LPG सब्सिडी में फर्जीवाड़ा: 3024 लोगों के खातों में हेरफेर कर गाजियाबाद के सात लोगों ने ऐसे किया खेल, FIR दर्ज
उपभोक्ताओं के खातों में सब्सिडी न आने की शिकायत पर गैस एजेंसी की ओर से इंडियन ऑयल कंपनी में शिकायत की गई। इसके बाद जांच शुरू हुई तो फर्जीवाड़ा सामने आया।
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गाजियाबाद स्थित बम्हेटा के रहने वाले सात लोगों ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के डेटाबेस में सेंधमारी कर एलपीजी कनेक्शन धारकों को मिलने वाली सब्सिडी हड़प ली। 3024 लोगों के खातों के नंबर बदलकर भारत सरकार से सब्सिडी के रूप में मिलने वाली लाखों की रकम का गबन किया है। कोर्ट के आदेश पर कविनगर पुलिस ने बम्हेटा में रहने वाले सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के तत्कालीन सेल्स हेड व अधिकृत प्रतिनिधि दिलीप रंगवानी की ओर से यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें मुकुल कुमार, सुरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, अनिल कुमार, रेवती, कल्लू सिंह और कमलेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सभी नामजद आरोपी गांव शाहपुर बम्हेटा के रहने वाले हैं।
दिलीप रंगवानी के मुताबिक कंपनी की ओर से असम के दरांग जिले में हिरिंबा गैस एजेंसी के नाम से उनका डिस्ट्रीब्यूटर है। इन सभी आरोपियों ने दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस में फर्जीवाड़ा कर 15 अक्टूबर 2018 से 11 नंवबर 2018 के बीच 3024 कनेक्शन धारकों के खाता नंबर बदल दिए और इन्हें मिलने वाली सब्सिडी अपने फर्जी खातों में ले ली। इनमें 2044 कनेक्शन धारक हिरिंबा गैस एजेंसी के हैं, जबकि अन्य एजेंसियों के कनेक्शन धारकों के साथ भी फर्जीवाड़ा कर उनकी सब्सिडी हड़पी गई है।
उपभोक्ताओं के खातों में सब्सिडी न आने की शिकायत पर गैस एजेंसी की ओर से इंडियन ऑयल कंपनी में शिकायत की गई। इसके बाद जांच शुरू हुई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और पता करने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों तक गैस एजेंसी के कनेक्शन धारकों का डाटा कैसे पहुंचा।
पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर तो कोर्ट गए अधिकारी
इंडियन ऑयल के तत्कालीन सेल्सहेड दिलीप रंगवानी का कहना है कि फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर उन्होंने 25 नवंबर 2019 को थाना विनगर में शिकायत की। इसके बाद 28 नवंबर को एसएसपी को शिकायत दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में याचिका दाखिल की। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते सुनवाई टल गई। अब कोर्ट ने सुनवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद कविनगर पुलिस ने सात लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की है।