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Ghaziabad News: मांग पर बच्चा चोरी करके देता था गिरोह... पांच शातिर पकड़े
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गाजियाबाद। पांच अगस्त को जिला एमएमजी अस्पताल से चोरी किए गए चार माह के बच्चे निहाल को पुलिस ने बुधवार को बरामद कर लिया। बच्चे को पड़ोस की महिला फूलबाई ने चोरी कराया था। फूलबाई से पूछताछ हुई तो मांग पर (आन डिमांड) बच्चा चोरी करने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हो गया। पुलिस ने इस गिरोह के पांच शातिरों को पकड़ लिया है, जिनमें तीन महिलाएं और एक किशोरी हैं। तीन महिलाएं फर्टिलिटी सेंटर पर काम कर चुकी हैं। तीन में से दो मोटी रकम लेकर अपनी कोख किराये पर भी देती हैं।
पुलिस उपायुक्त नगर राजेश कुमार ने बताया कि बच्चा चोर गिरोह में सात लोग शामिल हैं। दो की तलाश की जा रही है। संजयनगर सेक्टर 23 निवासी कविता अरोड़ा, उसके पति लोकेश, दादरी की दौलतराम कॉलोनी निवासी सुलेखा, महरौली निवासी फूलबाई व उसकी नाबालिग बेटी को गिरफ्तार किया गया है। सुलेखा, कविता अरोड़ा और फूलबाई फर्टिलिटी सेंटर में काम कर चुकी हैं।
सुलेखा और कविता ने पूछताछ में बताया कि वे सेंटर में आने वाले ऐसे दंपती से संपर्क करती थीं जिनकी शादी को काफी समय बीत जाने पर भी वे निसंतान थे। ऐसे काफी लोग संपर्क में आ गए। इनमें से जो किराये पर कोख दिलाने के लिए कहते, उनके लिए व्यवस्था की जाती। जो लोग बच्चे की मांग करते थे, उनके लिए बच्चा चोरी किया जाता।
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दोनों अपनी कोख ही किराये पर देती हैं। बच्चा चोरी कराने के लिए पूरा गिरोह तैयार किया। फूलबाई भी उसी फर्टिलिटी सेंटर में काम करती थी। सबसे पहले उसे गिरोह में शामिल किया। इसके बाद फूलबाई ने अपने दोस्त लतीफ को भी गिरोह का हिस्सा बना लिया।
मधुबन-बापूधाम से भी चोरी किया था बच्चा : पूछताछ में सुलेखा और कविता ने बताया कि उन्होंने मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली मालती का नौ मार्च 2024 को दो माह का बच्चा चोरी कर लिया था। इस बच्चे को साढ़े तीन लाख में बेचा गया था। जिस दंपती को बेचा गया था, उसकी पहचान पुलिस कर रही है। सुलेखा और कविता ने यह बच्चा अंजलि नाम की महिला को दिया था। पुलिस अंजलि की भी तलाश कर रही है।
दिल्ली के दंपती से किया था बच्चे का सौदा
जिला एमएमजी अस्पताल से पांच अगस्त को विक्की प्रजापति का चार माह का बेटा निहाल चोरी किया गया था। वेव सिटी के महरौली में विक्की जिस मकान में किराये पर रहते हैं, बच्चा चोर गिरोह में शामिल फूलबाई भी उसी में किरायेदार है। सुलेखा और कविता ने पूछताछ में बताया कि उनसे दिल्ली के दंपती ने बच्चे की मांग की। उसने बच्चा दिलाने की हां कर दी। छह लाख रुपये में सौदा हो गया। उन्होंने फूलबाई से बच्चे का इंतजाम करने के लिए कहा। फूलबाई ने पूछताछ में बताया कि उसने विक्की के बेटे को चोरी कराने की साजिश बनाई।
गरीब परिवारों के बच्चे रहते थे निशाने पर
पूछताछ में सुलेखा और कविता अरोड़ा ने बताया कि फर्टिलिटी सेंटर पर उनके संपर्क में दो निसंतान दंपती आए थे। उन्होंने तब किराये की कोख देकर दो बच्चों को जन्म दिया और 3.5-3.5 लाख रुपये लिए। कविता ने बताया कि किराये की कोख से शारीरिक स्थिति कमजोर हो रही थी। उन्होंने बताया कि उनके मुख्य निशाने पर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चे रहते थे।
ऐसे चोरी कराया था बच्चा
पांच अगस्त को विक्की प्रजापति की पत्नी श्रृष्टि बेटे निहाल को लेकर जिला एमएमजी अस्पताल गई थीं। फूलबाई ने उनके साथ अपनी नाबालिग बेटी को भेज दिया था।
किशोरी ने ही ऑटो कराया था। इसे लतीफ का परिचित लोकेश चला रहा था। उसने पहले से ही गिरोह की शातिर सविता को ऑटो में बिठा रखा था।
अस्पताल के गेट पर किशोरी ने श्रृष्टि से कहा कि आप काउंटर पर जाकर पर्चा बनवा लो। श्रृष्टि जैसे ही चलीं, उनसे कहा कि अंदर बच्चे को लो जाना ठीक नहीं है।
किशोरी के कहने पर श्रृष्टि ने बच्चा ऑटो में साथ बैठी सविता को सौंप दिया और खुद अंदर चली गईं। साजिश के तहत सविता बच्चा लेकर चली गई।
लौटकर आने पर किशोरी बच्चा चोरी हो जाने की बात कहकर रोने का नाटक करने लगी। शक होने पर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो पूरा खुलासा हो गया।
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पुलिस उपायुक्त नगर राजेश कुमार ने बताया कि बच्चा चोर गिरोह में सात लोग शामिल हैं। दो की तलाश की जा रही है। संजयनगर सेक्टर 23 निवासी कविता अरोड़ा, उसके पति लोकेश, दादरी की दौलतराम कॉलोनी निवासी सुलेखा, महरौली निवासी फूलबाई व उसकी नाबालिग बेटी को गिरफ्तार किया गया है। सुलेखा, कविता अरोड़ा और फूलबाई फर्टिलिटी सेंटर में काम कर चुकी हैं।
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सुलेखा और कविता ने पूछताछ में बताया कि वे सेंटर में आने वाले ऐसे दंपती से संपर्क करती थीं जिनकी शादी को काफी समय बीत जाने पर भी वे निसंतान थे। ऐसे काफी लोग संपर्क में आ गए। इनमें से जो किराये पर कोख दिलाने के लिए कहते, उनके लिए व्यवस्था की जाती। जो लोग बच्चे की मांग करते थे, उनके लिए बच्चा चोरी किया जाता।
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दोनों अपनी कोख ही किराये पर देती हैं। बच्चा चोरी कराने के लिए पूरा गिरोह तैयार किया। फूलबाई भी उसी फर्टिलिटी सेंटर में काम करती थी। सबसे पहले उसे गिरोह में शामिल किया। इसके बाद फूलबाई ने अपने दोस्त लतीफ को भी गिरोह का हिस्सा बना लिया।
मधुबन-बापूधाम से भी चोरी किया था बच्चा : पूछताछ में सुलेखा और कविता ने बताया कि उन्होंने मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली मालती का नौ मार्च 2024 को दो माह का बच्चा चोरी कर लिया था। इस बच्चे को साढ़े तीन लाख में बेचा गया था। जिस दंपती को बेचा गया था, उसकी पहचान पुलिस कर रही है। सुलेखा और कविता ने यह बच्चा अंजलि नाम की महिला को दिया था। पुलिस अंजलि की भी तलाश कर रही है।
दिल्ली के दंपती से किया था बच्चे का सौदा
जिला एमएमजी अस्पताल से पांच अगस्त को विक्की प्रजापति का चार माह का बेटा निहाल चोरी किया गया था। वेव सिटी के महरौली में विक्की जिस मकान में किराये पर रहते हैं, बच्चा चोर गिरोह में शामिल फूलबाई भी उसी में किरायेदार है। सुलेखा और कविता ने पूछताछ में बताया कि उनसे दिल्ली के दंपती ने बच्चे की मांग की। उसने बच्चा दिलाने की हां कर दी। छह लाख रुपये में सौदा हो गया। उन्होंने फूलबाई से बच्चे का इंतजाम करने के लिए कहा। फूलबाई ने पूछताछ में बताया कि उसने विक्की के बेटे को चोरी कराने की साजिश बनाई।
गरीब परिवारों के बच्चे रहते थे निशाने पर
पूछताछ में सुलेखा और कविता अरोड़ा ने बताया कि फर्टिलिटी सेंटर पर उनके संपर्क में दो निसंतान दंपती आए थे। उन्होंने तब किराये की कोख देकर दो बच्चों को जन्म दिया और 3.5-3.5 लाख रुपये लिए। कविता ने बताया कि किराये की कोख से शारीरिक स्थिति कमजोर हो रही थी। उन्होंने बताया कि उनके मुख्य निशाने पर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चे रहते थे।
ऐसे चोरी कराया था बच्चा
पांच अगस्त को विक्की प्रजापति की पत्नी श्रृष्टि बेटे निहाल को लेकर जिला एमएमजी अस्पताल गई थीं। फूलबाई ने उनके साथ अपनी नाबालिग बेटी को भेज दिया था।
किशोरी ने ही ऑटो कराया था। इसे लतीफ का परिचित लोकेश चला रहा था। उसने पहले से ही गिरोह की शातिर सविता को ऑटो में बिठा रखा था।
अस्पताल के गेट पर किशोरी ने श्रृष्टि से कहा कि आप काउंटर पर जाकर पर्चा बनवा लो। श्रृष्टि जैसे ही चलीं, उनसे कहा कि अंदर बच्चे को लो जाना ठीक नहीं है।
किशोरी के कहने पर श्रृष्टि ने बच्चा ऑटो में साथ बैठी सविता को सौंप दिया और खुद अंदर चली गईं। साजिश के तहत सविता बच्चा लेकर चली गई।
लौटकर आने पर किशोरी बच्चा चोरी हो जाने की बात कहकर रोने का नाटक करने लगी। शक होने पर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो पूरा खुलासा हो गया।