सिंह का नाम था। सभी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। इस बार पहली सूची में नोएडा से एक बार फिर महेश शर्मा और बुलंदशहर से लगातार तीसरी बार भोला सिंह को टिकट दिया गया है। बागपत, मेरठ और गाजियाबाद से उम्मीदवार घोषित नहीं किए गए हैं। इनमें से बागपत सीट गठबंधन में रालोद कोटे में जाना तय मानी जा रही है। सवाल यह है कि मेरठ और गाजियाबाद पर सस्पेंस क्यों रखा गया? मेरठ से राजेंद्र अग्रवाल लगातार तीन बार और गाजियाबाद से वीके सिंह लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। 2019 में राजेंद्र अग्रवाल की जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था लेकिन वीके सिंह तो दोनों चुनाव भारी मतों से जीते हैं। इसके बावजूद पहली सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है। वह 2019 में पांच लाख एक हजार पांच सौ वोटों से जीते। इससे पहले 2014 में पांच लाख 67 हजार 260 वोटों से जीते थे।
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गठबंधन में कांग्रेस के खाते में है सीट
सपा-कांग्रेस के गठबंधन में इस बार गाजियाबाद सीट कांग्रेस के खाते में है। अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। कांग्रेस इस सीट पर एक बार भी जीत नहीं दर्ज कर सकी है। 2009 में ही गाजियाबाद सीट बनी थी। इससे पहले यह हापुड़-गाजियाबाद सीट के नाम से थी। उस पर कांग्रेस ने आखिरी बार 2004 में जीत दर्ज की थी। सुरेंद्र गोयल सांसद बने थे।
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गुल खिला सकती है विधायकों की रिपोर्ट

वीके सिंह को टिकट मिलना इस बात पर भी निर्भर करता है कि गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के पांचों विधायकों ने उनके बारे में क्या राय दी है। कई मौकों पर विधायक और सांसद में तालमेल की कमी सामने आ चुकी है। मामला हाईकमान तक भी गया था। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में लोनी, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मुरादनगर और धौलाना विधान सभा क्षेत्र आते हैं। पांचों सीटों पर भाजपा के विधायक हैं।
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