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Ghaziabad News: खतरे के निशान को पार कर गई गंगा खेतों से लेकर आबादी तक भरा पानी
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अनूपशहर/अहार/नरौरा। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे पानी ने गंगा नदी में उफान ला दिया है। नरौरा बैराज पर गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 31 हजार क्यूसेक ऊपर पहुंच गया। अनूपशहर के बाद अब राजघाट में आबादी क्षेत्र के बाजार में पानी घुस गया। आसपास के खेतों तक पानी बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। 10 गांवों में खेतों में पानी भर गया है।
सिंचाई विभाग ने बैराज एवं तटबंधों पर अलर्ट जारी किया है। सिंचाई विभाग के जललेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि जलस्तर लगातार वृद्धि के साथ शुक्रवार को सुबह छह बजे नरौरा बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 281676 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है जो कि समुद्र तल 179.14 मीटर है।
हेड वर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि बैराज से 2.5 लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने व जलस्तर समुद्र तल से 178.765 मीटर होने पर जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है। बैराज के सभी 61 गेट का नियंत्रण स्वचालित तकनीक से नियंत्रण कक्ष से किया जा रहा है। बैराज पर अतिरिक्त कर्मचारी कर्मचारी तैनात है तथा गंगा नदी के तटबंध पर कमी पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
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राजघाट ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा किनारे के खेतों की फसलों में पानी भरा होने से किसान चिंतित हैं। पशुओं के लिए चारे का भी संकट पैदा हो रहा है। राजघाट के बाजार में आबादी क्षेत्र में बाढ़ का पानी आने से रास्तों पर एक-एक फीट से अधिक पानी में निकलने को मजबूर हो रहे हैं। गंगा घाट के वाहन पार्किंग क्षेत्र में 2 फीट तक पानी भरा हुआ है। पक्के बने अंत्येष्टि स्थल में भी पानी भर गया है। अनूपशहर और अहार में जलस्तर में पिछले 24 घंटे में एक फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बताया कि शनिवार सुबह बिजनौर बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जबकि इससे पहले भी कई बार पानी छोड़ा जा चुका है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से खादर क्षेत्र में स्थित लगभग 10 गांवों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। कई जगह कटान भी हो रहा है।
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सिंचाई विभाग ने बैराज एवं तटबंधों पर अलर्ट जारी किया है। सिंचाई विभाग के जललेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि जलस्तर लगातार वृद्धि के साथ शुक्रवार को सुबह छह बजे नरौरा बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 281676 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है जो कि समुद्र तल 179.14 मीटर है।
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हेड वर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि बैराज से 2.5 लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने व जलस्तर समुद्र तल से 178.765 मीटर होने पर जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है। बैराज के सभी 61 गेट का नियंत्रण स्वचालित तकनीक से नियंत्रण कक्ष से किया जा रहा है। बैराज पर अतिरिक्त कर्मचारी कर्मचारी तैनात है तथा गंगा नदी के तटबंध पर कमी पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
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राजघाट ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा किनारे के खेतों की फसलों में पानी भरा होने से किसान चिंतित हैं। पशुओं के लिए चारे का भी संकट पैदा हो रहा है। राजघाट के बाजार में आबादी क्षेत्र में बाढ़ का पानी आने से रास्तों पर एक-एक फीट से अधिक पानी में निकलने को मजबूर हो रहे हैं। गंगा घाट के वाहन पार्किंग क्षेत्र में 2 फीट तक पानी भरा हुआ है। पक्के बने अंत्येष्टि स्थल में भी पानी भर गया है। अनूपशहर और अहार में जलस्तर में पिछले 24 घंटे में एक फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बताया कि शनिवार सुबह बिजनौर बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जबकि इससे पहले भी कई बार पानी छोड़ा जा चुका है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से खादर क्षेत्र में स्थित लगभग 10 गांवों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। कई जगह कटान भी हो रहा है।