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Ghaziabad News: कंपनी में निवेश के नाम पर 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी
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इंदिरापुरम। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के लोगों के साथ कंपनी में निवेश के नाम पर 100 करोड़ से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। इसकी रिपोर्टर दिल्ली के गांधीनगर निवासी रमेश ठाकुर ने राजीव और ललित कबाना के खिलाफ दर्ज कराई है। इसमें बताया गया है कि दोनों ने विदेशी मुद्रा व्यापार में निवेश के नाम पर रकम जमा कराई और हड़प ली। ललित मुख्य आरोपी है, जो दुबई भाग गया है।
दीपक ने बताया कि वह और उनका दोस्त संजय वर्मा काफी समय से साझेदारी में कारोबार कर रहे हैं। संजय भी गांधीनगर में ही रहता है। पांच साल 2020 में ही पहले दोनों ने स्वास्तिक गोल्ड क्रिएशन नाम से कंपनी बनाई। इसका आफिस नोएडा के सेक्टर 23 में खोला। कंपनी सोने में निवेश कराती थी। 2020 में ही कंपनी के दफ्तर में राजीव वर्मा मिलने के लिए आया।
उसने विदेशी मुद्रा व्यापार में निवेश की योजना बताई। इसमें मोटा मुनाफा होने का दावा किया। इसके बाद उसने नोएडा के सेक्टर 63 स्थित आफिस में बुलाया। यहां कबाना कैबिटल के बारे में बताया। कहा कि यह बड़ा ब्रोकर है जो निवेश कराता है। इसके बाद उसने ललित से मिलवाया। उसे कबाना कैपिटल का मालिक बताया।
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दोनों ने झूठ बोलकर उनसे 70 लाख रुपये जमा करा लिए। संजय से पांच लाख जमा कराए। संजय और दीपक ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से भी निवेश कराया। मोटे मुनाफे की उम्मीद में सबने रकम जमा करा दी। राजीव झांसे पर झांसा देता रहा। पांच साल में 100 करोड़ से ज्यादा उसे दिए लेकिन किसी की रकम वापस नहीं की।
झूठ बोलकर बंद कर दिया दफ्तर
दीपक ने बताया कि वे लोग जब रकम वापसी की मांग करते तो राजीव झूठ बोल देता। उसने कहा कि किसी ने विदेशी मुद्रा व्यापार करने वाली उनकी कंपनी की शिकायत कर दी है। इससे दिक्कत आ रही है। एक महीने में रकम मिल जाएगी लेकिन समय बीतने पर भी नहीं मिली। इसके बाद राजीव ने दफ्तर बंद कर दिया। ललित के बारे में पता चला कि वह दुबई भाग गया है। कुछ दिन पहले राजीव ने कह दिया कि उसे परेशान न किया जाए। वह बर्बाद हो चुका है। उसके पास पैसा नहीं बचा है।
राजीव और ललित कबाना के दफ्तर में दबिश दी गई। दोनों नहीं मिले। उनकी तलाश की जा रही है। केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है - अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम
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दीपक ने बताया कि वह और उनका दोस्त संजय वर्मा काफी समय से साझेदारी में कारोबार कर रहे हैं। संजय भी गांधीनगर में ही रहता है। पांच साल 2020 में ही पहले दोनों ने स्वास्तिक गोल्ड क्रिएशन नाम से कंपनी बनाई। इसका आफिस नोएडा के सेक्टर 23 में खोला। कंपनी सोने में निवेश कराती थी। 2020 में ही कंपनी के दफ्तर में राजीव वर्मा मिलने के लिए आया।
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उसने विदेशी मुद्रा व्यापार में निवेश की योजना बताई। इसमें मोटा मुनाफा होने का दावा किया। इसके बाद उसने नोएडा के सेक्टर 63 स्थित आफिस में बुलाया। यहां कबाना कैबिटल के बारे में बताया। कहा कि यह बड़ा ब्रोकर है जो निवेश कराता है। इसके बाद उसने ललित से मिलवाया। उसे कबाना कैपिटल का मालिक बताया।
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दोनों ने झूठ बोलकर उनसे 70 लाख रुपये जमा करा लिए। संजय से पांच लाख जमा कराए। संजय और दीपक ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से भी निवेश कराया। मोटे मुनाफे की उम्मीद में सबने रकम जमा करा दी। राजीव झांसे पर झांसा देता रहा। पांच साल में 100 करोड़ से ज्यादा उसे दिए लेकिन किसी की रकम वापस नहीं की।
झूठ बोलकर बंद कर दिया दफ्तर
दीपक ने बताया कि वे लोग जब रकम वापसी की मांग करते तो राजीव झूठ बोल देता। उसने कहा कि किसी ने विदेशी मुद्रा व्यापार करने वाली उनकी कंपनी की शिकायत कर दी है। इससे दिक्कत आ रही है। एक महीने में रकम मिल जाएगी लेकिन समय बीतने पर भी नहीं मिली। इसके बाद राजीव ने दफ्तर बंद कर दिया। ललित के बारे में पता चला कि वह दुबई भाग गया है। कुछ दिन पहले राजीव ने कह दिया कि उसे परेशान न किया जाए। वह बर्बाद हो चुका है। उसके पास पैसा नहीं बचा है।
राजीव और ललित कबाना के दफ्तर में दबिश दी गई। दोनों नहीं मिले। उनकी तलाश की जा रही है। केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है - अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम