कौशांबी। कौशांबी थानाक्षेत्र में बिल्डर नवीन त्यागी की शिकायत पर भूखंड दिलाने और फ्लैट बिक्री के नाम पर करीब दो करोड़ की ठगी के आरोप में अनामिका, जीवेश वर्मा, रोहित अग्रवाल, मौजेराम और राहुल भाटी के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों में दिल्ली की तिहाड़ जेल में तैनात एक अधिकारी भी शामिल हैं। आरोप है कि महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिल्डर की कंपनी के लेटरहेड और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर फ्लैट की बुकिंग कराई। साथ ही सूर्यनगर में भूखंड दिलाने के नाम पर बिल्डर से 1.85 करोड़ और फ्लैट बुकिंग के नाम पर 20 लाख रुपये हड़पने का आरोप है।
कौशांबी निवासी बिल्डर नवीन त्यागी लोनी में एक आवासीय सोसायटी का निर्माण करा रहे हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 मई को दिलशाद गार्डन, दिल्ली निवासी जीवेश शर्मा उनके पास आए और अनामिका नामक महिला के लिए किए गए फ्लैट बुकिंग के दस्तावेज दिखाए। दस्तावेजों की जांच करने पर पाया कि हस्ताक्षर फर्जी थे। उन्होंने जांच की। जांच में पता चला कि अनामिका व्यापारिक सिलसिले में उनके संपर्क में आई थी। उसने उनकी आवासीय परियोजना में कमीशन पर फ्लैट की बुकिंग और बिक्री में सहायता करने की पेशकश की थी। उन्होंने इसकी अनुमति दे दी थी। आरोप है कि इसके बाद अनामिका अकसर उनके कार्यालय आने लगी। इसी दौरान उसने धोखे से कार्यालय से ई-मेल आईडी और पासवर्ड भी हासिल कर लिया। आरोप है कि अनामिका ने ही जीवेश शर्मा से धोखाधड़ी कर फ्लैट बुकिंग से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार करके ठगी की। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले की जांच में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।