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जीडीए इस हफ्ते डीएमआरसी को 50 करोड़
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 02 Mar 2017 11:01 PM IST
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metro track
- फोटो : amar ujala
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साहिबाबाद। जीडीए इस हफ्ते डीएमआरसी को 50 करोड़ रुपये देगा। अब तक जीडीए 540 करोड़ रुपये डीएमआरसी को दे चुका है। वहीं डीएमआरसी ने अब तक मिली राशि को अपर्याप्त बताया है। उसका कहना है कि दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए जीडीए से 1400 करोड़ रुपये चाहिए।
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जीडीए के फाइनेंस कंट्रोलर टीआर यादव ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस हफ्ते डीएमआरसी को 50 करोड़ मिल जाएंगे। इस राशि की आरटीजीएस तैयार है, एक दो दिनों में राशि जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही डीएमआरसी को दी जाने वाली कुल राशि 590 करोड़ हो जाएगी।
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उधर, डीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि जून 2014 में जीडीए के साथ एमओयू पर हुए साइन के अनुसार उन्हें जीडीए से एकमुश्त 1400 करोड़ चाहिए। जीडीए हर बार 50 करोड़ की राशि ही जारी करता है, इससे प्रोजेक्ट को रफ्तार नहीं मिल रही है।
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हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब तक फंड के अभाव में डीएमआरसी का काम रुका नहीं है। जीडीए के चीफ इंजीनियर एससी द्विवेदी ने कहा कि जब भी डीएमआरसी को धन की जरूरत होती है तो जीडीए उन्हें 50 करोड़ की किश्त देने में देर नहीं करता है।
आगे भी अपने बजट को देखते हुए जीडीए किश्तों में ही राशि देता रहेगा। मेट्रो के लिए धन का कोई अभाव नहीं है। जीडीए वीसी विजय यादव का कहना है कि डीएमआरसी को भुगतान के लिए फंडिंग पैटर्न बनाई गई है।
जीडीए को कुल 2210 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में अपने हिस्से का 695.40 करोड़ भुगतान करना है। हालांकि जीडीए नगर निगम, आवास विकास परिषद और यूपीएसआईडीसी के हिस्से की राशि का भुगतान डीएमआरसी को कराने के लिए तत्पर है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव, आवास सदाकांत को इस संबंध में जीडीए ने पत्र लिखा है। पता चला है कि प्रमुख सचिव ने भी उक्त तीनों विभागों को यह भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए हैं।
आवास विकास परिषद ने दिए सिर्फ 50 करोड़
आवास विकास परिषद को मेट्रो के लिए अपने हिस्से के रूप में 440 करोड़ रुपये की राशि देनी है, लेकिन अभी तक सिर्फ 50 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं। अधीक्षण अभियंता केए सिंघल ने बताया कि परिषद मेट्रो की फंडिंग अवस्थापना निधि से करेगा।
अवस्थापना निधि की राशि स्वीकृत होते ही जीडीए को रकम जारी कर दी जाएगी। वहीं नगर निगम को अपने हिस्से का 246 करोड़ देना है। इस बारे में जीडीए वीसी ने बताया कि निगम ने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जो जमीन उपलब्ध कराई हैै, उसकी कीमत लगभग 240 करोड़ है।
इस हिसाब से निगम को 6 करोड़ ही देना है। उन्होंने कहा कि यूपीएसआईडीसी ने अपने हिस्से की राशि जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। यूपीएसआईडीसी ने अपने हिस्से की 98 करोड़ में से 3.30 करोड़ दिए हैं। बाकी केंद्र को 402.40 करोड़ और डीएमआरसी को 328 करोड़ देने हैं।