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Ghaziabad News: लोन की किस्त आसान करने का झांसा देकर 18 लाख ठगे
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इंदिरापुरम। ठग ने अभय खंड-तीन में रहने वाले व्यक्ति को लोन की किस्त आसान करने का झांसा देकर करीब 18 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने अपने अलग-अलग खातों में पैसे डलवाए थे। व्यक्ति ने अपनी मां के इलाज के लिए लोन लिया था। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
रोशन लाल शुक्ला निवासी अभय खंड तीन ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पूर्व उनकी मां की तबीयत खराब हो गई थी। इलाज के लिए उनके पास पैसे नहीं थे तो दो निजी कंपनियों से 19.50 लाख रुपये का लोन लिया था। इस दौरान उनकी मुलाकात नीरज सिंह से हुई। नीरज ने उनसे कहा कि वह निजी कंपनियों में सावधि जमा खाता खोलकर उनमें रकम जमा करना शुरू कर दें। ऐसा करने से उस रकम पर ब्याज भी मिलेगा। जब लोन की जितनी रकम जमा हो जाएगी तो निजी कंपनी लोन पूरा कर लेगी। नीरज सिंह ने उन्हें कुछ बैंक खातों की डिटेल दी और उनमें नियमित रकम भेजने के लिए कहा। आरोप है कि लगभग ढाई साल में उन्होंने नीरज सिंह के बताए गए खातों में 16 लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद सितंबर 2024 में उन्होंने नीरज सिंह से लोन की रकम को पूरा करने के लिए कहा। इस पर नीरज सिंह ने उन्हें लोन खत्म करने के लिए 3.20 लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा। उन्होंने यह रकम भी नीरज सिंह के विश्वास में उनके बताए खातों में भेज दी। इसके बाद भी उन्हें निजी कंपनियों की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला। इसकी उन्होंने कंपनियों में शिकायत की तो पता चला कि कंपनियों में उनके नाम से कोई सावधि जमा खाता नहीं है और लोन की किस्तें भी नहीं चुकाई जा रही। इसके बाद उनको ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि निजी कंपनी की ओर से उन्हें लोन चुकाने के लिए लगातार नोटिस आ रहे हैं। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।
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रोशन लाल शुक्ला निवासी अभय खंड तीन ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पूर्व उनकी मां की तबीयत खराब हो गई थी। इलाज के लिए उनके पास पैसे नहीं थे तो दो निजी कंपनियों से 19.50 लाख रुपये का लोन लिया था। इस दौरान उनकी मुलाकात नीरज सिंह से हुई। नीरज ने उनसे कहा कि वह निजी कंपनियों में सावधि जमा खाता खोलकर उनमें रकम जमा करना शुरू कर दें। ऐसा करने से उस रकम पर ब्याज भी मिलेगा। जब लोन की जितनी रकम जमा हो जाएगी तो निजी कंपनी लोन पूरा कर लेगी। नीरज सिंह ने उन्हें कुछ बैंक खातों की डिटेल दी और उनमें नियमित रकम भेजने के लिए कहा। आरोप है कि लगभग ढाई साल में उन्होंने नीरज सिंह के बताए गए खातों में 16 लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद सितंबर 2024 में उन्होंने नीरज सिंह से लोन की रकम को पूरा करने के लिए कहा। इस पर नीरज सिंह ने उन्हें लोन खत्म करने के लिए 3.20 लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा। उन्होंने यह रकम भी नीरज सिंह के विश्वास में उनके बताए खातों में भेज दी। इसके बाद भी उन्हें निजी कंपनियों की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला। इसकी उन्होंने कंपनियों में शिकायत की तो पता चला कि कंपनियों में उनके नाम से कोई सावधि जमा खाता नहीं है और लोन की किस्तें भी नहीं चुकाई जा रही। इसके बाद उनको ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि निजी कंपनी की ओर से उन्हें लोन चुकाने के लिए लगातार नोटिस आ रहे हैं। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।
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