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Ghaziabad News: गैस बिल अपडेट करने का झांसा देकर दो लोगों से 8.86 लाख रुपये ठगे
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गाजियाबाद। आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) कनेक्शन और बिल अपडेट करने का झांसा देकर साइबर ठगों ने दो लोगों से 8.86 लाख रुपये ठग लिए। इंदिरापुरम में महिला से 6.26 लाख रुपये और कविनगर क्षेत्र में एक व्यक्ति से 2.60 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में पीड़ितों ने अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इंदिरापुरम क्षेत्र के नीति खंड तृतीय स्थित मंगलम अपार्टमेंट निवासी संगीता सेठ के मुताबिक, 11 सितंबर को उन्हें आईजीएल के नाम से संदेश मिला। इसमें बताया गया कि उनका गैस कनेक्शन कट जाएगा और बिल अपडेट कराने के लिए एक मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया।
संगीता ने दिए गए नंबर पर फोन किया तो ठगों ने खुद को आईजीएल का कर्मचारी बताया। उन्होंने आईजीएल के नाम से एक एपीके फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड करने के बाद उनके आईसीआईसीआई व आईडीबीआई बैंक खातों और आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से रकम निकलने लगी। छह लेनदेन में कुल 6,26,713 रुपये की ठगी हुई।एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता ने बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। इनकी जांच की जा रही है।
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खाते ब्लॉक कराए, ठगों ने कर दिए अनब्लॉक
कविनगर थाना क्षेत्र के चिरंजीव विहार निवासी दीनानाथ प्रसाद भी आईजीएल बिल अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हुए। दीनानाथ ने 29 अगस्त को गैस बिल का ऑनलाइन भुगतान किया था। इसके बाद उन्होंने बिल अपडेट कराने के लिए इंटरनेट पर आईजीएल का फोन नंबर खोजा। उस पर संपर्क किया तो व्हाट्सएप पर एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए कहा गया।
फॉर्म भरने के दौरान ठगों ने उनके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उनके खाते में दो लाख रुपये जोड़ने का संदेश आया। दीनानाथ ने बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन ठगों ने संपर्क बाधित कर दिया।
बाद में उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर सुरभि सिंघल से संपर्क किया। उनके निर्देश पर दीनानाथ ने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और बचत खाता ब्लॉक करा दिया। आरोप है कि ठगों ने ब्लॉक किए गए खातों को दोबारा अनब्लॉक कर दिया। इसके बाद बचत खाते से 50 हजार रुपये निकाले गए। दो क्रेडिट कार्ड से 2,09,936 रुपये की खरीदारी भी की गई। पीड़ित ने कविनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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इंदिरापुरम क्षेत्र के नीति खंड तृतीय स्थित मंगलम अपार्टमेंट निवासी संगीता सेठ के मुताबिक, 11 सितंबर को उन्हें आईजीएल के नाम से संदेश मिला। इसमें बताया गया कि उनका गैस कनेक्शन कट जाएगा और बिल अपडेट कराने के लिए एक मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया।
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संगीता ने दिए गए नंबर पर फोन किया तो ठगों ने खुद को आईजीएल का कर्मचारी बताया। उन्होंने आईजीएल के नाम से एक एपीके फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड करने के बाद उनके आईसीआईसीआई व आईडीबीआई बैंक खातों और आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से रकम निकलने लगी। छह लेनदेन में कुल 6,26,713 रुपये की ठगी हुई।एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता ने बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। इनकी जांच की जा रही है।
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खाते ब्लॉक कराए, ठगों ने कर दिए अनब्लॉक
कविनगर थाना क्षेत्र के चिरंजीव विहार निवासी दीनानाथ प्रसाद भी आईजीएल बिल अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हुए। दीनानाथ ने 29 अगस्त को गैस बिल का ऑनलाइन भुगतान किया था। इसके बाद उन्होंने बिल अपडेट कराने के लिए इंटरनेट पर आईजीएल का फोन नंबर खोजा। उस पर संपर्क किया तो व्हाट्सएप पर एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए कहा गया।
फॉर्म भरने के दौरान ठगों ने उनके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उनके खाते में दो लाख रुपये जोड़ने का संदेश आया। दीनानाथ ने बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन ठगों ने संपर्क बाधित कर दिया।
बाद में उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर सुरभि सिंघल से संपर्क किया। उनके निर्देश पर दीनानाथ ने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और बचत खाता ब्लॉक करा दिया। आरोप है कि ठगों ने ब्लॉक किए गए खातों को दोबारा अनब्लॉक कर दिया। इसके बाद बचत खाते से 50 हजार रुपये निकाले गए। दो क्रेडिट कार्ड से 2,09,936 रुपये की खरीदारी भी की गई। पीड़ित ने कविनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।