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Ghaziabad News: रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 28 लाख की ठगी
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गाजियाबाद। तीन लोगों की रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर दो ठगों ने 28 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने कोर्ट के माध्यम से आरोपियों पर नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नूरनगर सिहानी गेट निवासी सुशांत का कहना है कि कालोनी में रहने वाले ओम वर्मा से उनका परिचय है। वर्ष 2017 में ओम वर्मा ने उनकी पहचान पवनेश कुमार व मेवालाल पांडेय निवासी सकलडीहा चंदौली से कराई। पवनेश ने अपना आई कार्ड दिखाया। जिसमें उसकी ड्यूटी हावड़ा रेलवे स्टेशन पर दिखाई गई थी। उसने सुशांत से रेलवे में नौकरी लगवाने का दावा किया। उनके राजी होने पर पवनेश ने उन्हें कोलकाता ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। जहां उन्हें रेलवे ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र दिया गया।
उन्होंने अन्य युवकों की नौकरी लगवाने को कहा जिस पर सुशांत ने अपनी बहन अनुराधा त्यागी व रिश्तेदार मनीष त्यागी के कागजात दे दिए। उन्होंने तीनों की नौकरी लगवाने के एवज में पवनेश ने 32 लाख की मांग की। उन्होंने 26.5 लाख रुपये दे दिए। बाकी रुपये नौकरी लगने के बाद देने को कहा लेकिन वह नहीं माना। जिस पर उन्होंने डेढ़ लाख रुपये उसके खाते में डाल दिए।
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उसने 20 दिन में नौकरी लगने का अश्वासन दिया लेकिन नौकरी नहीं लगी। उन्होंने रुपये वापस मांगे तो रुपये देने से मना कर दिया। पीड़ित ने आरोपियों की शिकायत पुलिस से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नूरनगर सिहानी गेट निवासी सुशांत का कहना है कि कालोनी में रहने वाले ओम वर्मा से उनका परिचय है। वर्ष 2017 में ओम वर्मा ने उनकी पहचान पवनेश कुमार व मेवालाल पांडेय निवासी सकलडीहा चंदौली से कराई। पवनेश ने अपना आई कार्ड दिखाया। जिसमें उसकी ड्यूटी हावड़ा रेलवे स्टेशन पर दिखाई गई थी। उसने सुशांत से रेलवे में नौकरी लगवाने का दावा किया। उनके राजी होने पर पवनेश ने उन्हें कोलकाता ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। जहां उन्हें रेलवे ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र दिया गया।
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उन्होंने अन्य युवकों की नौकरी लगवाने को कहा जिस पर सुशांत ने अपनी बहन अनुराधा त्यागी व रिश्तेदार मनीष त्यागी के कागजात दे दिए। उन्होंने तीनों की नौकरी लगवाने के एवज में पवनेश ने 32 लाख की मांग की। उन्होंने 26.5 लाख रुपये दे दिए। बाकी रुपये नौकरी लगने के बाद देने को कहा लेकिन वह नहीं माना। जिस पर उन्होंने डेढ़ लाख रुपये उसके खाते में डाल दिए।
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उसने 20 दिन में नौकरी लगने का अश्वासन दिया लेकिन नौकरी नहीं लगी। उन्होंने रुपये वापस मांगे तो रुपये देने से मना कर दिया। पीड़ित ने आरोपियों की शिकायत पुलिस से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।