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Ghaziabad News: जगुआर से लेकर ब्रह्मोस तक वायु सेना दिवस के परेड का बने गौरव
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साहिबाबाद। भारतीय वायु सेना दिवस समारोह में लड़ाकू विमानों की मौजूदगी समय के साथ लगातार बढ़ती और बदलती रही है। हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर गत दो वर्ष से भले एयर शो नहीं हो रहा, लेकिन वहां लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में अब जगुआर, राफेल के साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, सुखोई के बाद अब ब्रह्मोस जैसे नए लड़ाकू विमान प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। ये विमान पारंपरिक फ्रंटलाइन फाइटरों के साथ सार्वजनिक एयर शो में दिखाई देते हैं।
8 अक्तूबर 2016 को स्वदेशी एलसीए तेजस पहली बार हिंडन स्थित एयर शो में शामिल हुआ। उसके साथ मिराज-2000, मिग-21, हॉक और सुखोई-30एमकेआई आदि विमान भी प्रदर्शित किए गए। वर्ष 2021 में फ्रांस से आया लड़ाकू विमान राफेल भी एयरफोर्स डे का हिस्सा रहा है। इसके अलावा हरक्यूलिस, सी-17 ग्लोब मास्टर, मिराज-2000 और जगुआर के जरिये वायुसेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। स्वदेशी तेजस ने भी अपनी ताकत दिखाई थी। बीते वायु सेना दिवसों पर आकाशगंगा दल के वायुसैनिकों ने एएन-32 से आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर लड़ाकू विमानों ने फ्लाईपास्ट किया था। 2021 के स्थापना दिवस पर एयर शो में चिनूक 2 ने मेघना संरचना बनाकर एम-7 गन लादकर उड़ान भरी थी। इसके बाद 5 एमआई-35 हेलीकॉप्टर ने एकलव्य संरचना बनाई थी। वर्ष 2022 में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर एलसीएच प्रचंड ने भी एयरफोर्स डे पर अपनी क्षमता दिखाई। इसी कड़ी में इस वर्ष अत्यधिक शक्तिशाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को शामिल किया गया, इसे भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मैशिनोस्ट्रिएनी ने मिलकर विकसित किया है।
भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास में कब कौन से लड़ाकू विमान व हथियार शामिल हुए
2010-14: जगुआर, मिग-21 बाइसन, मिग-29, मिराज-2000 और सुखोई-30एमकेआई प्रमुख फाइटर कॉम्बिनेशन।
2016: तेजस की पहली एयर फोर्स डे मौजूदगी हिंडन में।
2018: तेजस का एयरोबेटिक प्रदर्शन, पारंपरिक फाइटर फ्लीट के साथ इसकी मौजूदगी मजबूत हुई।
2020: राफेल की पहली एयर फोर्स डे फ्लाईपास्ट एंट्री।
2021: राफेल समेत फ्रंटलाइन फाइटर विमानों का हिंडन फ्लाईपास्ट।
2022: हिंडन से बाहर चंडीगढ़ में मिग-21, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30, तेजस और राफेल एक साथ फ्लाईपास्ट में।
2023: समारोह प्रयागराज में सुखोई, मिराज, जगुआर और तेजस का प्रदर्शन।
2024: मुख्य एयर शो चेन्नई में तेजस और सुखोई समेत विमानों का प्रदर्शन।
2025: हिंडन वापसी, स्टैटिक डिस्प्ले में राफेल, सुखोई-30, मिग-29, मिग-21 बाइसन।
2026: हिंडन में ब्रह्मोस, राफेल, सुखोई-30एमकेआई, तेजस और जगुआर शामिल हुए ।
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8 अक्तूबर 2016 को स्वदेशी एलसीए तेजस पहली बार हिंडन स्थित एयर शो में शामिल हुआ। उसके साथ मिराज-2000, मिग-21, हॉक और सुखोई-30एमकेआई आदि विमान भी प्रदर्शित किए गए। वर्ष 2021 में फ्रांस से आया लड़ाकू विमान राफेल भी एयरफोर्स डे का हिस्सा रहा है। इसके अलावा हरक्यूलिस, सी-17 ग्लोब मास्टर, मिराज-2000 और जगुआर के जरिये वायुसेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। स्वदेशी तेजस ने भी अपनी ताकत दिखाई थी। बीते वायु सेना दिवसों पर आकाशगंगा दल के वायुसैनिकों ने एएन-32 से आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिये छलांग लगाकर लड़ाकू विमानों ने फ्लाईपास्ट किया था। 2021 के स्थापना दिवस पर एयर शो में चिनूक 2 ने मेघना संरचना बनाकर एम-7 गन लादकर उड़ान भरी थी। इसके बाद 5 एमआई-35 हेलीकॉप्टर ने एकलव्य संरचना बनाई थी। वर्ष 2022 में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर एलसीएच प्रचंड ने भी एयरफोर्स डे पर अपनी क्षमता दिखाई। इसी कड़ी में इस वर्ष अत्यधिक शक्तिशाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को शामिल किया गया, इसे भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मैशिनोस्ट्रिएनी ने मिलकर विकसित किया है।
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भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास में कब कौन से लड़ाकू विमान व हथियार शामिल हुए
2010-14: जगुआर, मिग-21 बाइसन, मिग-29, मिराज-2000 और सुखोई-30एमकेआई प्रमुख फाइटर कॉम्बिनेशन।
2016: तेजस की पहली एयर फोर्स डे मौजूदगी हिंडन में।
2018: तेजस का एयरोबेटिक प्रदर्शन, पारंपरिक फाइटर फ्लीट के साथ इसकी मौजूदगी मजबूत हुई।
2020: राफेल की पहली एयर फोर्स डे फ्लाईपास्ट एंट्री।
2021: राफेल समेत फ्रंटलाइन फाइटर विमानों का हिंडन फ्लाईपास्ट।
2022: हिंडन से बाहर चंडीगढ़ में मिग-21, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30, तेजस और राफेल एक साथ फ्लाईपास्ट में।
2023: समारोह प्रयागराज में सुखोई, मिराज, जगुआर और तेजस का प्रदर्शन।
2024: मुख्य एयर शो चेन्नई में तेजस और सुखोई समेत विमानों का प्रदर्शन।
2025: हिंडन वापसी, स्टैटिक डिस्प्ले में राफेल, सुखोई-30, मिग-29, मिग-21 बाइसन।
2026: हिंडन में ब्रह्मोस, राफेल, सुखोई-30एमकेआई, तेजस और जगुआर शामिल हुए ।