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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 7.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के नाम पर किराना के थोक विक्रेता व्यापारी अंकित गुप्ता के साथ 7.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों ने पीड़ित को भेजे लिंक पर पोर्टल डाउनलोड करने को कहा, जिस पर एसएमसी ग्लोबल ग्रुप के डायरेक्टर की फोटो भी लगी थी। पीड़ित अंकित गुप्ता ने शेयर बाजार की नामी कंपनी समझकर उस पर निवेश किया। खाते से रुपये नहीं निकलने पर पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
कविनगर क्षेत्र के पांडव नगर निवासी अंकित गुप्ता (38) ने बताया कि जनवरी माह में उन्हें एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को शेयर बाजार की नामचीन कंपनी एसएमसी ग्लोबल ग्रुप की-कंपनी का प्रतिनिधि बताया। शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया। पीड़ित को कंपनी का एक लिंक भेजा, जिस पर ग्रुप के डायरेक्टर की फोटो लगी थी। साइबर ठगों ने अकाउंट डिटेल भेजी और पीड़ित उनमें धनराशि ट्रांसफर करता गया। डी-मैट एकाउंट पर मुनाफा भी दर्शाया जाता रहा। ग्रुप पर केवल उन्हें बैंक अकाउंट की डिटेल और धनराशि का मैसेज मिलता था। पीड़ित ने करीब एक माह में सात लाख 80 हजार रुपये का निवेश किया। पीड़ित अंकुर गुप्ता ने डी-मैट खाते से मुनाफा निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। जानकारी करने पर कंपनी ने ऐसा ग्रुप संचालित होने से इन्कार किया। इसके बाद पीड़ित ने धनराशि वापस करने के लिए साइबर ठगों के ग्रुप पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि साइबर ठगों ने कुछ टैक्स बताकर अतिरिक्त धनराशि जमा करने का झांसा दिया। धोखाधड़ी होने का शक होते ही पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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कविनगर क्षेत्र के पांडव नगर निवासी अंकित गुप्ता (38) ने बताया कि जनवरी माह में उन्हें एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को शेयर बाजार की नामचीन कंपनी एसएमसी ग्लोबल ग्रुप की-कंपनी का प्रतिनिधि बताया। शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया। पीड़ित को कंपनी का एक लिंक भेजा, जिस पर ग्रुप के डायरेक्टर की फोटो लगी थी। साइबर ठगों ने अकाउंट डिटेल भेजी और पीड़ित उनमें धनराशि ट्रांसफर करता गया। डी-मैट एकाउंट पर मुनाफा भी दर्शाया जाता रहा। ग्रुप पर केवल उन्हें बैंक अकाउंट की डिटेल और धनराशि का मैसेज मिलता था। पीड़ित ने करीब एक माह में सात लाख 80 हजार रुपये का निवेश किया। पीड़ित अंकुर गुप्ता ने डी-मैट खाते से मुनाफा निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। जानकारी करने पर कंपनी ने ऐसा ग्रुप संचालित होने से इन्कार किया। इसके बाद पीड़ित ने धनराशि वापस करने के लिए साइबर ठगों के ग्रुप पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि साइबर ठगों ने कुछ टैक्स बताकर अतिरिक्त धनराशि जमा करने का झांसा दिया। धोखाधड़ी होने का शक होते ही पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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