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गाजियाबाद में गोरखधंधा : बिना पते के बना रहे थे आधार कार्ड, महिला है फर्जीवाड़े की मास्टरमाइंड
Sun, 30 Jan 2022 05:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 30 Jan 2022 05:50 AM IST
सार
यूआईडीएआई का सॉफ्टवेयर असम से रिमोट के जरिये गाजियाबाद में हो रहा था संचालित। 150 -200 रुपये प्रति आधार कार्ड के कमीशन पर रखा था स्टाफ। एक ही बिल्डिंग में तीन ऑफिस खोलकर चल रहा था फर्जीवाड़ा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
आंबेडकर रोड यमनोत्री बिल्डिंग से फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला पकड़ा गया गिरोह बिना पते के भी आधार कार्ड बना रहा था। जिनका पता नहीं होता था उनके आवेदन फार्म में फर्जी पता डालते थे। प्रमाण के लिए वे पार्षद और प्रधानाचार्य की फर्जी मुहर का इस्तेमाल करते थे।
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यूआईडीएआई के सॉफ्टवेयर को गाजियाबाद में असम से एनी डेस्क (रिमोट एप) के जरिये चलाया जा रहा था। इसकी जानकारी गिरोह के सदस्यों से पूछताछ और उनके पास से बरामद डाटा से मिली है।
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गिरोह के सदस्य असम की यूआईडीएआई की सुपरवाइजर और ऑपरेटर की आईडी को रिमोट एप व सॉफ्टवेयर के जरिये गाजियाबाद में इस्तेमाल करते थे और इसे लॉगिन करने के लिए उसके रबर के बने अंगूठा निशान और रेटिना के हाई डेफिनेशन फोटो का इस्तेमाल करते थे।
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पुलिस ने बताया कि आरोपी एक आईडी को रिमोट एप के जरिए एक से ज्यादा जगह संचालित कर रहे थे। आरोपी रोजाना सैकड़ों आधार कार्ड बना रहे थे। गिरोह ने केंद्र पर फर्जी फर्म बनाकर फ्रंटेक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड का बोर्ड लगा रखा था, जिससे किसी को फर्जी आधार केंद्र के बारे में जानकारी न लग सके।
जो व्यक्ति आधार कार्ड बनवाने के बाद अन्य दस्तावेज बनवाने को कहता था, उनके पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र आदि भी बना देते थे। इसे देखते हुए आशंका है कि गिरोह के सदस्यों के तार ऐसे व्यक्ति से जुड़े हैं जो चुनाव के लिए वोटर कार्ड बना रहा है।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि इस संबंध में यूआईडीएआई को सूचना दी गई है। एटीएस व अन्य एजेंसियों को भी जांच के लिए संपर्क किया जाएगा।
गिरोह की मास्टर माइंड मूलरूप से बिजनौर की रहने वाली
पुलिस के मुताबिक गिरोह की मास्टर माइंड जया चौहान मूलरूप से बिजनौर की रहने वाली है। जो हाल में गाजियाबाद में रह रही है। पुलिस ने जया चौहान के घर से भी फिंगर प्रिंट की रबड़, लैपटॉप समेत अन्य सामान बरामद किया है। गिरोह के सदस्यों ने बताया कि जया का सीधा संपर्क असम की कंपनी से था। जिसने इस गिरोह की शुरूआत की। वहीं पुलिस फरार जया चौहान, सैफी, जितेंद्र अग्रवाल समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फर्जी आधार निरस्त होंगे, यूआईडीएआई को दिया डाटा : एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने जिन लोगों के फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं। उन्हें चिन्हित करने के लिए यूआईडीएआई को सूचना दी गई है। जो डाटा खंगालकर उनके आधार कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई करेगी।