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Ghaziabad News: दोस्त ने तीन महीने पहले रची थी हत्या की साजिश, तीन घंटे तक कार में शव लेकर घूमता रहा आरोपी
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इंदिरापुरम। गुरुग्राम के रेस्तरां संचालक अमित सैनी की हत्या में पुलिस ने उन्हीं के दोस्त विजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। उसने पुलिस के समक्ष कबूल किया वह अमित की हत्या के बाद शव को कार में तीन घंटे तक गाजियाबाद की सड़कों पर घूमता रहा, लेकिन वह शव को ठिकाने नहीं लगा पाया। इसके बाद वह डर गया और पुलिस को कॉल करके बुुलाया। हालांकि जो कहानी उसने पुलिस को बताई थी वह बहुत ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई और सख्ती से पूछताछ करने पर पूरी घटना बया कर दी। परिजन की शिकायत पर पुलिस ने विजय शर्मा, विपिन और सागर के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी की तलाश की जा रही है।
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपी विजय ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने दोस्त अमित की हत्या रेस्तरां छिनने के डर से अपने पार्टर विपिन और कर्मचारी सागर के साथ मिलकर की थी। वह चारों गुरुग्राम से कार में सवार होकर साथ आए थे और रात में चाय-नाश्ता भी किया था। इसके बाद रात करीब 9ः15 बजे कार हिंडन-कनावनी मार्ग पर लेकर गए। वहां पर कार रोकी और पीछे की सीट पर बैठे रेस्तरां कर्मचारी सागर ने पीछे से अमित के सिर नाइन एमएम की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। विजय ने सागर और विपिन को दूसरी कार से गुरुग्राम भेज दिया और वह शव ठिकाने लगाने के लिए रह गया। वह शव लेकर हिंडन किनारे पहुंचा और कार खड़ी कर दी, लेकिन राहगीरों की नजर उस पर पड़ने लगी तो कार लेकर गाजियाबाद की सड़कों पर करीब तीन घंटे तक शव लेकर घूमता रहा। जब फिर हिंडन पर आया और शव ठिकाने नहीं लगा पाया और डर कर उसने पुलिस को कॉल कर दिया। एसीपी ने बताया कि विजय ने कहानी बताई कि दो युवक आए और गोली मारकर भाग गए, लेकिन उसकी कहानी ज्यादा देर टिक नहीं पाई और सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या कराने की बात कबूल ली। विजय ने बताया कि अमित उसके रेस्तरां का टेंडर लेना चाह रहा था। उसी ने ठेकेदार भाटी से उसे रेस्तरां खाली करने का नोटिस दिलाया। इसी वजह से तीन माह पहले अपने पार्टनर विपिन और कर्मचारी सागर के साथ मिलकर उसने हत्या की साजिश रची थी। एसीपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गोली अमित के सिर में फंसी है। वहीं, हत्यारोपी की कार से 9 एमएम के कारतूस का खोखा बरामद हुआ है। पीड़ित परिजन की ओर से तीनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करके भागे हुए दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद भी कई राज सामने आएंगे।
21 जुलाई को हत्या करने से पहले रेकी करने आए थे तीनों आरोपी
पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी विजय शर्मा और उसके दोनों सहयोगी कार से गाजियाबाद 21 जुलाई को रेकी करने आए थे। तीनों हिंडन नदी के आसपास अमित सैनी की हत्या करने के लिए जगह चिंहित की। चूंकि शव को हिंडन नदी में ही फेंकना था। विजय 22 जुलाई को अमित, विपिन और सागर के साथ गाजियाबाद रुपये लेने के बहाने से आया था। कनावनी-हिंडन मार्ग की रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
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तीन घंटे शहर में शव लेकर घूमता रहा और पुलिस ने कहीं नहीं रोका
जिले की पुलिसिंग पर अमित सैनी की हत्या ने सवाल खड़ा कर दिया है। एक हत्यारोपी शव को लेकर शहर में तीन घंटे तक सड़कों पर घूमता रहा, लेकिन ने एक स्थान पर भी उस कार की जांच नहीं की। यह हाल तब है जब सीजेपी का प्रदर्शन दिल्ली-एनसीआर में होना था। इसके बावजूद पुलिस सड़क पर नहीं दिखी। जो पुलिसकर्मी सड़क पर थे भी तो उन्होंने अपनी ड्यूटी सही से नहीं की।
असल हत्या की वजह रेस्तरां
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि अमित और विजय गुरुग्राम के माता शीतला मंदिर परिसर में ही रेस्तरां चलाते थे, लेकिन कुछ दिन से अमित का मन विजय शर्मा के रेस्तरां पर आया गया था। उसने कई बार विजय को भी कहा कि वह रेस्तरां सही से चला नहीं पा रहा है। इसलिए उसे दे दें। जब अमित सैनी को विजय ने जवाब नहीं दिया तो वह पूरे परिसर के ठेकेदार भाटी से मिला और उसने वियज को उससे नोटिस भी दिलवा दिया। इसके बाद विजय ने अमित की हत्या की साजिश रची।
आरोपी विजय को हिरासत में लेकर काफी पूछताछ की गई है और हत्या की वजह व तरीका पता चला है। वारदात को अंजाम देने वाले बाकी दो आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अमित के पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि
कुछ सवाल जो पुलिस के लिए बने हुए हैं पहेली
यदि अमित की विजय को हत्या करनी थी तो गुरुग्राम में ही वारदात को अंजाम क्यों नहीं दिया। ऐसी क्या बात थी कि गाजियाबाद को ही वारदात के लिए चुना, आखिर ऐसी क्या बात हुई कि उसने पुलिस को कॉल करके खुद बुलाया, अगर वह चाहता तो रास्ते में शव फेंककर भी भाग सकता था, उसके साथ कोई और व्यक्ति तो नहीं था। इन सभी सवालों के जवाब के लिए पुलिस हत्यारोपियों के पकड़े जाने का इंतजार कर रही है।
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एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपी विजय ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने दोस्त अमित की हत्या रेस्तरां छिनने के डर से अपने पार्टर विपिन और कर्मचारी सागर के साथ मिलकर की थी। वह चारों गुरुग्राम से कार में सवार होकर साथ आए थे और रात में चाय-नाश्ता भी किया था। इसके बाद रात करीब 9ः15 बजे कार हिंडन-कनावनी मार्ग पर लेकर गए। वहां पर कार रोकी और पीछे की सीट पर बैठे रेस्तरां कर्मचारी सागर ने पीछे से अमित के सिर नाइन एमएम की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। विजय ने सागर और विपिन को दूसरी कार से गुरुग्राम भेज दिया और वह शव ठिकाने लगाने के लिए रह गया। वह शव लेकर हिंडन किनारे पहुंचा और कार खड़ी कर दी, लेकिन राहगीरों की नजर उस पर पड़ने लगी तो कार लेकर गाजियाबाद की सड़कों पर करीब तीन घंटे तक शव लेकर घूमता रहा। जब फिर हिंडन पर आया और शव ठिकाने नहीं लगा पाया और डर कर उसने पुलिस को कॉल कर दिया। एसीपी ने बताया कि विजय ने कहानी बताई कि दो युवक आए और गोली मारकर भाग गए, लेकिन उसकी कहानी ज्यादा देर टिक नहीं पाई और सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या कराने की बात कबूल ली। विजय ने बताया कि अमित उसके रेस्तरां का टेंडर लेना चाह रहा था। उसी ने ठेकेदार भाटी से उसे रेस्तरां खाली करने का नोटिस दिलाया। इसी वजह से तीन माह पहले अपने पार्टनर विपिन और कर्मचारी सागर के साथ मिलकर उसने हत्या की साजिश रची थी। एसीपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गोली अमित के सिर में फंसी है। वहीं, हत्यारोपी की कार से 9 एमएम के कारतूस का खोखा बरामद हुआ है। पीड़ित परिजन की ओर से तीनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करके भागे हुए दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद भी कई राज सामने आएंगे।
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21 जुलाई को हत्या करने से पहले रेकी करने आए थे तीनों आरोपी
पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी विजय शर्मा और उसके दोनों सहयोगी कार से गाजियाबाद 21 जुलाई को रेकी करने आए थे। तीनों हिंडन नदी के आसपास अमित सैनी की हत्या करने के लिए जगह चिंहित की। चूंकि शव को हिंडन नदी में ही फेंकना था। विजय 22 जुलाई को अमित, विपिन और सागर के साथ गाजियाबाद रुपये लेने के बहाने से आया था। कनावनी-हिंडन मार्ग की रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
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तीन घंटे शहर में शव लेकर घूमता रहा और पुलिस ने कहीं नहीं रोका
जिले की पुलिसिंग पर अमित सैनी की हत्या ने सवाल खड़ा कर दिया है। एक हत्यारोपी शव को लेकर शहर में तीन घंटे तक सड़कों पर घूमता रहा, लेकिन ने एक स्थान पर भी उस कार की जांच नहीं की। यह हाल तब है जब सीजेपी का प्रदर्शन दिल्ली-एनसीआर में होना था। इसके बावजूद पुलिस सड़क पर नहीं दिखी। जो पुलिसकर्मी सड़क पर थे भी तो उन्होंने अपनी ड्यूटी सही से नहीं की।
असल हत्या की वजह रेस्तरां
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि अमित और विजय गुरुग्राम के माता शीतला मंदिर परिसर में ही रेस्तरां चलाते थे, लेकिन कुछ दिन से अमित का मन विजय शर्मा के रेस्तरां पर आया गया था। उसने कई बार विजय को भी कहा कि वह रेस्तरां सही से चला नहीं पा रहा है। इसलिए उसे दे दें। जब अमित सैनी को विजय ने जवाब नहीं दिया तो वह पूरे परिसर के ठेकेदार भाटी से मिला और उसने वियज को उससे नोटिस भी दिलवा दिया। इसके बाद विजय ने अमित की हत्या की साजिश रची।
आरोपी विजय को हिरासत में लेकर काफी पूछताछ की गई है और हत्या की वजह व तरीका पता चला है। वारदात को अंजाम देने वाले बाकी दो आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अमित के पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि
कुछ सवाल जो पुलिस के लिए बने हुए हैं पहेली
यदि अमित की विजय को हत्या करनी थी तो गुरुग्राम में ही वारदात को अंजाम क्यों नहीं दिया। ऐसी क्या बात थी कि गाजियाबाद को ही वारदात के लिए चुना, आखिर ऐसी क्या बात हुई कि उसने पुलिस को कॉल करके खुद बुलाया, अगर वह चाहता तो रास्ते में शव फेंककर भी भाग सकता था, उसके साथ कोई और व्यक्ति तो नहीं था। इन सभी सवालों के जवाब के लिए पुलिस हत्यारोपियों के पकड़े जाने का इंतजार कर रही है।