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Ghaziabad News: पैतृक भूमि पर कब्जा और 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
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गाजियाबाद। वेब सिटी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपने ही भाई और भतीजों पर पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा करने और 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि ग्राम नायफल निवासी आशिक अली के मुताबिक उनके पिता की मृत्यु के बाद जमीन उनके भाइयों, माता और उनके नाम पर दर्ज हुई थी। वर्ष 2009 में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने इस जमीन का अधिग्रहण किया था। उनके भाइयों और माता ने मुआवजा ले लिया था लेकिन आशिक अली ने अपने हिस्से की जमीन का मुआवजा नहीं लिया था। 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें बेदखल न करने का आदेश दिया था, जो आज भी प्रभावी है। आशिक अली ने अपनी जमीन पर चार दुकानें बनाई थीं और बिजली कनेक्शन भी उनके नाम पर था। आरोप है कि 2018 में माता की मृत्यु के बाद, उनके भाई सब्बीर और भतीजों आसिफ, आरिफ ने स्थानीय भू-माफियाओं के साथ मिलकर दुकानों पर कब्जा कर लिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। एसीपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित का आरोप है कि अगस्त 2024 में सब्बीर, आसिफ, आरिफ और विशाल नामक एक व्यक्ति आशिक अली के घर आए। उन्होंने विशाल की गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और पुलिस में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। आरोपियों ने आशिक अली को जमीन वापस दिलाने और उसे चार गुना अधिक दाम पर बिकवाने का लालच दिया। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी गिफ्ट डीड समझौता भी तैयार किया। सितंबर 2024 में उन्हें गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का एक कूटरचित पत्र दिया गया, जिसमें एकमुश्त निपटान के लिए आमंत्रित किया गया था।
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एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि ग्राम नायफल निवासी आशिक अली के मुताबिक उनके पिता की मृत्यु के बाद जमीन उनके भाइयों, माता और उनके नाम पर दर्ज हुई थी। वर्ष 2009 में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने इस जमीन का अधिग्रहण किया था। उनके भाइयों और माता ने मुआवजा ले लिया था लेकिन आशिक अली ने अपने हिस्से की जमीन का मुआवजा नहीं लिया था। 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें बेदखल न करने का आदेश दिया था, जो आज भी प्रभावी है। आशिक अली ने अपनी जमीन पर चार दुकानें बनाई थीं और बिजली कनेक्शन भी उनके नाम पर था। आरोप है कि 2018 में माता की मृत्यु के बाद, उनके भाई सब्बीर और भतीजों आसिफ, आरिफ ने स्थानीय भू-माफियाओं के साथ मिलकर दुकानों पर कब्जा कर लिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। एसीपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित का आरोप है कि अगस्त 2024 में सब्बीर, आसिफ, आरिफ और विशाल नामक एक व्यक्ति आशिक अली के घर आए। उन्होंने विशाल की गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और पुलिस में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। आरोपियों ने आशिक अली को जमीन वापस दिलाने और उसे चार गुना अधिक दाम पर बिकवाने का लालच दिया। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने एक फर्जी गिफ्ट डीड समझौता भी तैयार किया। सितंबर 2024 में उन्हें गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का एक कूटरचित पत्र दिया गया, जिसमें एकमुश्त निपटान के लिए आमंत्रित किया गया था।
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